फॉर्च्यूनर आगे-आगे, पीछे चल रही थी नेक्सॉन; मोतिहारी में पुलिस ने रोका तो बदमाश भागा, मगर खुल गया जाली नोटों का राज

फॉर्च्यूनर आगे-आगे, पीछे चल रही थी नेक्सॉन; मोतिहारी में पुलिस ने रोका तो बदमाश भागा, मगर खुल गया जाली नोटों का राज


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Motihari fake currency racket: बिहार के पूर्वी चंपारण में पुलिस ने जाली नोटों के कारोबार और रुपए की हेराफेरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है. हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मानिकपुर चौक पर वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति को लाखों रुपये के साथ गिरफ्तार किया है. उसके मोबाइल से जाली नोटों के कारोबार से जुड़ी संदिग्ध चैट, वीडियो और एक ही सीरियल नंबर वाले पांच नोटों की तस्वीरें मिली हैं. पुलिस ने इस मामले में मोतिहारी और बेतिया में छापेमारी कर हथियार के कारतूस भी बरामद किए हैं. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िये.

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मोतिहारी अरेराज एसडीपीओ पंकज मिश्रा ने जाली नोटों के गिरोह की जानकारी साझा की.

मोतिहारी. पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाली नोट के कारोबार और रुपए की हेराफेरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है. पुलिस ने मानिकपुर चौक पर वाहन जांच के दौरान एक व्यक्ति को 19 लाख 98 हजार 500 रुपए के साथ गिरफ्तार किया है. उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ. गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बरहलगंज थाना क्षेत्र निवासी 35 साल के रोहित कुमार शाही के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, मोबाइल की जांच में जाली नोट के कारोबार से संबंधित संदिग्ध चैट और वीडियो भी मिले हैं.

अरेराज डीएसपी पंकज कुमार मिश्रा ने बताया कि डायल-112 की पुलिस टीम को सूचना मिली कि यूपी नंबर की एक फॉर्च्यूनर और उसके पीछे चल रही नेक्सॉन कार में सवार कुछ लोग मोतिहारी से अरेराज की ओर जा रहे हैं. सूचना के आधार पर एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर डीएसपी के नेतृत्व में हरसिद्धि पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. पुलिस ने मानिकपुर चौक पर वाहन जांच शुरू की, लेकिन इसी बीच फॉर्च्यूनर कार तेजी से निकल गई. उसके पीछे आ रही नेकॉसॉन कार को जांच के लिए रोका गया. इसी दौरान कार से उतरकर एक व्यक्ति बैग लेकर भागने का प्रयास कर रहे एक व्यक्ति को पुलिस बल ने पकड़ लिया. हालांकि, नेक्सॉन कार में सवार अन्य लोग भागने में सफल रहे.

आगे की जांच में क्या मिला?

पुलिस ने पकड़े गए व्यक्ति के बैग की तलाशी ली तो उसमें 500 रुपए के नोटों के 40 बंडल मिले. कुल 3,997 नोटों की कीमत 19 लाख 98 हजार 500 रुपए बताई गई है. वहीं, रुपए के स्रोत के संबंध में पूछताछ करने पर गिरफ्तार व्यक्ति संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। वह लगातार अपना बयान बदल रहा था. पुलिस के अनुसार, बरामद राशि से संबंधित कोई वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किया गया. पुलिस ने बताया कि, गिरफ्तार व्यक्ति के मोबाइल की जांच में फॉर्च्यूनर कार में सवार सोनू सिंह के साथ जाली नोट से संबंधित चैट मिली. मोबाइल के रीसायकल बिन में एक ही नंबर वाले पांच नोटों की तस्वीरें भी मिलीं. इसके अतिरिक्त जाली नोट से संबंधित कई वीडियो भी बरामद किए गए हैं.

छापेमारी में कारतूस बरामद

पूछताछ में गिरफ्तार व्यक्ति ने कथित तौर पर बताया कि फॉर्च्यूनर और नेक्सन कार में सवार लोग गोरखपुर के निवासी हैं और बेतिया में जाली नोट के कारोबार से जुड़े हैं. पुलिस इस बयान की जांच कर रही है. गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों और कारोबार से जुड़े लोगों का पता लगाने के लिए मोतिहारी और बेतिया जिले में कई ठिकानों पर छापेमारी की है. इस दौरान पश्चिमी चंपारण जिले के बानुछापर थाना क्षेत्र के बेलवा निवासी अशोक मिश्रा के घर से .350 बोर के 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए. इस मामले में बानुछापर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

मोतिहारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मोतिहारी अरेराज एसडीपीओ पंकज मिश्रा के अनुसार, अशोक मिश्रा पर नोटों की हेराफेरी से संबंधित करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं. इस मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और जाली नोटों की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह के दूसरे सदस्यों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है. मोबाइल में मिले संदिग्ध डिजिटल साक्ष्यों और बरामद नकदी के स्रोत का भी पता लगाया जा रहा है. पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि बरामद रुपये असली हैं या जाली नोटों के कारोबार से जुड़े हैं और इस नेटवर्क का विस्तार किन-किन जिलों तक है.



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