सचिन का वह अछूता किला, जहां पूरे करियर में नहीं लगा पाए एक भी शतक
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क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने दुनियाभर में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया, लेकिन उनके पूरे करियर में एक ऐसा अनलकी मैदान भी रहा, जहां उनके बल्ले से एक भी शतक नहीं आया है. यह कोई और मैदान नहीं, बल्कि क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाला लॉर्ड्स है. सचिन यहां एक भी शतक नहीं लगा पाए हैं.
सचिन तेंदुलकर
नई दिल्ली: लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान को क्रिकेट का मक्का कहा जाता है. इस मैदान पर दुनिया के हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह एक बार खेले और शतक लगाकर बल्ला हवा में उठाए, लेकिन हर किसी का यह सपना पूरा नहीं होता है. उस लिस्ट में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले खुद सचिन तेंदुलकर भी हैं. सचिन ने अपने पूरे करियर में दुनिया भर में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया, लेकिन लॉर्ड्स ही एक ऐसा मैदान है, जिसके किले को वह नहीं भेद पाए.
दरअसल, सचिन के लिए लॉर्ड्स का मैदान एक तरह से अनलकी साबित हुआ. क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले सचिन लॉर्ड्स के मैदान पर कभी बल्ला हवा में नहीं उठा पाए. यानी इस मैदान पर सचिन अपने पूरे करियर में वनडे या टेस्ट, किसी में भी शतक नहीं लगा पाए. सचिन ने अपने करियर में लॉर्ड्स पर वनडे और टेस्ट को मिलाकर कुल 8 इंटरनेशनल मैच खेले. इसमें टेस्ट की बात करें, तो उन्होंने 5 मैचों में सिर्फ 195 रन बनाए, जबकि तीन वनडे मैचों में उनके नाम सिर्फ 45 रन दर्ज हैं.
सचिन के नाम क्रिकेट में 100 शतकों का रिकॉर्ड
बता दें कि सचिन तेंदुलकर दुनिया के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने क्रिकेट में 100 शतक लगाने का कारनामा किया है. सचिन ने टेस्ट में 51 और वनडे में 49 शतक लगाए हैं. हालांकि, लॉर्ड्स में एक भी शतक नहीं लगा पाने का उन्हें जरूर मलाल रहेगा. इसके अलावा, सचिन तेंदुलकर के नाम सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है.
सचिन ने भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में 34 हजार से ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया है. सचिन भारत के लिए 200 टेस्ट और 463 वनडे मैचों में मैदान पर उतरे. टेस्ट की बात करें, तो उन्होंने 15,921 रन बनाए हैं. इस फॉर्मेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 248 रन का रहा. वहीं, वनडे की बात करें, तो सचिन ने 18,426 रन बनाए हैं. वनडे में उनका सर्वोच्च स्कोर 200 रन का है. वनडे में सचिन ही पहले ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था.