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फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने बताया है कि पाकिस्तान पर पुराने एक्शन प्लान के तहत निगरानी अक्टूबर 2022 में समाप्त हो चुकी है. हालांकि सुधारों की प्रक्रिया पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. अब मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली क्षेत्रीय संस्था एशिया-पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) अगले म्यूचुअल इवैल्यूएशन के दौरान पाकिस्तान के सभी सुधारों का नए सिरे से मूल्यांकन करेगी.
एफएटीएफ की सीधी नजर हटी, लेकिन पाकिस्तान के बैंकिंग सिस्टम की अब एपीजी करेगा पड़ताल. (AI Generated Image)
नई दिल्ली: फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी एफएटीएफ ने पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति साफ की है. वैश्विक संस्था के मुताबिक, पाकिस्तान पर पुराने एक्शन प्लान की निगरानी अक्टूबर 2022 में खत्म हो चुकी है. पाकिस्तान को जब ग्रे लिस्ट में डाला गया था तब उसे एक कड़ा एक्शन प्लान सौंपा गया था. उस समय तय शर्तों को पूरा करने के बाद पाकिस्तान को अक्टूबर 2022 में ग्रे लिस्ट से बाहर कर दिया गया था. इसके बावजूद पाकिस्तान की वित्तीय व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रडार से बाहर नहीं हुई है.
एफएटीएफ के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग से जुड़े सुधारों की प्रक्रिया अभी जारी है. अब इसकी जांच की जिम्मेदारी क्षेत्रीय संस्था एशिया-पैसिफिक ग्रुप को सौंपी गई है. इस नए अपडेट के बाद पाकिस्तान के बैंकिंग सुधारों पर एक बार फिर दुनिया का ध्यान टिक गया है.
क्या पाकिस्तान को एफएटीएफ से मिल चुकी है क्लीन चिट?
एफएटीएफ ने स्पष्ट किया है कि ग्रे लिस्ट से बाहर आने का मतलब यह नहीं है कि निगरानी खत्म हो गई. संस्था के अनुसार पाकिस्तान ने पुराने एक्शन प्लान के तहत सभी जरूरी बिंदुओं पर काम पूरा कर लिया था. इसी आधार पर अक्टूबर 2022 में उसे ग्रे लिस्ट से मुक्त किया गया था. हालांकि वित्तीय गड़बड़ियों को रोकने की व्यवस्था एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है.
एशिया-पैसिफिक ग्रुप अब पाकिस्तान का किस तरह करेगा नया मूल्यांकन?
एफएटीएफ की क्षेत्रीय शाखा के रूप में काम करने वाला एशिया-पैसिफिक ग्रुप यानी एपीजी अब इस पूरे मामले की कमान संभाल रहा है. पाकिस्तान लगातार एपीजी के संपर्क में है और वित्तीय सुधारों की जानकारी साझा कर रहा है. एपीजी आने वाले कुछ सालों में पाकिस्तान का नए सिरे से म्यूचुअल इवैल्यूएशन करेगा.
इस मूल्यांकन के दौरान पाकिस्तान के बैंकिंग सिस्टम और कानूनी सुधारों की गहन पड़ताल की जाएगी. संस्था यह परखेगी कि नियमों को जमीन पर कितनी सख्ती से लागू किया गया है. इस नए मूल्यांकन का पूरा शेड्यूल एपीजी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है.
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