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Gwalior News: मध्य प्रदेश में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. HC ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर बेल दी है.
डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर के खिलाफ इसी साल जून में FIR दर्ज हुई थी.
रिपोर्ट- सुशील कौशिक, ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार डिप्टी कलेक्टर को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. गिरफ्तारी के 149वें दिन डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को राहत मिली है. हाईकोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है. मुरैना के सिविल लाइन थाने में 3 जून 2026 को पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़िता का आरोप था कि फेसबुक पर दोस्ती के बाद वे दोनों 30 मार्च 2025 को पहली बार मिले थे और अरविंद माहौर ने कार की पिछली सीट पर उसकी मर्जी के खिलाफ दुष्कर्म किया था. बाद में आरोपी ने शादी का भरोसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए.
अरविंद माहौर की ओर से एडवोकेट रिंकू राठौर ने दलील दी कि पीड़िता के बयान और व्हाट्सएप चैट से आपसी सहमति के संबंध सामने आते हैं. आरोप तय हो चुके हैं लेकिन ट्रायल कोर्ट में उपस्थित होने के बावजूद गवाही दर्ज नहीं हुई. वकील द्वारा पीड़िता की गवाही दर्ज नहीं होना और हिरासत अवधि को आधार बनाते हुए जमानत मांगी गई.
दो जमानत अर्जियां मेरिट पर खारिज
जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर अरविंद माहौर की रिहाई का आदेश दिया है. बता दें कि इससे पहले दो जमानत अर्जियां मेरिट पर खारिज हो चुकी थीं. गिरफ्तारी के बाद अरविंद माहौर को निलंबित भी कर दिया गया था.
अरविंद माहौर पर शिकायतकर्ता परिवार को धमकाने का आरोप
गौरतलब है कि अरविंद माहौर का नाम इससे पहले भी एक मामले में सामने आ चुका है. माहौर पर सबलगढ़ में पदस्थापना के दौरान एक महिला से अभद्र व्यवहार करने और शिकायतकर्ता परिवार को धमकाने के आरोप लगे थे. उस समय इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पिछले साल सितंबर में उन्हें निलंबित कर दिया था.