बारिश से कैसे बचाएं कटी हुई धान की फसल? सीधी के किसान अपना रहे यह देसी तरीका
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Agri: सीधी जिले के ग्राम अमल्लकपुर के रहने वाले किसान राजभान पटेल के द्वारा जानकारी देकर बताया गया कि धान के फसल की कटाई उनके द्वारा कराई गई. कुछ फसल को इकट्ठा करके उसके ऊपर बारिश से बचने के लिए पॉलिथीन का उपयोग किया गया, लेकिन उसमें भी 50% ही बचाया जा सकता है. उनके द्वारा बताया गया कि जिन फसलों को काटकर खेत में छोड़ दिया गया है वह फसल पूरी नष्ट हुई है.
ओंकार प्रसाद मिश्रा(सीधी),
Unseasonal Rain Damage Crop: सीधी जिले में लगातार बारिश का दौर फिर से प्रारंभ हो चुका है, जिसकी वजह से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है. किसानों ने बताया गया कि अचानक से हो रही बारिश से उन्हें काफी नुकसान हो रहा है और उनके धान की फसल पर बारिश का असर ज्यादा हो रहा है. सीधी जिले के ग्राम अमल्लकपुर के रहने वाले किसान राजभान पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि धान की फसल की कटाई उनके द्वारा कराई गई. कुछ फसल को इकट्ठा कर उस बारिश से बचने के लिए उसके ऊपर पॉलिथीन का उपयोग किया गया.
बारिश से हुआ नुकसान
लेकिन उसमें से भी 50% ही बचाया जा सका. उन्होंने बताया गया कि जिन फसलों को काटकर खेत में छोड़ दिया गया है. वह फसल पूरी तरीके से बर्बाद हो जाएगी और किसानों को काफी नुकसान भी होगा. उन्होंने बताया कि अगर बारिश इसी प्रकार से दो से तीन दिन होगी तो उनकी सारी फसल बर्बाद हो जाएगी और किसानों की चिंता बढ़ जाएगी. इसलिए उन्होंने पन्नी लगाकर फसल को बचाने का कार्य कर रहे हैं.
बारिश से धान की फसल
किसानों ने जानकारी देकर बताया कि इस बार हो रही बारिश से धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है. इसके अलावा तिली और उर्दा की फसल पर भी काफी प्रभाव इसका पड़ेगा. यह भी फसल खराब हो सकती है. उन्होंने बताया कि इस बारिश से अरहल की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं होगा. लेकिन धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है. सबसे ज्यादा धान की खेती करने वाले किसानों को नुकसान होगा.