रोज-रोज टोल देने का झंझट होगा खत्म, जान लें कितना करना होगा खर्च
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Toll Tax News: देशभर में हजारों रूट्स पर टोल प्लाजा हैं. यहां से गुजरने वाले वाहनों को हर दिन टोल चुकाना पड़ता है. सरकार ने इसको लेकर अब बड़ा फैसला लिया है. वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने वाली है.
अब रोज-रोज टोल देने के झंझट से मुक्ति मिलेगी. (सांकेतिक तस्वीर)
Toll Tax News: देशभर के करोड़ों वाहन चालकों के लिए राहत वाली खबर है. खासकर टोल प्लाजा के आसपास रहने वालों के लिए तो यह किसी वरदान से कम नहीं होने वाला है. टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों को अब रोजाना टोल टैक्स देने से राहत मिलने वाली है. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों के लिए रियायती सालाना पास की व्यवस्था शुरू करने का फैसला किया है. इसके तहत वाहन मालिक सालाना 1,500 या 3,000 रुपये देकर संबंधित टोल प्लाजा के लिए पास बनवा सकेंगे. नई व्यवस्था एक नवंबर 2026 से लागू होगी.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 26 अक्टूबर को इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी. नए नियमों का उद्देश्य टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले उन लोगों को राहत देना है, जिन्हें रोजाना आवागमन के दौरान बार-बार टोल शुल्क चुकाना पड़ता है. नियमों के मुताबिक, टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निजी वाहन मालिक इस रियायती पास के लिए पात्र होंगे. इसके लिए वाहन पर वैध और चालू FASTag होना जरूरी है। साथ ही वाहन का इस्तेमाल गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए. यह पास केवल उसी टोल प्लाजा पर मान्य होगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है. दूसरे टोल प्लाजा से गुजरने पर वाहन मालिकों को सामान्य नियमों के तहत शुल्क देना होगा.
नगरपालिका क्षेत्र के हिसाब से तय होगा शुल्क
सरकार ने टोल प्लाजा की स्थिति के आधार पर सालाना पास की दो दरें निर्धारित की हैं. नगरपालिका या स्थानीय शहरी क्षेत्र की सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए वाहन मालिकों को सालाना 1,500 रुपये देने होंगे. वहीं, नगरपालिका या स्थानीय शहरी क्षेत्र की सीमा के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए सालाना शुल्क 3,000 रुपये होगा. वाहन मालिक चाहें तो इस नई व्यवस्था के बजाय पहले से उपलब्ध मासिक पास का विकल्प भी चुन सकते हैं.
…फिर नहीं मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था सभी टोल प्लाजा पर लागू नहीं होगी. जिन राष्ट्रीय राजमार्गों या एक्सप्रेसवे पर क्लोज्ड यूजर फीस कलेक्शन सिस्टम के तहत शुल्क वसूला जाता है, वहां रियायती स्थानीय पास जारी नहीं किया जाएगा. इसके अलावा, यदि टोल प्लाजा के आसपास वाहन चालकों के लिए सर्विस रोड या वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है, तो वे इस पास के पात्र नहीं होंगे. सरकार हर साल एक अप्रैल को पास की दरों में संशोधन कर सकेगी. इस तरह स्थानीय निवासियों को टोल भुगतान के लिए सालाना खर्च का विकल्प मिलेगा, हालांकि इसका लाभ निर्धारित पात्रता और शर्तें पूरी करने वाले वाहन मालिकों को ही मिलेगा.