शेफाली वर्मा ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बैटर बनीं

शेफाली वर्मा ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बैटर बनीं


होमखेलक्रिकेट

शेफाली का वर्ल्ड रिकॉर्ड, कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बैटर बनीं

Last Updated:

Shafali Verma most t20i runs in calendar year: भारतीय महिला टीम की धाकड़ ओपनर शेफाली वर्मा ने महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया है. एशियाई खेल 2026 के खिताबी मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए वह एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की लौरा वोल्वार्ड्ट का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

Zoom

शेफाली वर्मा टी20 इंटरनेशनल में एक वर्ष में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं.

नई दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर शेफाली वर्मा ने महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक नया इतिहास रच दिया है. एशियाई खेल 2026 महिला क्रिकेट फाइनल मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ उतरते ही उन्होंने एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया जो दुनिया की कोई और महिला बल्लेबाज नहीं कर सकी है. शेफाली अब एक कैलेंडर वर्ष में महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं. इस ऐतिहासिक उपलब्धि तक पहुंचने के लिए उन्हें श्रीलंका के खिलाफ खिताबी मुकाबले में मात्र 10 रनों की दरकार थी. अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर दाएं हाथ की इस युवा खिलाड़ी ने अपनी पारी की सातवीं गेंद पर ही यह जादुई आंकड़ा छू लिया और विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.

शेफाली वर्मा (Shafali Verma) से पहले यह बड़ा रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका की दिग्गज बल्लेबाज लौरा वोल्वार्ड्ट के नाम था. लौरा ने इसी साल यानी 2026 में 24 मैच खेलकर 824 रन बनाए थे, जिसमें उनके नाम दो शतक और चार अर्धशतक शामिल थे. श्रीलंका के खिलाफ अपना 10वां रन बनाते ही शेफाली के 2026 में 825 रन हो गए और उन्होंने लौरा को पीछे छोड़ दिया. एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक रनों के इस विशेष क्लब में अब शेफाली सबसे ऊपर हैं. उनके बाद लौरा वोल्वार्ड्ट (824 रन) और हांगकांग की नताशा माइल्स का नंबर आता है जिन्होंने 27 मैचों में 800 रन बनाए हैं. इस सूची में संयुक्त अरब अमीरात की ईशा ओझा भी हैं, जिन्होंने 2025 में 779 रन बनाए थे, जबकि हांगकांग की यास्मीन दासवानी के नाम भी 2026 में 779 रन दर्ज हैं. भारत की स्मृति मंधाना ने 2024 में 763 रन बनाए थे, और श्रीलंका की चमारी अथापथु 2026 में 721 रन बना चुकी हैं. दुनिया भर की इन तमाम दिग्गजों को पछाड़ते हुए शेफाली का शीर्ष पर पहुंचना उनके असाधारण फॉर्म को दर्शाता है.

शेफाली के लिए 2026 करियर का स्वर्णिम वर्ष
साल 2026 शेफाली वर्मा के करियर के लिए एक स्वर्णिम वर्ष साबित हो रहा है. इस साल खेले गए अपने 24 मैचों में उन्होंने दुनिया भर के गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस किया है. अब तक वह एक शतक और सात बेहतरीन अर्धशतक जड़ चुकी हैं. दिलचस्प बात यह है कि अगर वह श्रीलंका के खिलाफ इस स्वर्ण पदक मैच में अर्धशतक पूरा कर लेती हैं, तो वह एक कैलेंडर वर्ष में नौ 50-प्लस स्कोर बनाने वाली दुनिया की पहली महिला खिलाड़ी बन जाएंगी. हाल के मैचों में तो उनका बल्ला आग उगल रहा है. अपनी पिछली चार टी20 पारियों में उन्होंने दो धुआंधार अर्धशतक और एक शानदार शतक लगाया है. एशियन गेम्स के क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ मात्र 15 गेंदों पर 266.66 की स्ट्राइक रेट से 40 रनों की नाबाद पारी खेलकर उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए थे. इसके बाद सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 49 गेंदों पर तीन चौकों और नौ गगनचुंबी छक्कों की मदद से 100 रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली, जिसने भारत को फाइनल का टिकट दिलाया.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हुआ ऐतिहासिक सफर
शेफाली के इस ऐतिहासिक सफर की शुरुआत फरवरी महीने में ऑस्ट्रेलिया दौरे से हुई थी. सिडनी में उन्होंने 11 गेंदों में 21 रन बनाकर अपने आक्रामक तेवर दिखाए, और फिर कैनबरा में 23 गेंदों में 29 रन बनाए. इसके बाद अप्रैल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनका असली रंग देखने को मिला. डरबन में उन्होंने पहले 20 गेंदों पर 170 की स्ट्राइक रेट से 34 रन ठोके, और फिर अगले ही मैच में 38 गेंदों पर सात चौकों और दो छक्कों की मदद से 57 रनों की तेज पारी खेली. जोहान्सबर्ग में भी उनका बल्ला नहीं रुका और उन्होंने 46 गेंदों में 64 रन जड़े.

इंग्लैंड और यूरोप दौरे पर भी दिखा बल्ले का दम
मई के अंत और जून में इंग्लैंड और यूरोप के दौरों पर उन्होंने अपनी निरंतरता बनाए रखी. ब्रिस्टल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 14 गेंदों में 22 रन और टॉनटन में 6 गेंदों में 11 रन बनाए. इसके बाद लीड्स में नीदरलैंड्स के खिलाफ उन्होंने 38 गेंदों में 10 चौकों की मदद से 55 रनों की शानदार पारी खेली. मैनचेस्टर में दक्षिण अफ्रीका (15 गेंदों में 31 रन) और बांग्लादेश (34 गेंदों में 53 रन) के खिलाफ खेलकर उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी. जून के अंत में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने 26 गेंदों में 34 रन बनाए. अगस्त में दुबई में थाईलैंड के खिलाफ 36 गेंदों में 64 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर उन्होंने अपने शानदार फॉर्म को आगे बढ़ाया.

रिकॉर्ड्स के नाम रहा सितंबर का महीना
सितंबर का महीना शेफाली के लिए पूरी तरह से रिकॉर्ड तोड़ने वाला साबित हुआ. दुबई में हांगकांग के खिलाफ उन्होंने मात्र 17 गेंदों में 28 रन बनाए, और फिर पाकिस्तान के खिलाफ 6 गेंदों में 200 की स्ट्राइक रेट से 12 रन जड़े. बांग्लादेश के खिलाफ 10 सितंबर को उन्होंने 40 गेंदों में 64 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली और 13 सितंबर को श्रीलंका के खिलाफ 39 गेंदों में 68 रन बनाकर अपनी बादशाहत कायम रखी. इसके बाद एशियाई खेलों के लिए निशिन पहुंचने पर उनके बल्ले ने जो तबाही मचाई, वह अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुकी है. जापान, बांग्लादेश और अब श्रीलंका के खिलाफ उनकी निरंतर आक्रामक पारियों ने न केवल भारत को एशियन गेम्स में मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि उन्हें दुनिया की सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाज के रूप में भी स्थापित कर दिया है. शेफाली की यह यात्रा साबित करती है कि जब बेखौफ अंदाज और प्रतिभा का सही तालमेल होता है, तो क्रिकेट के मैदान पर कोई भी रिकॉर्ड सुरक्षित नहीं रहता.



Source link