पाकिस्तानी F-16 के ‘बाप’ के साथ तेजस की जुगलबंदी…. जानिए कितना खास है जापान का F-2A लड़ाकू विमान

पाकिस्तानी F-16 के ‘बाप’ के साथ तेजस की जुगलबंदी…. जानिए कितना खास है जापान का F-2A लड़ाकू विमान


Agency:एजेंसियां

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जापान के किसी भी लड़ाकू विमान ने पहली बार भारत में उड़ान भरी है. यह F-2A लड़ाकू विमान था, जिसे F-16 से बड़ा और हाईटेक है. राजस्थान के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर चल रहे वीर गार्जियन युद्धाभ्यास में जापान का यह फाइटर जेट उड़ान भर रहा है.

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जापान का F-2A विमान (फोटो-JASDF)

भारत का तेजस जापान के उस लड़ाकू विमान के साथ जुगलबंदी कर रहा है जो पाकिस्तानी F-16 फाइटर जेट का बाप है. राजस्थान के आसमान में पहली बार जब ये दोनों विमान साथ नजर आए तो नजारा बेहद खास हो गया. यह मौका इसलिए भी खास था, क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है जब जापान के किसी लड़ाकू विमान ने भारत में उड़ान भरी. इस मौके का साक्षी बनने के लिए भारतीय सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के चीफ और स्टाफ जनरल ताकेहिरो मोरीटा मौजूद रहे.

जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन जापान और भारत मिलकर युद्धाभ्यास कर रहे हैं. इस संयुक्त युद्धाभ्यास को वीर गार्जियन-2026 नाम दिया गया है. इसका उद्देश्य दोनों देशों की वायुसेना के बीच तालमेल बैठाना है. इसके अलावा हवाई युद्ध कौशल को निखारना भी इसका मुख्य उद्देश्य है. युद्धाभ्यास में भारत की ओर से राफेल, तेजस और सुखोई-30MKi जैसे विमान शामिल हैं, जबकि जापान ने पहली बार भरत में अपना अतयाधुनिक F-2A लड़ाकू विमान भेजा है.

कितना खास है F-2A विमान?

जापान का F-2A विमान बेहद खास है जो दिखने में F-16 जैसा लगता है जो पाकिस्तान यूज करता है. हालांकि मूल रूप से F-16 अमेरिका का विमान है. जापान का F-2A इससे बहुत हाईटेक है, जिसे अमेरिका के साथ मिलकर ही बनाया गया है. इसका उद्देश्य जापान के समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा करना है. इसका मॉडल भले ही F-16 जैसा दिखता है, लेकिन इसके विंग ही तकरीबन 25 प्रतिशत तक बड़े हैं. इसमें ज्यादा फ्यूल आ सकता है और ये F-16 से ज्यादा हथियार ले जा सकता है. ज्यादा लंबी दूरी तक मार भी कर सकता है.

इसकी सबसे बड़ी खासियत AESA रडार है. इसे दुनिया के पहले ऑपरेशन लड़ाकू विमानों में गिना जाता है, जिसमें AESA रडार लगाया गया है. यह एक साथ कई टारगेट ट्रैक कर लंबी दूरी पर दुश्मन को खोज सकता है. समुद्री सीमाएं होने के लिहाज से ही इसे तैयार किया गया है. यह अपने साथ कई एंटी शिप मिसाइलें लेकर दुश्मन के युद्धपोतों पर अटैक कर सकता है.

यह फाइटर जेट हल्का होता है, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत ज्यादा है जो मैक-2 तक की स्पीड हासिल कर सकता है. यानी आवाज से दो गुना ज्यादा स्पीड, जिसकी अधिकतम रेंज तकरीबन 2900 किलोमीटर तक है.

वीर-गार्जियन में क्या-क्या हो रहा?

वीर गार्जियन एक संयुक्त अभ्यास में जिसमें दोनों देश करीबी मुकाबले की प्रैक्टिस करते हैं, जैसा की लड़ाई में होता है. एयर डिफेंस मिशन होते हैं. इसके अलावा संयुक्त हवाई अभियान किए जा रहे हैं, जिसमें एक काल्पनिक टारगेट को डिस्ट्रॉय किया जाता है, ताकि दोनों देशों की वायुसेना के बीच तालमेल बढ़ सके. दोनों वाुयसेनाएं एक दूसरे के साथ युद्ध रणनीति, मिशन प्लानिंग और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को समझ रही हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक यह सिर्फ एक संयुक्त अभ्यास नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी का संकेत भी है.

जापानी चीफ ऑफ स्टाफ ने तेजस में बढ़ी उड़ान

संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान जापान के एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल ताकेहिरो मोरीना ने भारत के स्वदेशी फाइटर जेट तेजस में उड़ान भरी. लगभग 20 से 25 मिनट तक चली इस उड़ान को लीड भारतीय वायुसेना के एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने किया जो खुद अकेले तेजस को उड़ा रहे थे. जापान के चीफ ऑफ स्टाफ पीछे दूसरे फाइटर जेट में एक अनुभवी फाइटर पायलट के साथ तेजस के ट्रेनर वर्जन में उड़ान भर रहे थे. इस उड़ान के बाद प्रेस मीट में जनरल ताकेहिरो ने तेजस को बेहतरीन बताया. उन्होंने तेजस में उड़ान भरने को बेहतरीन अनुभवों में से एक बताया.



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