जियो इवेंट में अंबानी के बच्चों की मस्ती हुई वायरल: क्यों पैरेंटिंग एक्सपर्ट्स को भा रहा बच्चों को संभालने का यह तरीका

जियो इवेंट में अंबानी के बच्चों की मस्ती हुई वायरल: क्यों पैरेंटिंग एक्सपर्ट्स को भा रहा बच्चों को संभालने का यह तरीका


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Ambani Kids Viral Video : जियो के इवेंट में अंबानी परिवार के बच्चों की मस्ती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. स्टेज पर भाषण चल रहा था और बच्चे अपनी धुन में मस्त थे. इस वीडियो ने दिखा दिया कि बच्चों को डांटने या फोन थमाने के बजाय उन्हें प्यार और सहजता से कैसे संभालना चाहिए. जानिए क्यों चाइल्ड एक्सपर्ट्स को पसंद आ रहा है अंबानी परिवार का यह कूल और पॉजिटिव पेरेंटिंग अंदाज़.

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आम तौर पर जब किसी बड़े और औपचारिक कार्यक्रम में बच्चे ऐसी शैतानियां करते हैं, तो अक्सर माता-पिता असहज हो जाते हैं या बच्चों को तुरंत डांटकर चुप करा देते हैं.(Image : Social Media)

Positive Parenting Tips : हाल ही में रिलायंस जियो के एक बड़े इवेंट (Jio IPO Listing Event) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है. इस वीडियो में मुकेश अंबानी के पोते-पोतियां अपनी ही मस्ती में डूबे नजर आए. कोई मंच पर दौड़ रहा था, तो कोई मेहमानों के बीच खेल रहा था और एक तो फूलों के बीच आराम से लेटा हुआ था. दूसरी तरफ, आकाश अंबानी मंच पर भाषण दे रहे थे और नीता अंबानी समेत पूरा परिवार बच्चों को संभालने में व्यस्त था.
आम तौर पर जब किसी बड़े और औपचारिक कार्यक्रम में बच्चे ऐसी शैतानियां करते हैं, तो अक्सर माता-पिता असहज हो जाते हैं या बच्चों को तुरंत डांटकर चुप करा देते हैं. लेकिन अंबानी परिवार ने जिस सहजता और कूल अंदाज में इस पूरी स्थिति को संभाला, उसने सोशल मीडिया यूजर्स और पैरेंटिंग एक्सपर्ट्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. आइए जानते हैं कि इस घटना से आम माता-पिता क्या सीख सकते हैं.

(Image : Social Media)
बाल विशेषज्ञों की राय-
जब इस तरह के वीडियो सामने आते हैं, तो चाइल्ड स्पेशलिस्ट और बाल विकास विशेषज्ञ (Child Specialists) हमेशा एक बात पर जोर देते हैं- बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से स्वाभाविक रूप से बढ़ने देना चाहिए. जाने-माने बाल विशेषज्ञ डॉ. विजय वर्मा(Dr. Vijay Verma, Child Specialist) का कहना है कि बच्चों को जबरदस्ती रोकना-टोकना सही नहीं है. बच्चे मुख्य रूप से देखकर, चीजों को छूकर और एक्सप्लोर करके सीखते हैं. आप उन्हें जितना रोकेंगे, उनकी जिद्द उतनी ही बढ़ेगी. उन्हें खुलकर खेलने दें, थोड़ी बहुत गलतियां करने दें और दुनिया को अपने तरीके से सीखने दें.

उन्‍होंने कहा कि आजकल के समय में माता-पिता अक्सर बच्चों को शांत कराने के लिए उनके हाथ में मोबाइल फोन थमा देते हैं, लेकिन यह किसी भी समस्या का सही समाधान नहीं है. बच्चों का शारीरिक रूप से सक्रिय (Physically Active) रहना उनके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बहुत जरूरी है.

अगर हम अपने आसपास या अपने घरों की स्थिति देखें, तो तरीका अक्सर इसके उलट होता है. जब बच्चे किसी महफिल या सार्वजनिक जगह पर थोड़ी सी भी मस्ती या उछल-कूद करते हैं, तो हम तुरंत उन पर चिल्लाने लगते हैं, उन्हें डांटते हैं या कई बार गुस्से में हाथ भी उठा देते हैं. या फिर आसान रास्ता चुनते हुए उन्हें स्क्रीन के सामने बैठा देते हैं.

सोचने वाली बात यह है कि अंबानी परिवार के बच्चे स्टाफ और गैजेट्स के बीच बड़े होने के बावजूद अपनी स्वाभाविक बाल-सहजता और मस्ती नहीं भूले. वे खुलकर मस्‍ती करते नजर आए और अपनी उम्र के हिसाब से पेश किये गए. इससे यह साबित होता है कि बच्चों को सख्त पाबंदियों में बांधने के बजाय उन्हें प्यार और समझ से संभालना ज्यादा बेहतर होगा.

(Image : Instagram)

पेरेंट के लिए सीख-
इस पूरी घटना से माता-पिता को एक बहुत ही खूबसूरत सीख मिलती है-

  • बच्चों को समझें, डराएं नहीं: बच्चों की हरकतों को उनकी नादानी समझकर हैंडल करें. उन पर अनावश्यक दबाव न डालें.
  • धैर्य रखें: भीड़भाड़ या कार्यक्रमों में बच्चे बोर हो जाते हैं और अपनी ऊर्जा दिखाने लगते हैं. ऐसे में गुस्सा होने के बजाय थोड़ा धैर्य दिखाना जरूरी है.
  • डिजिटल स्क्रीन से दूर रखें: बच्चों को चुप कराने के लिए फोन देने की आदत छोड़ने की जरूरत है. उन्हें खेलकूद और नेचुरल एक्टिविटीज के लिए प्रेरित करें.

पैरेंटिंग कोई एक दिन का काम नहीं, यह बच्चों के साथ सीखने और उन्हें समझने का एक लंबा सफर है. हालांकि इन वीडियो के पीछे ट्रोलिंग काफी हो रही है, लेकिन हमें बच्‍चों के बेहतर विकास के लिए यह सिखाना होगा कि बच्चों को तंग करने या रोकने के बजाय अगर प्यार और सहजता से संभाला जाए, तो परवरिश का सफर ज्यादा आसान, खूबसूरत और प्रोडक्टिव होगा.





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