UP IAS Transfer List, IAS Story: मुख्तार अंसारी का किला ढहाने वाले DM का ट्रांसफर, कौन हैं मंगला प्रसाद? PCS से बने थे IAS

UP IAS Transfer List, IAS Story: मुख्तार अंसारी का किला ढहाने वाले DM का ट्रांसफर, कौन हैं मंगला प्रसाद? PCS से बने थे IAS


UP IAS transfer list, IAS Story: उत्तर प्रदेश में सोमवार देर रात हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 34 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं. इनमें 14 जिलों के जिलाधिकारी भी बदले गए हैं. इसी फेरबदल में बलिया के डीएम मंगला प्रसाद सिंह को अब जिले की कमान से हटाकर उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है यानी जिस अधिकारी ने पूर्वांचल के गाजीपुर में जिलाधिकारी रहते हुए मुख्तार अंसारी के परिवार से जुड़े गजल होटल पर प्रशासनिक कार्रवाई की थी अब उन्‍हें दूसरी जिम्‍मेदारी दी गई है.

मंगला प्रसाद सिंह का नाम गाजीपुर में उनके करीब दो साल के कार्यकाल की वजह से खास तौर पर चर्चा में रहा है. सितंबर 2020 से सितंबर 2022 तक गाजीपुर के डीएम रहते उनके कार्यकाल में मुख्तार अंसारी और उसके परिवार से जुड़ी संपत्तियों पर प्रशासनिक कार्रवाई हुई. इनमें नवंबर 2020 में गजल होटल का ध्वस्तीकरण सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. अब 2026 के इस तबादले के बाद एक बार फिर मंगला प्रसाद सिंह चर्चा में हैं.

34 IAS के तबादले, 14 जिलों में बदले DM

उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात 34 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए. इस फेरबदल में कानपुर नगर, हरदोई, मुरादाबाद, एटा, अमेठी, कुशीनगर, संतकबीरनगर, पीलीभीत, बलिया, बागपत, महोबा, बिजनौर, हाथरस और हमीरपुर के डीएम बदले गए हैं. कई मौजूदा डीएम को जिला स्तर की जिम्मेदारी से हटाकर शासन या दूसरे संस्थानों में जिम्मेदारी दी गई है. इसी क्रम में बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह को प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड बनाया गया है. उनकी जगह पीलीभीत के डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह को बलिया का नया डीएम बनाया गया है.तबादले के बाद मंगला प्रसाद सिंह की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि गाजीपुर के डीएम रहते उनका नाम मुख्तार अंसारी से जुड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों के साथ सामने आया था.

कौन हैं मंगला प्रसाद सिंह?

मंगला प्रसाद सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. खास बात यह है कि उनका चयन सीधे यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा के जरिए नहीं हुआ था.वे राज्य सिविल सेवा यानी एससीएस से पदोन्नति के जरिए आईएएस बने.उनका जन्म 24 नवंबर 1971 को हुआ था और वे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के रहने वाले हैं.उनकी शैक्षणिक योग्यता बीए दर्ज है.मंगला प्रसाद सिंह ने प्रशासनिक सेवा की शुरुआत काफी पहले कर दी थी. वे 1997 में पीसीएस अधिकारी के रूप में सरकारी सेवा में आए थे यानी आईएएस बनने से पहले उन्होंने राज्य प्रशासनिक सेवा में लंबे समय तक काम किया.बाद में पदोन्नति के जरिए उन्हें आईएएस कैडर मिला.

आईएएस बनने से पहले कई जिलों में किया काम

राज्य सिविल सेवा के अधिकारी के तौर पर मंगला प्रसाद सिंह की तैनाती उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रही. 2004 में वे जौनपुर में डिप्टी कलेक्टर रहे. इसके बाद 2014 में वाराणसी मंडल में अपर जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाली.वर्ष 2017 में वे वाराणसी विकास प्राधिकरण के सचिव भी रहे.इस तरह आईएएस बनने से पहले ही उन्हें पूर्वांचल के प्रशासनिक ढांचे और जिलास्तरीय कामकाज का लंबा अनुभव मिल चुका था.यही वजह है कि बाद के वर्षों में पूर्वांचल के जिलों में उनकी तैनाती को उनके प्रशासनिक अनुभव के संदर्भ में देखा गया.

2018 में आईएएस कैडर में आए

उत्तर प्रदेश कैडर की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मंगला प्रसाद सिंह को 2012 एससीएस कोटे से आईएएस कैडर मिला. 2023 की उत्तर प्रदेश आईएएस ग्रेडेशन लिस्ट में भी उनका नाम एससीएस-2012 के साथ दर्ज है.नवंबर 2018 से सितंबर 2020 तक वे लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव पद पर रहे.इसके बाद सितंबर 2020 में उन्हें गाजीपुर का जिलाधिकारी बनाया गया.

गाजीपुर में डीएम रहते ढहाया गजल होटल 

मंगला प्रसाद सिंह ने 11 सितंबर 2020 से 17 सितंबर 2022 तक गाजीपुर के जिलाधिकारी के रूप में काम किया. इसी दौरान नवंबर 2020 में मुख्तार अंसारी के परिवार से जुड़े गजल होटल पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी. होटल गाजीपुर के महुआबाग इलाके में था और मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी तथा उनके बेटों अब्बास और उमर के नाम से जुड़ा था. मामला सीधे ध्वस्तीकरण तक नहीं पहुंचा था. इससे पहले प्रशासन की ओर से होटल के निर्माण और नक्शे से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई शुरू हुई थी.रिपोर्टों के मुताबिक 8 अक्टूबर 2020 को एसडीएम की ओर से ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया गया था. इसके खिलाफ मुख्तार अंसारी के परिवार की ओर से हाईकोर्ट में अपील की गई, लेकिन राहत नहीं मिली और मामला जिलाधिकारी के समक्ष ले जाने को कहा गया.इसके बाद 31 अक्टूबर 2020 को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता वाले आठ सदस्यीय बोर्ड ने मुख्तार पक्ष की अपील खारिज कर दी. अगले दिन यानी 1 नवंबर 2020 को प्रशासन ने गजल होटल पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की. होटल के जिस हिस्से को गिराया गया.उसके निर्माण को लेकर प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन की बात कही थी. गाजीपुर में मंगला प्रसाद सिंह के कार्यकाल के दौरान मुख्तार अंसारी और उसके परिवार से जुड़ी संपत्तियों को लेकर कई प्रशासनिक कार्रवाइयां हुईं.

गाजीपुर के बाद हरदोई, फिर बलिया

गाजीपुर के बाद सितंबर 2022 में मंगला प्रसाद सिंह को हरदोई का डीएम बनाया गया.उन्होंने करीब ढाई साल से ज्यादा समय तक हरदोई में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाली.सितंबर 2022 से मई 2025 तक वे हरदोई के डीएम रहे.इसके बाद मई 2025 में उन्हें बलिया का जिलाधिकारी बनाया गया.अब सितंबर 2026 के ताजा फेरबदल में करीब डेढ़ साल बाद बलिया की डीएम की जिम्मेदारी उनसे वापस ले ली गई है और उन्हें उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है.

बलिया में भी चर्चा में रहे 

बलिया के डीएम रहते भी मंगला प्रसाद सिंह की कार्यशैली को लेकर खबरें आती रही हैं. हाल ही में वह एक दिव्यांग बच्ची के परिवार तक खुद पहुंचने और उसे ट्राइसाइकिल, किताबें और अन्य मदद करने के कारण चर्चा में रहे.उन्होंने बच्ची की मेडिकल जांच कराने के साथ उसके गांव से स्कूल तक सड़क की समस्या दूर कराने की बात भी कही थी.

अब DM नहीं, MD की जिम्मेदारी

ताजा तबादले के बाद मंगला प्रसाद सिंह की नई जिम्मेदारी पूरी तरह अलग तरह की है. उन्हें उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है यानी अब उनकी जिम्मेदारी किसी एक जिले के प्रशासन के बजाय राज्य स्तर की सहकारी चीनी मिल व्यवस्था से जुड़े कामकाज की होगी.उनका यह तबादला ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश सरकार ने एक साथ 34 आईएएस अधिकारियों के विभाग और पद बदले हैं और 14 जिलों में नए डीएम नियुक्त किए हैं.

1997 में PCS से शुरुआत, 2012 में IAS

मंगला प्रसाद सिंह की करीब तीन दशक लंबी प्रशासनिक यात्रा को देखें तो इसकी शुरुआत 1997 में पीसीएस अधिकारी के तौर पर हुई. उन्होंने जौनपुर में डिप्टी कलेक्टर से लेकर वाराणसी मंडल में अपर जिलाधिकारी और वाराणसी विकास प्राधिकरण के सचिव जैसे पदों पर काम किया. इसके बाद राज्य सिविल सेवा से पदोन्नति पाकर 2012 बैच के आईएएस अधिकारी बने. लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव, गाजीपुर और हरदोई के डीएम और फिर बलिया के डीएम की जिम्मेदारी संभाली.अब 2026 के प्रशासनिक फेरबदल में उनकी फील्ड पोस्टिंग बदल गई है.



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