Karwa Chauth Weather Update: करवाचौथ की रात सुहागिनों का इंतजार! दिल्ली-एनसीआर में अभी भी बरस रहे बादल, 5 साल बाद बना ऐसा संयोग

Karwa Chauth Weather Update: करवाचौथ की रात सुहागिनों का इंतजार! दिल्ली-एनसीआर में अभी भी बरस रहे बादल, 5 साल बाद बना ऐसा संयोग


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करवाचौथ की रात दिल्ली-एनसीआर में अभी भी बरस रहे बादल, 5 साल बाद बना ऐसा संयोग

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Karwa Chauth Weather Trend: करवाचौथ की रात दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश का दौर अभी भी जारी है. आसमान में घने बादलों की वजह से सुहागिनों को चांद देखने में भारी परेशानी हो रही है. मौसम के 10 साल के रिकॉर्ड बताते हैं कि करवाचौथ पर बारिश का यह संयोग पूरे 5 साल बाद बना है. इससे पहले 24 अक्टूबर 2021 को करवाचौथ की रात राजधानी में ऐसी ही बारिश दर्ज की गई थी.

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करवाचौथ की रात दिल्ली-एनसीआर में बारिश. (AI Generated Image)

नई दिल्ली: करवाचौथ की रात दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने हैरान करने वाला मोड़ ले लिया है. राजधानी और आसपास के नोएडा, गाजियाबाद व गुरुग्राम के कई इलाकों में अभी भी रुक-रुक कर बारिश का दौर चल रहा है. आसमान में घने काले बादलों का पहरा लगा हुआ है. इस वजह से व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाएं चांद के दीदार के लिए टकटकी लगाए बैठी हैं. मौसम विभाग का अनुमान बिल्कुल सच साबित हुआ है और करवाचौथ की रात बादलों की ओट में चांद छिप गया है. मौसम के पुराने आंकड़ों को खंगालें तो पता चलता है कि करवाचौथ पर बारिश का यह दुर्लभ नजारा कई साल बाद सामने आया है. पूरे 5 साल बाद राजधानी में त्योहार की रात मौसम का ऐसा मिजाज देखने को मिला है.

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इससे पहले ठीक 5 साल पहले साल 2021 में करवाचौथ पर बारिश हुई थी. उस समय 24 अक्टूबर 2021 को दिल्ली में झमाझम पानी बरसा था. उस साल भी घने बादलों और बारिश ने सुहागिनों का लंबा इम्तिहान लिया था. इसके बाद 2022, 2023, 2024 और 2025 में करवाचौथ की रात मौसम पूरी तरह सूखा रहा था. आज कई साल बाद इतिहास ने खुद को दोहराया है. एनसीआर के कई इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश की फुहारें पड़ रही हैं.

पिछले 10 सालों में करवाचौथ पर कब सूखा रहा आसमान और कब दर्ज हुई बारिश?

अगर 2016 से लेकर 2025 तक के 10 साल के मौसम ट्रेंड का एनालिसिस करें तो करवाचौथ पर बारिश बहुत दुर्लभ रही है. साल 2016 में 19 अक्टूबर और 2017 में 8 अक्टूबर को करवाचौथ था लेकिन उस दौरान बारिश का कोई पक्का रिकॉर्ड दर्ज नहीं हुआ. साल 2018 में 27 अक्टूबर को करवाचौथ था और पूरे अक्टूबर में सफदरजंग वेदर स्टेशन पर एक बूंद भी बारिश दर्ज नहीं हुई थी. इसी तरह 2019 में 17 अक्टूबर और 2022 में 13 अक्टूबर को भी करवाचौथ की रात आसमान सूखा रहा. साल 2024 में 20 अक्टूबर और 2025 में 10 अक्टूबर को भी बारिश का कोई प्रमाण नहीं मिला था.

साल करवा चौथ की तारीख दिल्ली में मौसम / बारिश का रिकॉर्ड क्रॉस-चेक स्थिति
2016 19 अक्टूबर मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहा था. बारिश नहीं हुई
2017 8 अक्टूबर आसमान साफ रहा और बारिश दर्ज नहीं हुई. बारिश नहीं हुई
2018 27 अक्टूबर पूरे अक्टूबर महीने में सफदरजंग पर शून्य बारिश दर्ज हुई थी. बारिश नहीं हुई (पूरी तरह सूखा)
2019 17 अक्टूबर मौसम सामान्य और शुष्क बना रहा. बारिश नहीं हुई
2020 4 नवंबर नवंबर में सर्दी की शुरुआत और शुष्क मौसम रहा. बारिश नहीं हुई
2021 24 अक्टूबर बादलों की आवाजाही रही और शाम को बूंदाबांदी दर्ज हुई थी. बारिश की पुष्टि
2022 13 अक्टूबर 8 से 11 अक्टूबर तक बारिश हुई थी, लेकिन 13 को मौसम साफ था. बारिश नहीं हुई
2023 1 नवंबर मौसम पूरी तरह सूखा रहा और हल्की धुंध छाई थी. बारिश नहीं हुई
2024 20 अक्टूबर मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहा था. बारिश नहीं हुई
2025 10 अक्टूबर आसमान साफ रहा और कोई बारिश दर्ज नहीं हुई थी. बारिश नहीं हुई
2026 29 अक्टूबर दिनभर बादल छाए रहे और शाम व रात में कई जगह बारिश हुई. बारिश की पुष्टि (वर्तमान स्थिति)

नवंबर के महीने में पड़ने वाले त्योहार पर कैसा रहा था दिल्ली का मिजाज?

कैलेंडर के बदलाव के चलते पिछले 10 सालों में दो बार करवाचौथ नवंबर के महीने में भी पड़ा है. साल 2020 में 4 नवंबर और 2023 में 1 नवंबर को करवाचौथ मनाया गया था. इन दोनों सालों में भी बारिश की पुष्टि नहीं हुई थी क्योंकि नवंबर आते-आते दिल्ली में सर्दी का असर बढ़ने लगता है. उस समय बारिश कराने वाले चक्रवाती सिस्टम बेहद कमजोर पड़ जाते हैं. केवल साल 2021 और अब 2026 ही ऐसे दो मौके रहे हैं जब करवाचौथ की रात राजधानी में बादलों ने अपना डेरा जमाया और जमीन पर पानी बरसाया.

2021 के बाद पहली बार ऐसा मौसम, जानिए अक्टूबर के महीने में क्यों घिर आए इतने घने बादल?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में दिल्ली-एनसीआर में इस तरह की लगातार बारिश होना बहुत सामान्य बात नहीं है. पहाड़ों पर सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टरबेंस और मैदानी इलाकों में बनी नमी की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है. इसी दबाव के चलते गुरुवार की शाम से शुरू हुई बूंदाबांदी रात तक जारी रही. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बादलों की यह मोटी परत देर रात तक बनी रह सकती है. ऐसे में कई इलाकों में चांद का सीधा दीदार होना लगभग नामुमकिन नजर आ रहा है.



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