नई दिल्ली. रणजी ट्रॉफी के तीसरे दौर में देश भर के मैदानों पर रोमांचक मुकाबले देखने को मिले. जहां गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन और मौसम के मिजाज ने मुकाबलों के परिणाम तय किए. मुंबई और बंगाल जैसी मजबूत टीमों ने अपने विजयी अभियान को जारी रखते हुए बोनस अंक हासिल किए, वहीं चक्रवात ‘अर्णब’ के कारण कुछ मैचों में बारिश ने खलल डाला.
मुंबई की टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए रणजी ट्रॉफी ग्रुप डी के मैच में हरियाणा को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी. मैच के हीरो रहे ऑफ स्पिनर तनुष कोटियन. जिन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 81 रन देकर 8 विकेट झटके. उन्होंने मैच में कुल 11 विकेट चटकाए. हरियाणा की टीम अपनी दूसरी पारी में धीमी पिच पर संघर्ष करती नजर आई और पूरी टीम 256 रन पर सिमट गई. हरियाणा की ओर से निशांत सिंधु (44), सामंत जाखर (40) और अनुज ठकराल (नाबाद 40) ही कुछ देर टिक सके.
इससे पहले मुंबई ने अपनी पहली पारी में 430 रन बनाए थे, जिसके जवाब में हरियाणा की पहली पारी 270 रन पर सिमट गई थी और उसे फॉलोऑन करना पड़ा था. हरियाणा ने मैच के चौथे दिन सुबह अपनी दूसरी पारी दो विकेट पर 73 रन से आगे बढ़ाई थी. मुंबई के सामने जीत के लिए महज 97 रन का लक्ष्य था. सलामी बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी (नाबाद 67) और दिव्यांश सक्सेना (नाबाद 30) ने मिलकर मात्र 10.4 ओवर में ही बिना कोई विकेट खोए लक्ष्य हासिल कर लिया. इस शानदार जीत के साथ मुंबई ने लगातार तीसरे मैच में बोनस अंक हासिल करते हुए कुल सात अंक अपनी झोली में डाले. इससे पहले मुंबई ने चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के खिलाफ भी बोनस के साथ जीत दर्ज की थी.
प्रदीप्ता प्रमाणिक और मोहम्मद शमी का जलवा, बंगाल ने केरलम को रौंदा
ग्रुप सी के एक अन्य मुकाबले में बंगाल ने प्रदीप्ता प्रमाणिक की घातक गेंदबाजी और शाहबाज अहमद के आलराउंड प्रदर्शन के दम पर केरलम को 287 रन के विशाल अंतर से हरा दिया. बंगाल की इस सत्र में यह लगातार तीसरी जीत है और इस जीत के साथ वह 18 अंक लेकर ग्रुप सी में शीर्ष पर पहुंच गया है.
जीत के लिए 408 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी केरलम की टीम चौथे दिन चार विकेट पर 53 रन से आगे खेलने उतरी और पूरी टीम 38.4 ओवर में महज 120 रन पर ढेर हो गई. अपना 19वां प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे स्पिनर प्रदीप्ता प्रमाणिक ने कहर बरपाते हुए दूसरी पारी में 51 रन देकर 6 विकेट चटकाए, जबकि मैच में कुल 10 विकेट अपने नाम किए (पहली पारी में 44 रन देकर 4 विकेट). अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भी दूसरी पारी में 2 विकेट हासिल किए और मैच में कुल 5 विकेट झटके. इससे पहले बंगाल ने अपनी पहली पारी में 350 और दूसरी पारी में 198 रन बनाए थे. बंगाल की पहली पारी में शाहबाज अहमद ने शानदार 121 रन की शतकीय पारी खेली थी और मैच में कुल 4 विकेट भी चटकाए थे. केरलम की पहली पारी मात्र 141 रन पर सिमट गई थी.
चक्रवात ‘अर्णब’ की बारिश से मैच धुले, सौराष्ट्र और कर्नाटक की पारी से जीत
रांची में दिल्ली और झारखंड के बीच मुकाबला लगातार दूसरे दिन चक्रवात ‘अर्णब’ के प्रभाव से हो रही लगातार बारिश के कारण एक भी गेंद फेंके बिना रद्द करना पड़ा. मैच ड्रा रहा, लेकिन पहली पारी की बढ़त के आधार पर दिल्ली को तीन अंक और झारखंड को एक अंक से संतोष करना पड़ा. कुछ ऐसा ही हाल भुवनेश्वर में ओडिशा और सेना के मैच का रहा, जहां लगातार तीन दिन तक बारिश के कारण खेल नहीं हो सका और दोनों टीमों को एक-एक अंक बांटना पड़ा.
सौराष्ट्र और कर्नाटक का पारी के अंतर से शानदार प्रदर्शन
सौराष्ट्र ने ग्रुप बी के मैच में असम को एक पारी और 12 रन से हराकर शानदार अंदाज में अंक तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया. बाएं हाथ के स्पिनर पार्थ भूत की फिरकी के आगे असम के बल्लेबाज बेबस नजर आए. तीसरे दिन असम के 7 विकेट 65 रन पर निकालने के बाद सौराष्ट्र की जीत औपचारिकता भर रह गई थी. पार्थ भूत ने कहर बरपाते हुए 7 रन के भीतर 6 विकेट चटकाए और अंततः 18 ओवर में मात्र 17 रन देकर 8 विकेट अपने नाम किए. असम की पूरी टीम दूसरी पारी में महज 94 रन पर ढेर हो गई. असम के पहली पारी के 281 रन के जवाब में सौराष्ट्र ने 387 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था. पारी के अंतर से मिली इस जीत के चलते सौराष्ट्र को एक बोनस अंक भी मिला.
कर्नाटक की विशाल जीत और हैदराबाद-पंजाब मुकाबला ड्रॉ
एक अन्य मुकाबले में कर्नाटक ने त्रिपुरा को एक पारी और 116 रन के विशाल अंतर से शिकस्त देकर पूरे सात अंक हासिल किए. त्रिपुरा की टीम पहली पारी में 194 और दूसरी पारी में 180 रन ही बना सकी. कर्नाटक ने अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 490 रन बनाकर घोषित की थी. कर्नाटक की ओर से गेंदबाजी में श्रेयस गोपाल ने 36 रन देकर 5 विकेट झटके, जबकि मनवंत कुमार और विजय कुमार विशाक को दो-दो सफलताएं मिलीं.
सिकंदराबाद में पंजाब और मेजबान हैदराबाद के बीच खेला गया मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ. पंजाब ने मैच के अंतिम दिन बिना किसी नुकसान के 57 रन से आगे खेलना शुरू किया और अपनी पारी छह विकेट पर 240 रन बनाकर घोषित कर दी, जिसके बाद समय समाप्त होने के कारण मैच का कोई अन्य परिणाम नहीं निकल सका.