Income Tax Rule : करवाचौथ पर पत्नी ने मांगा 5 लाख का हार, पति ने दे भी दिया, अब टैक्स कौन भरेगा


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Income Tax Rule : 29 अक्टूबर को देशभर में करवाचौथ का त्योहार मनाया जा रहा है. अगर इस दिन आपकी पत्नी ने सोने का हार मांग लिया और आपने दिला भी दिया तो इस पर टैक्स कौन भरेगा. क्या पत्नी को हार मिला है तो उसे टैक्स देना पड़ेगा या फिर हार का बोझ सहने वाला पति ही आगे भी अपनी कमाई से इस पर इनकम टैक्स भरेगा.

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करवाचौथ पर पत्नी ने मांगा 5 लाख का हार, पति ने दे भी दिया, अब टैक्स कौन भरेगाZoom

करीबी रिश्तेदारों को गिफ्ट देने पर टैक्स नहीं लगता है.

नई दिल्ली. त्योहारों का सीजन चल रहा है. करवाचौथ, धनतेरस और भी दिवाली भी आने वाली है. करवाचौथ पर तो अक्सर लोग अपनी पत्नियों को महंगे-महंगे गिफ्ट देते हैं. अब मान लीजिए कि राजू शर्मा जी की पत्नी ने 5 लाख का सोने का हार मांग लिया. शर्मा जी ने हार दे भी दिया, लेकिन सवाल ये है कि इस पर टैक्स कौन भरेगा. हार पत्नी को मिला है तो क्या मिसेस शर्मा को टैक्स देना पड़ेगा या फिर शर्मा जी अपनी कमाई से इसकी भरपाई करेंगे.

भारतीय समाज में तो वैसे भी तोहफे देने का रिवाज है और हर साल तमाम ऐसे त्योहार भी आते हैं, जब लोग अपनों को गिफ्ट देते हैं. यही वजह है कि इनकम टैक्स विभाग ने इन तोहफों को लेकर भी एक कानून बना रखा है. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56(2)(x) के तहत किसी गैर रिश्तेदार से मिले तोहफों पर टैक्स देना पड़ता है, लेकिन रिश्ता करीब है तो इनकम टैक्स से छूट भी मिल जाती है. त्योहारों के सीजन में आपके मन में भी यह सवाल उठता होगा कि अगर पति 5 लाख रुपया नकद दे दे या फिर महंगा स्मार्टफोन अथवा हार खरीदकर दें तो इनकम टैक्स कैसे लागू होगा.

पत्नी को टैक्स देना होगा या पति को
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56(2)(x) साफ कहती है कि करीबी रिश्तेदारों और खून के रिश्तों में दिए गए तोहफे को आयकर से मुक्त रखा जाएगा. इसका मतलब है पति चाहे 5 लाख का हार दे या फिर 50 लाख का हीरा, पत्नी पर टैक्स की कोई देनदारी नहीं बनेगी. हां, यह अलग बात है कि पति को इन महंगे तोहफों को खरीदते समय कुछ टैक्स जरूर चुकाना पड़ेगा. यह टैक्स सामान्य रूप से लगने वाला टैक्स ही होता है, जैसे जीएसटी और मेकिंग चार्ज. लेकिन, ऐसा नहीं है कि पत्नी के लिए महंगा गिफ्ट खरीदने जा रहे तो उस पर अलग से कोई टैक्स लगेगा.

पत्नी पर क्यों नहीं लगेगा टैक्स
इनकम टैक्स कानून में पत्नी को करीबी रिश्तेदारों में माना जाता है. लिहाजा उसे दिए गए गिफ्ट को आयकर के अंतर्गत नहीं जोड़ा जाता है. सामान्य रूप से आयकर कानून कहता है कि एक वित्तवर्ष में 50 हजार से ज्यादा का तोहफा इनकम टैक्स के दायरे में आ जाता है. सिर्फ करीबी रिश्तेदारों और ब्लड रिलेशन वालों को ही इससे छूट होती है. अगर यही गिफ्ट आपका दोस्त देता है तो उस हार की बाजार कीमत पर टैक्स वसूला जा सकता है. पति अगर नकद में भी 5 लाख रुपये देता है तो भी इसे तोहफा मानकर टैक्स से छूट दी जाएगी.

गिफ्ट में मिला सोना बेच दें तब…
अगर पत्नी ने खुद को मिले हार को बेद दिया तो इस पर इनकम टैक्स का नियम लागू होगा. पत्नी ने उस हार की खरीद कीमत से ज्यादा पर बेचा तो उस मुनाफे पर ही कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ेगा. अब कैपिटल गेन टैक्स भी दो तरह से लागू किया जाता है. खासकर सोने के मामले में अगर 24 महीने अपने पास रखने के बाद बेचा गया तो इस पर 12.5 फीसदी की दर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना पडे़गा. लेकिन, अगर किसी ने 24 महीने से पहले ही तोहफे को बेच दिया तो उसे अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स चुकाना पड़ेगा.

एक बात का रखना ध्यान
यह अलग बात है कि पत्नी को दिए गिफ्ट पर इनकम टैक्स नहीं लगता है लेकिन पति को हमेशा एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐसे महंगे तोहफे खरीदते समय बिल और अन्य डॉक्यूमेंट रखना बेहतर होता है, ताकि इनकम टैक्स विभाग के किसी सवाल का जवाब दिया जा सके. इतना ही नहीं, अगर तोहफा महंगा है तो उसका गिफ्ट डीड बनवाना बेहतर विकल्प हो सकता है. गिफ्ट डीड पेश करने पर इनकम टैक्स का लफड़ा पूरी तरह खत्म हो जाएगा.



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