Spain Rail Disaster : ‘मौत के मंत्री इस्तीफा दो’, ट्रांस्पोर्ट मिनिस्टर के पीछे हाथ धोकर क्यों पड़ गए यहां के लोग? जगह-जगह भड़के दंगे

Spain Rail Disaster : ‘मौत के मंत्री इस्तीफा दो’, ट्रांस्पोर्ट मिनिस्टर के पीछे हाथ धोकर क्यों पड़ गए यहां के लोग? जगह-जगह भड़के दंगे


इन दिनों कई देशों की सड़कों पर आग लगी हुई है. खासकर यूरोप में चारों तरफ सरकार के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन दिख रहे हैं. इस बीच एक देश में लोंग ट्रांस्पोर्ट मिनिस्टर के पीछे हाथ धोकर पड़ गए हैं. लोग उनके इस्तीफे की डिमांड कर रहे हैं और यहां तक कि उन्हें ‘मौत का मंत्री’ भी घोषित कर दिया है. ये सारा कांड स्पेन में हो रहा है. जहां पर 28 अक्टूबर को रेल की पटरियों पर एक भयानक त्रासदी हुई है. जिसके बाद ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ओस्कार पुएंते के खिलाफ लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. सिर्फ कुछ घंटों में ही जगह-जगह दंगे भड़क गए और ऐसी-ऐसी घटनाएं देखने को मिलीं कि पुलिस के हाथ-पांव फूल गए.

‘मिनस्टर ऑफ डेथ, इस्तीफा दो!’, स्पेन में भड़के दंगे

बुधवार रात मैड्रिड में ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के बाहर सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और जमकर हंगामा किया. बुधवार की रात स्पेन की राजधानी मैड्रिड का नजारा युद्ध के मैदान जैसा था. सोशल मीडिया पर मिले बुलावा के बाद सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी मैड्रिड के प्रसिद्ध ‘पासेसो डे ला कास्टेलानो’ इलाके में ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के बाहर जमा हो गए.

लोगों के हाथों में बैनर और जुबान पर सिर्फ एक ही गुस्सा था. भीड़ ‘ओस्कार पुएंते, मौत का मंत्री’ और ‘ओस्कार पुएंते, हत्यारा’ के नारे लगा रही थी. हालात इतने बिगड़ गए कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं और कई जगहों पर फ्लेयर्स जला दिए.

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दंगा रोधी पुलिस को लाठियों का इस्तेमाल करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. लगभग दो घंटे तक चले इस उग्र प्रदर्शन में 500 से ज्यादा लोग शामिल थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रदर्शन के पीछे फालांगे, रेवुएल्टा और वोक्स पार्टी के समर्थन वाले यूनियन ‘सोलीदारिदाद’ जैसे दक्षिणपंथी संगठनों का हाथ बताया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के इस्तीफे की भी मांग कर दी है.

कैसे हुई स्पेन के इतिहास की ये भीषण रेल दुर्घटना?

ये भयानक हादसा बुधवार सुबह ठीक 8:53 बजे टोलेडो प्रांत के उरदा और लॉस येबेनेस के बीच हुआ, जो मैड्रिड से लगभग 140 किलोमीटर दक्षिण में है.

मैड्रिड से सेविला जा रही रेनफे की एक हाई-स्पीड AVE ट्रेन उसी ट्रैक पर आगे खड़ी इरियो ट्रेन के पिछले हिस्से से जोरदार तरीके से जा टकराई. टक्कर इतनी भयानक थी कि इरियो ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतर गए.

  • ट्रेन में यात्रियों की संख्या: रेनफे ट्रेन में 397 यात्री सवार थे, जबकि इरियो सर्विस में एक बच्चे समेत 147 लोग मौजूद थे.
  • मौतों का आंकड़ा: कैस्टिले-ला मंच क्षेत्रीय सरकार के मुताबिक, इस हादसे में कम से कम 68 लोगों की जान चली गई. इसमें रेनफे ट्रेन के 24 और इरियो सर्विस के 44 यात्री शामिल हैं. इसके अलावा 58 गंभीर रूप से घायल लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए सैकड़ों कर्मियों को तैनात किया गया. मलबे के बीच फंसे लोगों को ढूंढने और स्थिति संभालने के लिए ड्रोन और हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है. मैड्रिड, स्यूदाद रियल और अंडालूसिया के बीच चलने वाली सभी हाई-स्पीड ट्रेन सेवाओं को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.

तकनीकी खराबी और एक ‘गलत फैसला’ बना मौत की वजह

शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस दुर्घटना के पीछे तकनीक और इंसानी चूक का एक खतरनाक खेल था. ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ओस्कार पुएंते के मुताबिक, हादसे से ठीक पहले सुबह करीब 8:30 बजे 63 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर LZB सिग्नलिंग सिस्टम कंप्यूटर में तकनीकी खराबी के कारण ठप हो गया था. इसकी वजह से उस रूट पर चल रही ट्रेनें अपने आप रुक गईं.

इसके बाद स्टेट रेल इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजर ने मैनुअल कंट्रोल अपने हाथ में लिया. उन्होंने लाल सिग्नल एक्टिव होने के बावजूद रेनफे ट्रेन को बिना किसी स्पीड लिमिट के आगे बढ़ने की अनुमति दे दी. ड्राइवर को ये नहीं पता था कि महज 25 किलोमीटर आगे उसी ट्रैक पर एक और ट्रेन रुकी हुई है.

रेनफे ट्रेन ने करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते हुए महज 23 मिनट के भीतर उस रुकी हुई ट्रेन को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर पुएंते ने खुद इस बात को माना कि स्टॉप सिग्नल होने के बावजूद ट्रेन को आगे बढ़ाने का फैसला ‘अजीब और समझ से परे’ था. हालांकि, उन्होंने ये भी साफ किया कि इसमें ट्रेन के ड्राइवरों की कोई गलती नहीं थी.

‘बलि का बकरा बनाया जा रहा है’, यूनियन के आरोपों से घिरा प्रशासन

हादसे के बाद से ही ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ओस्कार पुएंते पर अपने पद से हटने का जबरदस्त दबाव है. हालांकि, तमाम विरोध के बावजूद उन्होंने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है. जब उनसे उनके भविष्य के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता इस हादसे की एक-एक बात की तह तक जाना और स्थिति को संभालना है.

दूसरी ओर, सरकारी कर्मचारियों के यूनियन (CSIF) ने भी मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. यूनियन का आरोप है कि मंत्रालय अपनी नाकामी छुपाने के लिए ड्यूटी पर मौजूद एडिफ के ट्रैफिक कंट्रोलर को ‘बलि का बकरा’ बना रहा है, जबकि असल जिम्मेदारी मंत्री को लेनी चाहिए.

यूनियन का दावा है कि उन्होंने सितंबर महीने में ही एडिफ में जरूरत से ज्यादा काम के घंटों को लेकर चेतावनी दी थी. साथ ही रेलवे के बुनियादी ढांचे, मेंटेनेंस और सुरक्षा उपायों पर अधिक निवेश की मांग की थी ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके.

प्रधानमंत्री का दौरा और राजनीतिक भविष्य पर मंडराता खतरा

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज खुद दुर्घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि ‘पूरा स्पेन इस वक्त शोक में डूबा है’ और देश में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी. प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि एक ही साल में स्पेन में दो हाई-स्पीड रेल दुर्घटनाएं होना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विपक्ष की पीपल्स पार्टी ने पीड़ितों के सम्मान में दिनभर के अपने चुनावी प्रचार कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है.

स्पेन में आगामी 29 नवंबर को चुनाव होने हैं. ऐसे में ये रेल हादसा और सरकार द्वारा रेलवे सुरक्षा को संभालने का तरीका चुनावी राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है. जनता का गुस्सा जिस तरह सड़कों पर फूट रहा है, उससे साफ है कि ‘मौत के मंत्री’ कहे जा रहे ओस्कार पुएंते और मौजूदा सरकार के लिए आने वाले दिन बेहद मुश्किल भरे होने वाले हैं.



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