बच्चों को ट्रिप पर ले गए प्रिंसिपल, लौटते ही भड़के माता-पिता, बोले- शराब क्यों
Last Updated:
केरल के वायनाड में शैक्षणिक यात्रा से लौट रहे स्कूल के प्राचार्य पर शराब पीने का आरोप लगा है. विद्यार्थियों ने बस में कथित नशे के वीडियो बनाकर अपने माता-पिता को भेज दिए. इसके बाद अभिभावकों ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया.
स्कूल ट्रिप से लौटते ही मचा बवाल
वायनाड: सोचिए, बच्चों को पढ़ाई के लिए शैक्षणिक यात्रा पर लेकर गए स्कूल के प्राचार्य पर ही शराब पीने का आरोप लग जाए, तो हंगामा होना तय है! केरल के वायनाड में कुछ ऐसा ही हुआ, जहां हैदराबाद से लौट रहे विद्यार्थियों ने बस में प्राचार्य और पीटीए अध्यक्ष के कथित तौर पर नशे में होने के वीडियो अपने माता-पिता को भेज दिए .
पुलिस ने बताया कि यह कथित घटना उस समय हुई जब वह हैदराबाद यात्रा से लौट रहे थे. वायनाड के मीनांगडी के सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कुल 135 विद्यार्थी रविवार को एक शैक्षणिक यात्रा पर हैदराबाद गए थे.
नशे का वीडियो किया रिकॉर्ड
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के साथ मौजूद प्राचार्य और अभिभावक शिक्षक संघ (पीटीए) के अध्यक्ष वापसी के दौरान शराब के नशे में थे. पुलिस ने बताया कि विद्यार्थियों ने बस के अंदर दोनों के नशे में होने के वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें अपने माता-पिता के साथ साझा किया.
अभिभावकों ने किया प्रदर्शन
विद्यार्थियों ने पीटीए अध्यक्ष के साथ यात्रा करने पर भी आपत्ति जताई, जिसके बाद कथित तौर पर उन्हें रास्ते में ही बस से उतार दिया गया. जब बसें स्कूल लौटीं, तो अभिभावक स्कूल परिसर के बाहर इकट्ठा हो गए और उन्होंने प्रदर्शन किया. उन्होंने प्रधानाचार्य और पीटीए अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
स्कूल प्रशासन का इनकार
हालांकि, स्कूल प्रशासन का कहना है कि प्राचार्य ने यात्रा के दौरान शराब नहीं पी थी, लेकिन विरोध कर रहे अभिभावकों ने मांग की कि जांच के लिए उनके खून के नमूने लिए जाएं. अभिभावकों ने प्राचार्य को स्कूल परिसर में आने देने का विरोध किया.
विरोध-प्रदर्शन के बाद, पुलिस स्कूल पहुंची और उसने प्राचार्य को हिरासत में ले लिया. इसके बाद उन्हें थाने ले जाया गया. पुलिस ने बताया कि मीनांगडी लौटने पर पीटीए अध्यक्ष से भी पूछताछ की जाएगी. पुलिस ने कहा कि बस में हुई घटना के बारे में सटीक जानकारी पाने के लिए विद्यार्थियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे. पुलिस ने बताया कि जरूरी मेडिकल जांच और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही मामला दर्ज करने के बारे में अंतिम फैसला किया जाएगा.