करवा चौथ पर सोना खरीदना और पति की ओर से पत्नी को ज्वेलरी गिफ्ट करना कई परिवारों की परंपरा का हिस्सा है. लेकिन इस बार सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच खरीदारों की पसंद बदल रही है. महंगे सोने के कारण लोग भारी गहनों के बजाय हल्की चेन, अंगूठी, मंगलसूत्र और रोज पहनने लायक ज्वेलरी को प्राथमिकता दे सकते हैं. वहीं, चांदी की पायल और बिछिया जैसे गहने भी खरीदारों के लिए ऑप्शन बने हुए हैं.
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अध्यक्ष और रिद्धिसिद्धि बुलियन्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर पृथ्वीराज कोठारी के मुताबिक, इस साल सोने-चांदी के भाव में आई गिरावट से खरीदारों को कुछ राहत मिली है. हालांकि, करवा चौथ 2026 पर देशभर में सोने-चांदी की कुल खरीदारी का कोई आधिकारिक अनुमान अभी उपलब्ध नहीं है.
करवा चौथ पर क्या खरीद रहे हैं लोग?
करवा चौथ पर मंगलसूत्र, हल्की चेन, अंगूठी, चांदी की पायल और बिछिया जैसे गहनों की मांग रहती है. महंगे सोने के बीच हल्के वजन वाले गहने उन खरीदारों के लिए ऑप्शन हो सकते हैं, जो बजट में रहते हुए त्योहार पर कुछ खरीदना चाहते हैं. पृथ्वीराज कोठारी के मुताबिक, 2025 में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने करवा चौथ के दौरान देशभर में करीब 28,000 करोड़ रुपये के कुल कारोबार का अनुमान दिया था. 2024 में यह आंकड़ा करीब 22,000 करोड़ रुपये था. ध्यान रहे कि ये आंकड़े पूरे त्योहार से जुड़े कारोबार के हैं, सिर्फ सोने-चांदी की खरीदारी के नहीं.
सोना खरीदते समय सबसे पहले उसकी शुद्धता की जानकारी लें.
इस साल कीमतों में आई गिरावट भी खरीदारी को सहारा दे सकती है. कोठारी के दिए आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना करीब 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जो सितंबर के लगभग 1.57 लाख रुपये के शिखर से करीब 10,000 रुपये कम है. वहीं, चांदी की कीमत में एक महीने में करीब 50,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट आई है.
त्यौहारों में 70,000 करोड़ रुपये की ज्वेलरी खरीदारी का अनुमान
सोने के गहने पर BIS हॉलमार्क और छह अंकों का HUID कोड देखें.
करवा चौथ के बाद धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों पर भी ज्वेलरी मार्केट में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद रहती है. CAIT के अनुमान के मुताबिक, नवरात्रि से दिवाली तक देश में कुल त्योहारों से जुड़ा कारोबार 7 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकता है. इसमें 15 से 18 फीसदी वृद्धि का अनुमान है. इस कुल कारोबार में सोने, चांदी और ज्वेलरी की हिस्सेदारी करीब 10 फीसदी मानी गई है. इस हिसाब से इनकी खरीदारी का अनुमान लगभग 70,000 करोड़ रुपये बैठता है.
हालांकि, ज्यादा रुपये खर्च होने का मतलब यह नहीं कि लोग पहले से ज्यादा वजन का सोना खरीद रहे हैं. उद्योग से जुड़े अनुमानों के मुताबिक, ज्वेलरी की बिक्री की वैल्यू 20 से 25 फीसदी बढ़ सकती है, जबकि वजन के हिसाब से बिक्री 10 से 15 फीसदी घट सकती है. यानी सोना महंगा होने के कारण खरीदार कम वजन के गहने खरीदकर भी पहले के मुकाबले ज्यादा पैसा खर्च कर सकते हैं.
भारी गहनों के बजाय हल्के और रोज पहनने वाले डिजाइन पसंद
UNTAME के फाउंडर सायम शाह के मुताबिक, सोने की कीमतें बढ़ने पर लोग ज्वेलरी खरीदना बंद नहीं करते, बल्कि सोच-समझकर खरीदारी करते हैं. इस करवा चौथ पर हल्के सोने के गहनों, हीरे जड़ी ज्वेलरी और ऐसे डिजाइन की मांग बढ़ सकती है, जिन्हें रोज पहना जा सके.
उनके अनुसार, अब खरीदार केवल गहने में इस्तेमाल हुए सोने के वजन पर ध्यान नहीं दे रहे, बल्कि डिजाइन, उससे जुड़ी भावनाओं और उसे कितनी बार पहना जा सकता है, इसे भी महत्व दे रहे हैं. नेचुरल और लैब में तैयार किए गए हीरों के विकल्प भी अलग-अलग बजट में ज्वेलरी चुनने का मौका देते हैं.
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
त्योहार पर गहने खरीदते समय केवल डिस्काउंट देखकर फैसला न करें. पृथ्वीराज कोठारी के मुताबिक, खरीदारों को इन बातों पर ध्यान देना चाहिए-
- हॉलमार्क जरूर जांचें: सोने के गहने पर BIS हॉलमार्क और छह अंकों का HUID कोड देखें. इसे BIS CARE ऐप पर जांचा जा सकता है.
- मेकिंग चार्ज की तुलना करें: अलग-अलग ज्वेलर्स में गहने बनाने का शुल्क करीब 8 से 25 फीसदी तक हो सकता है. खरीदारी से पहले इसकी जानकारी लें.
- GST का हिसाब रखें: सोने और चांदी की खरीद पर लागू 3 फीसदी GST को अपने बजट में शामिल करें.
- एक्सचेंज की शर्तें पूछें: पुराने गहने बदलने या वापस बेचने पर कितनी कटौती होगी, यह पहले लिखित में समझ लें.
- निवेश और गहने में अंतर समझें: अगर मकसद सिर्फ निवेश करना है, तो गोल्ड ETF या सिक्कों जैसे ऑप्शन पर विचार किया जा सकता है. ज्वेलरी में मेकिंग चार्ज भी देना पड़ता है.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)