ओबामा ने ट्रंप के बदलावों का जिक्र करते हुए व्हाइट हाउस में बॉलरूम, रोज गार्डन में किए गए बदलाव, साउथ लॉन पर हेलीकॉप्टर पैड और ओवल ऑफिस में सोने जैसी सजावट का जिक्र किया. इसके बाद उन्होंने कहा कि ट्रंप ने व्हाइट हाउस का ऐसा रूप बना दिया है, मानो सद्दाम हुसैन ने Cheesecake Factory खोल ली हो. ओबामा की इस टिप्पणी का निशाना सिर्फ सजावट नहीं थी. वह यह संदेश भी देना चाहते थे कि जब अमेरिकी परिवार महंगाई और रोजमर्रा की लागत से जूझ रहे हैं, तब राष्ट्रपति की प्राथमिकताएं क्या होनी चाहिए.
ट्रंप व्हाइट हाउस में आखिर क्या बदलाव करा रहे हैं?
डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में व्हाइट हाउस की इमारत और उसके अंदरूनी हिस्सों में कई बड़े बदलाव करा रहे हैं. इनका मकसद उनके मुताबिक राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास और अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण सरकारी भवन को बेहतर बनाना है. लेकिन इन बदलावों को लेकर विवाद की स्थिति है. मुख्य विवाद तीन पॉइंट्स पर है.
ट्रंप ने ओबामा को क्या जवाब दिया?
ओबामा की टिप्पणी पर ट्रंप ने 26 अक्टूबर को मिसिसिपी में चुनावी रैली के दौरान जवाब दिया. उन्होंने चीजकेक फैक्ट्री को एक सफल कंपनी बताया और कहा कि ओबामा सफल कंपनियों को पसंद नहीं करते हैं. ट्रंप ने व्हाइट हाउस की मरम्मत का बचाव करते हुए कहा कि राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास साफ-सुथरा, सुंदर और अच्छी स्थिति में होना चाहिए. उनके मुताबिक, इमारत में दरारें और टूट-फूट जैसी समस्याएं नहीं होनी चाहिए.
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें निर्माण और रियल एस्टेट का अनुभव है और वह चीजों को ठीक करने में अच्छा काम करते हैं. उन्होंने इस काम को अपने लिए मजेदार भी बताया. इस तरह विवाद एक मजाक से आगे बढ़कर इस सवाल पर आ गया कि राष्ट्रपति के आवास का नवीनीकरण जरूरी रखरखाव है या फिर ऐसे समय में बेमतलब की प्राथमिकता. वो भी ऐसे समय में जब देश के सामने महंगाई और दूसरी समस्याएं मौजूद हैं.
चीजकेक फैक्ट्री ही क्यों बना सियासी विवाद का केंद्र?
Cheesecake Factory अमेरिका की लोकप्रिय रेस्टोरेंट चेन है. इसकी पहचान बड़े मेन्यू, सजावटी इंटीरियर, भव्य कॉलम और सोने जैसे रंगों के इस्तेमाल से भी जुड़ी है. यही वजह है कि ओबामा की तुलना लोगों को समझ में आई और इसने राजनीतिक बहस का रूप ले लिया. इस विवाद के दो अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी ओबामा की आलोचना की. उन्होंने रेस्टोरेंट के बाहर से कॉमेंट करते हुए ओबामा के शिकागो स्थित राष्ट्रपति केंद्र की तुलना डार्थ वाडर के मकबरे जैसी इमारत से की. इस तरह बहस में दोनों नेताओं के समर्थक भी शामिल हो गए.
व्हाइट हाउस ने भी क्यों बनाई चीजकेक फैक्ट्री की मेन्यू वाली पोस्ट?
इस विवाद के बढ़ने के बाद व्हाइट हाउस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ने Cheesecake Factory के मेन्यू की तर्ज पर एक पोस्ट शेयर की. इसमें ट्रंप प्रशासन की पॉलिसी और उपलब्धियों को खाने की अलग-अलग डिश के नामों की तरह पेश किया गया. पोस्ट का संदेश था कि जिस तरह रेस्टोरेंट का मेन्यू बड़ा है, उसी तरह ट्रंप की उपलब्धियों की सूची भी बड़ी है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंगले ने भी ट्रंप के बदलावों का समर्थन करते हुए कहा कि कोई दूसरा राष्ट्रपति देश की इमारतों के अंदरूनी हिस्सों को सुंदर बनाने के लिए इतना काम नहीं कर पाया है.
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क्या चीज़केक फैक्ट्री का मजाक उड़ाना आम अमेरिकियों को निशाना बनाना है?
यही इस विवाद का सबसे दिलचस्प राजनीतिक पहलू है. अमेरिका में खाने-पीने की पसंद, कपड़े, बोलने का अंदाज और लाइफस्टाइल लंबे समय से नेताओं की इमेज को बनाने या फिर बिगाड़ने के लिए इस्तेमाल होते रहे हैं. ट्रंप के समर्थकों का तर्क है कि Cheesecake Factory एक लोकप्रिय रेस्टोरेंट है. ऐसे में इसकी तुलना तानाशाह सद्दाम हुसैन की भव्यता से करना उन लोगों को नीचा दिखाने जैसा लग सकता है, जो वहां जाना पसंद करते हैं. वहीं ओबामा के समर्थकों का कहना है कि आलोचना का इरादा रेस्टोरेंट के खाने या वहां जाने वाले ग्राहक नहीं, बल्कि ट्रंप को निशाना बनाना था.
मिडटर्म चुनाव से इस विवाद का क्या कनेक्शन है?
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच में होते हैं. इन चुनावों में राष्ट्रपति का पद दांव पर नहीं होता है लेकिन कांग्रेस के दोनों सदनों में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा, यह तय होता है. 2026 के मिडटर्म चुनाव 3 नवंबर को होने हैं. इस बार प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में अपना कंट्रोल बनाए रखने की कोशिश कर रही है, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों सदनों में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है.
क्या इस विवाद से Cheesecake Factory को फायदा हुआ?
दिलचस्प बात यह है कि राजनीतिक विवाद के बीच रेस्टोरेंट चेन के कारोबार ने भी सुर्खियां बटोरीं. Fortune की 28 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने 2026 की तीसरी तिमाही में 1.03 अरब डॉलर का रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया. एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 907.2 मिलियन डॉलर था. यानी सालाना आधार पर राजस्व में करीब 14 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई. कंपनी के रेस्टोरेंट में बिक्री 15.2 फीसदी बढ़ी. कंपनी ने तिमाही के दौरान 6 नए रेस्टोरेंट खोले और पूरे साल में 26 तक नए रेस्टोरेंट खोलने की योजना भी बताई.
ट्रंप और ओबामा की पुरानी राजनीतिक दुश्मनी भी है वजह
ट्रंप और ओबामा के बीच टकराव नया नहीं है. दोनों के बीच सार्वजनिक बयानबाजी का इतिहास एक दशक से भी पुराना है. 2011 में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान ओबामा ने ट्रंप पर व्यंग्य किया था. उस समय ट्रंप कारोबारी और टेलीविजन हस्ती के रूप में चर्चित थे. बाद में ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ा और 2016 में जीत हासिल की. ओबामा ने उनके राजनीतिक रुख और बयानों की आलोचना की, जबकि ट्रंप ने ओबामा के राष्ट्रपति कार्यकाल पर कई बार निशाना साधा. 2024 के चुनाव में भी ओबामा ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस के समर्थन में प्रचार किया था.