Karwa Chauth पर तूफान और प्रदूषण की वजह ना दिखें चंद्र देव तो ऐसे खोलें व्रत, इन 6 में से अपना लें कोई एक भी तरीका

Karwa Chauth पर तूफान और प्रदूषण की वजह ना दिखें चंद्र देव तो ऐसे खोलें व्रत, इन 6 में से अपना लें कोई एक भी तरीका


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Karwa Chauth पर तूफान और प्रदूषण की वजह ना दिखें चंद्र देव तो ऐसे खोलें व्रत

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Karwa Chauth 2026: आज देशभर में करवा चौथ व्रत मनाया जा रहा है. मौसम, तूफान, बादलों या प्रदूषण के कारण चंद्रदेव के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं. ऐसे में महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि चांद दिखाई ना देने पर व्रत कैसे खोलें. आइए जानते हैं 6 ऐसे तरीके, जिन्हें स्थानीय परंपरा और परिवार की मान्यताओं के अनुसार अपनाया जा सकता है…

Karwa Chauth 2026: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं. परंपरा के अनुसार, शाम को चंद्रमा के दर्शन करने, उन्हें अर्घ्य देने और पति के हाथों जल ग्रहण करने के बाद व्रत खोला जाता है. लेकिन इस बार खराब अर्नब तूफान की वजह से कई राज्यों में भारी बारिश और ठंडी हवा चल रही है. साथ ही दिल्ली-NCR में सुबह से ही बारिश और बादल छाए हुए हैं और पूरी आशंका जताई जा रही है कि शाम के समय चंद्र देव के दर्शन आसानी से नहीं होंगे. ऐसी स्थिति में निर्जला व्रत करने वाले कैसे व्रत को खोलें और पूजा कैसे करें. आइए जानते हैं करवा चौथ के दिन चांद ना दिखने पर व्रत खोलने के तरीके और नियम…

शिवजी और चंद्रदेव का ध्यान करें – अगर मौसम खराब होने के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं दे रहे हैं, तो भगवान शिव और चंद्रदेव का ध्यान कर सकते हैं. भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं. ऐसे में श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करके उन्हें अर्घ्य अर्पित करें और पूजा करके व्रत खोलने की परंपरा कुछ परिवारों में प्रचलित है.

चंद्रमा की दिशा में करें पूजन – चंद्रमा सामान्यतः पूर्व दिशा से निकलकर पश्चिम की ओर अस्त होते हैं. चंद्रमा के उदय की संभावित दिशा की जानकारी लेकर उस ओर मुख करके प्रार्थना कर सकती हैं. चंद्र देव तो उदय होंगे ही, भले ही बादल की वजह से ना दिखें तो ऐसे में जिस दिशा में चंद्र देव उदय हो रहे हैं, उस दिशा की ओर मुख करके चंद्र देव का आह्वान करें और अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें.

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वीडियो कॉल के जरिए करें चंद्र दर्शन – अगर आपके शहर में मौसम खराब है और किसी दूसरे स्थान पर चंद्रमा दिखाई दे रहे हैं, तो वहां मौजूद परिवार के सदस्य से वीडियो कॉल पर चंद्रमा के दर्शन करने का विकल्प कुछ लोग अपना सकते हैं.

चावल से बनाएं चंद्रमा की आकृति – पूजा स्थल पर साफ जगह में चावल से चंद्रमा की आकृति बनाकर श्रद्धापूर्वक पूजा कर सकती हैं. इसे प्रतीकात्मक पूजा के रूप में अपनाया जा सकता है. प्रतिकात्मक चंद्र देव को अर्घ्य देकर पारण कर सकते हैं.

जल से भरे पात्र को मानें प्रतीक – एक साफ पात्र में जल भरकर उसे पूजा स्थल पर रखें और चंद्रदेव का याद करें. कुछ लोग दीपक की लौ को भी प्रतीकात्मक रूप से सामने रखकर प्रार्थना करते हैं.

चांदी के सिक्के और पानी से करें प्रतीकात्मक दर्शन – थाली में चांदी का सिक्का रखकर उसमें थोड़ा साफ पानी भरें. फिर शीशे की सहायता से उसका प्रतिबिंब देखकर चंद्रदेव का याद करें. यह एक प्रतीकात्मक उपाय है, ऐसी स्थिति में दर्शन करके व्रत को खोलें.

चंद्रोदय का समय – पंचांग के अनुसार, आज चंद्रमा का उदय रात 8 बजकर 39 मिनट के करीब बताया जा रहा है.

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