Last Updated:
दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही गोरखपुर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है. शहर के प्रमुख बाजारों में अभी से लोगों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है. घरों को सजाने से लेकर पूजा-पाठ की तैयारियों तक, लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं. इस बार बाजार में इलेक्ट्रॉनिक लाइटों के साथ-साथ हाथों से तैयार की गई हैंडमेड झालरों की भी खूब डिमांड देखने को मिल रही है. खास बात यह है कि घर के इंटीरियर को आकर्षक बनाने वाली सजावटी झालरें लोगों की पहली पसंद बन रही हैं.
गोरखपुर: शहर मे दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही गोरखपुर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है. शहर के प्रमुख बाजारों में अभी से लोगों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है. घरों को सजाने से लेकर पूजा-पाठ की तैयारियों तक, लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं. इस बार बाजार में इलेक्ट्रॉनिक लाइटों के साथ-साथ हाथों से तैयार की गई हैंडमेड झालरों की भी खूब डिमांड देखने को मिल रही है. खास बात यह है कि घर के इंटीरियर को आकर्षक बनाने वाली सजावटी झालरें लोगों की पहली पसंद बन रही हैं.
घंटाघर बाजार में सजावटी झालरों की खूब मांग
गोरखपुर के घंटाघर बाजार में दिवाली की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है. यहां की कई दुकानों पर घर के अंदर सजावट करने से लेकर दरवाजों को खूबसूरत बनाने तक के लिए अलग-अलग डिजाइन की झालरें उपलब्ध हैं. इसी बाजार में जयसवाल जी की होलसेल दुकान पर भी ग्राहक इन सजावटी सामानों की खरीदारी करते नजर आ रहे हैं. दुकानदार राजीव बताते हैं कि, इस बार हैंडमेड झालरों में सबसे ज्यादा गेंदा फूल की लड़ी की मांग है. गेंदे के फूल की कीमत अधिक होने के कारण लोग सजावट के लिए कृत्रिम गेंदा फूलों से बनी लड़ियों को पसंद कर रहे हैं. ये झालरें घर को पारंपरिक लुक देने के साथ सजावट को भी आकर्षक बनाती हैं.
डमरू, रिंग और डोर बेल झालर भी पसंद
गेंदा फूल की लड़ी के अलावा डमरू डिजाइन वाली झालरों की भी खूब बिक्री हो रही है. वहीं, हाथों से तैयार की गई रिंग झालर और डोर बेल झालर भी ग्राहकों को पसंद आ रही हैं. इनका इस्तेमाल घर के अंदर, पूजा स्थल और दरवाजों को सजाने के लिए किया जा रहा है. वहीं, राजू बताते हैं कि इस बार साउथ इंडियन स्टाइल के फूलों और दरवाजों पर टांगने वाले सजावटी डिजाइनों की भी अच्छी मांग है. इनकी मदद से लोग अपने घरों के प्रवेश द्वार को पारंपरिक और आकर्षक रूप देना चाहते हैं. अलग-अलग डिजाइन और रंगों में उपलब्ध ये सजावटी सामान त्योहार के माहौल को और खास बना रहे हैं.
80 से 100 रुपये तक में मिल रही हैं झालरें
हैंडमेड झालरों की लोकप्रियता की एक वजह इनकी किफायती कीमत भी है. राजीव के मुताबिक, इनकी कीमत लगभग 80 से 90 रुपये से शुरू होती है और अलग-अलग डिजाइन के हिसाब से 100 रुपये तक जाती है. कम कीमत में उपलब्ध होने के कारण लोग अपने बजट के अनुसार घर की सजावट के लिए इन्हें खरीद रहे हैं. गोरखपुर के घंटाघर बाजार में दिवाली की खरीदारी ने रफ्तार पकड़ ली है. इस बार पारंपरिक सजावट और नए डिजाइन का मेल बाजार में खास आकर्षण बना हुआ है. गेंदा फूल की लड़ी, डमरू झालर, रिंग झालर और साउथ इंडियन स्टाइल के सजावटी फूलों की मांग से बाजार में त्योहार की रौनक साफ दिखाई दे रही है.