पटना. बिहार में औद्योगिक विकास, बिजली व्यवस्था और सड़क कनेक्टिविटी को लेकर राज्य सरकार ने बुधवार को कई बड़े फैसले लिए. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 43 एजेंडों पर मुहर लगी. बैठक में नई एमएसएमई नीति, बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 11,096.55 करोड़ रुपये की योजना और तीन प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई. बिहार सरकार ने राज्य में ‘एक करोड़ उद्यमी परिवार’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है.
कैबिनेट ने नई एमएसएमई नीति को मंजूरी दे दी है. इसके तहत अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. सरकार का लक्ष्य राज्य में एक करोड़ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करना भी है. इसके लिए बिहार के सभी 38 जिलों में एमएसएमई केंद्र स्थापित किए जाएंगे. साथ ही प्रत्येक जिले में एक औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना है. नई नीति के तहत उद्यमियों को आसान वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच, तकनीकी कौशल और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे राज्य में उद्योग और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा.
बिजली व्यवस्था के लिए 11,096 करोड़ की योजना
बिहार में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए कैबिनेट ने वितरण व्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा फैसला लिया है. राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 1802 मेगावाट से बढ़कर 9475 मेगावाट तक पहुंच गई है. बिजली व्यवस्था को अगले तीन वर्षों में सुदृढ़ करने के लिए 11,096.55 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है. इसमें नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 6,066 करोड़ रुपये और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 5,030.55 करोड़ रुपये मिलेंगे. इस राशि से एलटी केबल, ट्रांसफॉर्मर और बिजली वितरण नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने की तैयारी है. बढ़ती बिजली खपत और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस योजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री का रास्ता साफ
कैबिनेट ने बिहार में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है. चयनित टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगे प्रतिबंध को हटाने की स्वीकृति दी गई है. नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से प्रतिबंध हटाने को मंजूरी दी गई है. टाउनशिप की विकास योजना अधिसूचित होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में भवन निर्माण और भूमि विकास का रास्ता साफ हो सकेगा. हालांकि, निर्माण और विकास कार्य निर्धारित भूमि उपयोग तथा लागू डेवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशन (DCR) के अनुरूप ही किए जा सकेंगे.
तीन नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी
बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए तीन नई सड़क परियोजनाओं को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है. इनमें विश्वामित्र पथ, गंगा अंबिका पथ और नारायणी पथ शामिल हैं. तीनों परियोजनाओं के लिए कुल 371 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. विश्वामित्र पथ की लंबाई करीब 90 किलोमीटर, जबकि गंगा अंबिका पथ की लंबाई 56 किलोमीटर होगी. वहीं, नारायणी पथ के तहत गोपालगंज के दुबौली घाट से संबंधित 73.51 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाएगा.
इन सड़कों का निर्माण बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) के माध्यम से PPP मॉडल पर कराया जाएगा. सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं के पूरा होने से आवागमन बेहतर होगा और संबंधित क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी. कैबिनेट के इन फैसलों को बिहार में उद्योग, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.