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Sheopur Cheetah Death Case: एमपी के श्योपुर में कूनो के 19 महीने के नर चीते KNG22 की मौत का मामला अब केंद्र तक पहुंच गया है. केंद्र सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए MoEFCC के जरिए हाई-लेवल सेंट्रल टीम जांच के लिए भेजी है, जिसमें NTCA और WCCB के 3 सीनियर अधिकारी शामिल हैं. यह टीम मध्यप्रदेश फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और STF के साथ मिलकर मौत के हालात की जांच करेगी और रिव्यू कर अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी.
Sheopur Cheetah Death Case, pic credit- freepik
रमाकांत दुबे(भोपाल),
Sheopur Cheetah Death Case: मध्य प्रदेश के श्योपुर में कूनो के चीते KNG22 की गोली लगने से हुई मौत का मामला अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है. केंद्र ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और जांच के लिए एक हाई-लेवल सेंट्रल टीम को मौके पर भेजा है. यह टीम मध्य प्रदेश फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और STF के साथ मिलकर जांच करेगी. केंद्र सरकार ने 19 महीने के नर चीते KNG22 की मौत को काफी गंभीरता से लिया गया है. प्रोजेक्ट चीता के महत्व और बिग कैट की सुरक्षा को देखते हुए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने यह टीम तैनात की है.
टीम में तीन बड़े अफसर शामिल
सेंट्रल टीम में तीन सीनियर ऑफिसर हैं. इनमें राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ फॉरेस्ट्स, वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) के अतिरिक्त निदेशक और WCCB के क्षेत्रीय उप निदेशक शामिल हैं.
चीते की मौत का टीम करेगी जांच
यह टीम चीते की मौत के हालात की गहन जांच करेगी और सभी सबूतों को अच्छे से परखेगी. वह मध्य प्रदेश फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के साथ तालमेल बनाकर काम करेगी. इसके साथ ही सिक्योरिटी प्रोटोकॉल और मॉनिटरिंग सिस्टम का रिव्यू भी किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो. टीम अपनी फाइंडिंग और सिफारिशें मंत्रालय को सौंपेगी, जिनके आधार पर राज्य सरकार और फील्ड अथॉरिटी को आगे के निर्देश दिए जाएंगे.
घायल मिला था चीता, इलाज के बावजूद नहीं बची जान
जानकारी के अनुसार, यह चीता मादा नीरवा का शावक था. वह 25 अक्टूबर को मुरैना के टेरिटोरियल फॉरेस्ट में घायल हालत में मिला, जो कूनो प्रोटेक्टेड एरिया के बाहर है. उसी दिन उसे श्योपुर टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन ने रेस्क्यू किया. इसके बाद उसे जबलपुर की वेटनरी फैसिलिटी में इंटेंसिव केयर में रखा गया और सर्जरी की गई. वहां, सर्जरी के दौरान उसके शरीर से 5 फायरआर्म पेलेट्स निकाले गए.
लेकिन सारी कोशिशों के बावजूद भी 27 अक्टूबर को चीते की मौत हो गई. अब मेडिकल जांच में सामने आया कि पेलेट्स की वजह से शरीर में कई इंटरनल इंजरी आई थीं. राज्य सरकार इस मामले में पहले ही फॉरेस्ट और पुलिस अफसरों की STF गठित कर चुकी है. अब सेंट्रल टीम इस एसटीएफ के साथ तालमेल मिलाकर काम करेगी.