Immortal Jellyfish : इंसानों को दोबारा जवान बना सकता है ये जीव, कोशिकाओं में मिली ऐसी चाबी, 4 लाइलाज बीमारियों का इलाज

Immortal Jellyfish : इंसानों को दोबारा जवान बना सकता है ये जीव, कोशिकाओं में मिली ऐसी चाबी, 4 लाइलाज बीमारियों का इलाज


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इंसानों को दोबारा जवान बनाएगा ये जीव, कोशिकाओं से होगा 4 बीमारियों का इलाज

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धरती पर दुनिया का इकलौता ऐसा जीव है, जो बूढ़ा होने के बाद मरता नहीं है. ये अपनी उम्र का पहिया उल्टा घुमाकर फिर से बच्चा बन जाता है. वैज्ञानिकों को इसके शरीर में कुछ जादुई कोशिकाएं मिली हैं, जिन्हें ‘ट्रांसडिफरेंशिएशन’ और डीएनए रिपेयरिंग कहा जाता है. ये कोशिकाएं भविष्य में इंसानों के ऊतकों को फिर से जवान कर सकती हैं. शोधकर्ताओं का मानना है कि इस जीव के रहस्यों को समझकर 4 बड़ी बीमारियों का पक्का इलाज ढूंढा जा सकता है.

बूढ़ी होकर फिर बच्चा बन जाता है ये जीव : आपने कभी किसी ऐसे जीव के बारे में सुना है जो मरने के बजाय उलटा जवान हो जाता है? ‘अमर जेलीफिश’ जब भी किसी खतरे, भुखमरी या बीमारी में फंसती है, तो वो हार नहीं मानती. वो अपनी एडल्ट बॉडी को छोड़कर कोशिकाओं के एक छोटे से गोले में बदल जाती है. महज 1 से 3 दिनों के भीतर इस गोले से उसका बचपन यानी ‘पॉलिप’ बाहर आ जाता है और वो फिर से एक नई जिंदगी की शुरुआत कर देती है!

गलती से खुला था इस अमरता का सबसे बड़ा राज : इस हैरान करने वाली खोज के पीछे एक मजेदार किस्सा है. साल 1992 में एक इतालवी वैज्ञानिक लैब में इन जेलीफिश को रखना भूल गए और उन्हें कई दिनों तक कोई खाना नहीं मिला. उन्हें लगा कि सारी जेलीफिश अब तक मर चुकी होंगी. लेकिन जब उन्होंने डिब्बा खोलकर देखा, तो उनके होश उड़ गए, जेलीफिश मरी नहीं थीं, बल्कि वे खुद को बदलकर दोबारा छोटे ‘पॉलिप’ बन चुकी थीं!

कोशिकाओं का असली मास्टरमाइंड : इंसानों या बाकी जीवों में जब दिल या दिमाग की कोशिकाएं बूढ़ी होती हैं, तो वे हमेशा के लिए दम तोड़ देती हैं. लेकिन इस अमर जेलीफिश के शरीर में एक जादुई प्रक्रिया होती है जिसे ‘ट्रांसडिफरेंशिएशन’ कहते हैं. इसके जरिए इसकी पुरानी और थकी हुई कोशिकाएं वापस शुरुआती ‘स्टेम सेल’ जैसी बन जाती हैं और जरूरत पड़ने पर शरीर का कोई भी नया अंग दोबारा तैयार कर लेती हैं.

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डीएनए की रिपेयरिंग और अमरता की पक्की चाबी : साल 2022 की एक बड़ी वैज्ञानिक रिसर्च में सामने आया कि इस जेलीफिश के पास अपने खराब डीएनए को ठीक करने वाले जींस का बहुत बड़ा खजाना है. इसके शरीर में ‘टेलोमेयर्स’ यानी डीएनए की सुरक्षा करने वाली कैप हमेशा मजबूत बनी रहती हैं. यही वजह है कि उम्र बढ़ने के बावजूद इसका डीएनए कभी बूढ़ा या कमजोर नहीं होता है.

क्या इंसान भी कभी पा सकेंगे सदाबहार जवानी : वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि किसी इंसान को हॉलीवुड फिल्म ‘बेंजामिन बटन’ की तरह पैदा हुए बच्चे जैसा बना देना तो कोरी कल्पना है. लेकिन इस जेलीफिश के सीक्रेट्स को समझकर हम इंसानी सेल्स और ऊतकों को जरूर दोबारा जवान कर सकते हैं. ये तकनीक भविष्य में मेडिकल साइंस के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं होगी.

चार लाइलाज और खतरनाक बीमारियों का हो सकता है इलाज : इस जेलीफिश की कोशिकाओं की री-जुवेनेट होने की खूबी परवान चढ़ी, तो ये इंसानों के लिए सबसे बड़े वरदान में बदल सकती है. वैज्ञानिक मानते हैं कि इसकी मदद से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, अल्जाइमर और बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी जाने जैसी 4 सबसे बड़ी लाइलाज बीमारियोंका स्थायी इलाज ढूंढा जा सकता है.

कागजों पर अमर, लेकिन कुदरत के आगे बेहद नाजुक : भले ही प्रयोगशाला में ये जेलीफिश अमर दिखाई देती हो, लेकिन असल समंदर की दुनिया में ये बहुत ही संवेदनशील और कमजोर जीव है. समंदर की बड़ी मछलियां इसे आसानी से निगल जाती हैं, खाना न मिलने या ऊपर एल्गी जमने से इसकी जान चली जाती है. ये हमें सिखाती है कि चाहे कोई कितना भी अमर क्यों न हो, जिंदगी और मौत कुदरत के दो ऐसे अटल सच हैं जिनसे कोई नहीं बच सकता.

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