Jio Listing : जियो ने बनाए ये 15 रिकॉर्ड, बड़ी-बड़ी कंपनियां भी आसपास नहीं

Jio Listing : जियो ने बनाए ये 15 रिकॉर्ड, बड़ी-बड़ी कंपनियां भी आसपास नहीं


नई दिल्‍ली. देश के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू, जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स के शेयरों ने आज, 28 अक्‍टूबर को शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत की. कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर इश्यू प्राइस से 21.4% प्रीमियम के साथ ₹1,358 पर लिस्‍ट हुए. इंट्राडे के दौरान जियो शेयर ने ₹1,375 का उच्चतम स्तर छुआ. इस तूफानी तेजी के दम पर पहले ही दिन कंपनी के मार्केट कैप में ₹2.2 लाख करोड़ का जबरदस्त इजाफा हुआ. यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में किसी कंपनी की लिस्टिंग के दिन मूल्य में हुई सबसे बड़ी बढ़ोतरी है.

जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स शेयर ने 21% से अधिक का लिस्टिंग गेन देकर देश के शीर्ष-5 सबसे बड़े आईपीओ के लिस्टिंग गेन के रिकॉर्ड तोड़ दिए. देश के बड़े आईपीओ में शुमार एलआईसी, हुंडई, और पेटीएम के शेयर तो अपने इश्यू प्राइस से नीचे लिस्ट हुए थे. एनएसई के शेयर ने निवेशकों को केवल 1% लिस्टिंग गेन दिया था. वहीं जियो ने निवेशकों को पहले ही मिनट में बंपर मुनाफा कराया.

100 अरब डॉलर के एलीट IPO क्लब में एंट्री

इश्यू प्राइस के आधार पर जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स का मूल्यांकन लगभग ₹10.3 लाख करोड़ रहा. इस आंकड़े के साथ कंपनी मेटा, अलीबाबा और स्‍पेसएक्‍स जैसी दुनिया की उन चुनिंदा फाउंडर-लेड कंपनियों की वैश्विक लीग में शामिल हो गई, जिनका वैल्यूएशन IPO के समय 100 अरब डॉलर से अधिक रहा है.

एंकर निवेशकों से मिली रिकॉर्ड डिमांड

जियो आईपीओ को एंकर निवेशकों समेत कुल ₹7.4 लाख करोड़ की रिकॉर्ड-तोड़ मांग मिली. एंकर निवेशकों के लिए रिजर्व ₹8,110 करोड़ के शेयरों के मुकाबले करीब ₹2.5 लाख करोड़ की बोलियां आईं. वहीं पब्लिक सब्सक्रिप्शन में ₹4.9 लाख करोड़ से अधिक मूल्‍य की बोलियां मिलीं. जियो ने इस मामले में एलजी इलेक्‍ट्रोनिक्‍स इंडिया के आईपीओ को पिछे छोड़ दिया. एंकर बुक को छोड़ दें तो जियो आईपीओ देश का सबसे अधिक मांग वाला IPO साबित हुआ.

Airtel को पछाड़कर जियो बनी भारत की सबसे मूल्यवान टेलीकॉम कंपनी

शानदार लिस्टिंग के साथ ही Jio Platforms देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई. लिस्टिंग के तुरंत बाद इसका मार्केट कैप ₹12.6 लाख करोड़ के पार पहुंच गया, जिसने भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के ₹12.17 लाख करोड़ के बाजार पूंजीकरण को पीछे छोड़ दिया.

IPO आवेदन का भी बना दिया रिकॉर्ड

रिटेल और संस्थागत निवेशकों द्वारा जमकर लगाए गए दांव की बदौलत जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स आईपीओ को कुल 1.34 करोड़ आवेदन मिले. इंडियन प्राइमरी मार्केट के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा एप्लीकेशन बेस बन गया है.

भारत का सबसे बड़ा IPO

₹30,200 करोड़ के साइज के साथ जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स ने देश के अब तक के सबसे बड़े IPO का ताज अपने नाम किया. इसने हुंडई मोटर्स इंडिया, एनएसई इंडिया और एलआईसी आईपीओ के पुराने रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया.

100 मिनट में ही पूरा भरा

जियो आईपीओ के लिए सब्सक्रिप्शन शुरू होने के महज 100 मिनट के भीतर यह पब्लिक इश्यू 100% भर गया. यह भी एक रिकॉर्ड है. वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का ₹5,500 करोड़ का कोटा तो शुरुआती 10 मिनट में ही पूरी तरह भर गया था. जियो आईपीओ कुल 22.2 गुना सब्सक्राइब हुआ था.

जियो बनी देश की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी

BSE और NSE पर लिस्ट होते ही जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स करीब ₹12.51 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई. इस सूची में पहले पायदान पर इसकी पेरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है.

लिस्टिंग के दिन मार्केट कैप में सबसे बड़ी छलांग

शेयर बाजार खुलते ही 21.36% के प्रीमियम की बदौलत कंपनी के बाजार पूंजीकरण में एक ही दिन में ₹2.2 लाख करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. यह भारतीय स्टॉक मार्केट के इतिहास में लिस्टिंग डे पर वेल्थ क्रिएशन का सबसे बड़ा आंकड़ा है.

टॉप-2 पायदानों एक ही समूह की कंपनियां

भारतीय कॉरपोरेट इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब मार्केट कैप के मामले में पहले और दूसरे पायदान पर पेरेंट कंपनी और उसकी सब्सिडियरी कंपनी काबिज हुईं. ₹15.77 लाख करोड़ के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले और ₹12.61 लाख करोड़ के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स दूसरे स्थान पर रही. दोनों का संयुक्त मार्केट कैप ₹28 लाख करोड़ के पार पहुंच गया.

रिलायंस समूह बना भारत का सबसे मूल्यवान कारोबारी समूह

जियो  की लिस्टिंग के बाद रिलायंस ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया. इस लिस्टिंग ने रिलायंस ग्रुप को देश का सबसे मूल्यवान बिजनेस ग्रुप बन गया.

सबसे बड़ा फ्रेश इश्‍यू

जियो प्लेटफॉर्म्स का पूरा ₹30,200 करोड़ का इश्‍यू 27 करोड़ नए इक्विटी शेयरों का था. इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं था. यह पूरी तरह नए शेयरों पर आधारित देश का सबसे बड़ा IPO बना.

IPO बाजार में रिलायंस की धमाकेदार वापसी

रिलायंस ग्रुप ने ठीक 20 साल के लंबे अंतराल के बाद प्राइमरी मार्केट में कदम रखा. इससे पहले समूह की अंतिम लिस्टिंग वर्ष 2006 में रिलायंस पेट्रोलियम के तौर पर हुई थी. दो दशक बाद समूह की इस वापसी ने बाजार में नया जोश भर दिया.

QIB ने लगाई 70.55 गुना बोली

संस्थागत खरीदारों (QIBs) ने इस इश्यू पर टूट पड़ते हुए अपने कोटे के लिए करीब ₹3.87 लाख करोड़ की भारी-भरकम बोलियां लगाईं. इसके चलते QIB श्रेणी में कुल सब्सक्रिप्शन 70.55 गुना तक पहुंच गया. बड़े साइज के आईपीओ को इतनी बोलियां मिलना बहुत मुश्किल होता है.

‘BUY’ रेटिंग के साथ कवरेज

कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स को देखते हुए ग्लोबल फर्म नोमूरा और घरेलू ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल ने ‘BUY’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है. नोमूरा ने ₹1,340 और ओसवाल ने ₹1,350 का टारगेट तय किय. ब्रोकरेज का कहना है कि लगातार बढ़ते ग्राहक, टैरिफ में बढ़ोतरी, होम ब्रॉडबैंड का विस्तार और डिजिटल सर्विसेज की मजबूती आने वाले सालों में कंपनी की कमाई को नई उड़ान देंगे.

 (Disclaimer: यहां बताए गए स्‍टॉक्‍स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)

(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)



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