Dehradun News : झड़ते बालों से चाहिए मुक्ति? देहरादून के विरासत मेले से ले आएं ये कंघी, शाही रानियां इसी से झाड़ती थीं बाल

Dehradun News : झड़ते बालों से चाहिए मुक्ति? देहरादून के विरासत मेले से ले आएं ये कंघी, शाही रानियां इसी से झाड़ती थीं बाल


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Neem Combs Benefits : क्या आप भी झड़ते बालों की समस्या से परेशान हैं. ऐसे लोगों के लिए देहरादून में नेचुरल वुडन कॉम्ब बिकने आ गए हैं. विरासत मेले से इन्हें खरीदा जा सकता है. इन कंघियों का समृद्ध इतिहास रहा है. माना जाता है कि शाही महलों में रानियां भी अपने लंबे, घने और खूबसूरत बालों की देखभाल के लिए नीम की लकड़ी से बनी इन कंघियों का ही इस्तेमाल करती थीं. इसके नियमित इस्तेमाल से डैंड्रफ और सिर की खुजली में आराम मिलता है. बालों का झड़ना रुकता है और गंजेपन की परेशानी से छुटकारा मिल सकता है. पुरानी दिल्ली से देहरादून के विरासत मेले में आए धर्मेंद्र की ये पांचवीं पीढ़ी है, जो इसे बना रही है.

देहरादून. अगर आपको भी झड़ते बालों की समस्या है या हेयर हेल्थ से आप चिंतित हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आपके लिए देहरादून में नेचुरल वुडन कॉम्ब बिकने आ गए हैं. राजधानी देहरादून में आयोजित विरासत मेले में दिल्ली की ट्रेडिशनल और हैंडमेड नीम की कंघियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. पुराने जमाने से ही इन कंघियों का एक समृद्ध इतिहास रहा है. माना जाता है कि शाही महलों में रानियां भी अपने लंबे, घने और खूबसूरत बालों की देखभाल के लिए नीम की लकड़ी से बनी इन कंघियों का ही उपयोग करती थीं. नीम अपने प्राकृतिक औषधीय और जीवाणुरोधी गुणों के लिए जाना जाता है. इस पारंपरिक कंघी से सिर की त्वचा पर मालिश जैसा काम करती है, जिससे रक्त संचार बेहतर होता है और बालों की जड़ें मजबूत होती हैं.

आजकल की कंघियों में क्या दिक्कत

इसके नियमित इस्तेमाल से डैंड्रफ और सिर की खुजली में आराम मिलता है, जिससे बालों का झड़ना रुकता है और गंजेपन की परेशानी से छुटकारा मिल जाता है. आधुनिक प्लास्टिक की कंघियों से होने वाले स्टेटिक चार्ज और नुकसान की तुलना में यह प्राकृतिक नीम की कंघी बालों को सेहतमंद, चमकदार और मजबूत बनाए रखने का एक बेहद कारगर और पुराना तरीका है जो अब देहरादून में मिल रही है.

कितने रुपये कीमत

देहरादून के हिमालय एंड कल्चर ग्राउंड में लगने वाले विरासत मेले में धर्मेंद्र पुरानी दिल्ली से आए हैं. उनके पूर्वज लकड़ी के हैंडीक्राफ्ट बनाने का काम करते थे और वह पांचवीं पीढ़ी हैं. लोकल 18 से धर्मेंद्र बताते हैं कि उनके परदादा बादशाहों की रानियां के लिए कंघे तैयार करते थे. धर्मेंद्र बालों के हिसाब से कंघे तैयार करते हैं. छोटे बाल, लंबे बाल और मोटे बालों के लिए अलग-अलग डिजाइन और आकर के कंघे हैं. धर्मेंद्र के मुताबिक, जब आप लकड़ी के कंघे से बालों को कंघी करते हैं तो यह मसाज का काम करती है, जिससे ब्लड सरकुलेशन ठीक होता है. प्लास्टिक के कंघे में नैनोप्लास्टिक होती है जो स्किन और बालों को नुकसान करती है. अगर बालों की जड़ों में खुजली और डेंड्रफ है तो यह बहुत फायदेमंद है. जो लोग हेल्थ कॉन्शियस हैं, उनके लिए वुडन कॉम्ब रामबाण है. यहां आपको 30, 50 और 100 रुपये में कंघी मिल जाएगी. यह मेला 6 नवंबर तक लगेगा.

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