किसानों के लिए वरदान है ये हरा चारा, पानी में सिर्फ10 दिनों में हो जाता दोगुना, जानें ज्यादा कमाई का तरीका

किसानों के लिए वरदान है ये हरा चारा, पानी में सिर्फ10 दिनों में हो जाता दोगुना, जानें ज्यादा कमाई का तरीका


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किसानों के लिए वरदान है ये हरा चारा, पानी में सिर्फ10 दिनों में हो जाता दोगुना

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Darbhanga Agriculture News: दरभंगा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विवेकानंद ठाकुर ने अजोला घास के फायदों के बारे में बताया है. यह पानी पर उगने वाला घास पशुओं, मछलियों और धान की खेती के लिए वरदान साबित हो रहा है, जिसमें 20 से 25 प्रतिशत तक प्रोटीन होता है. आइये जानते हैं इस घास के बारे में.

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दरभंगा: कमल की तरह पानी पर उगने वाला एक घास है, जिसका उपयोग खाद से लेकर मुर्गियों का चारा, मछलियों का चारा और मवेशियों के चारे के रूप में किया जा रहा है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यदि आप 100 ग्राम इसे किसी तालाब में डाल देते हैं तो 3 से 4 महीने में पूरा तालाब हरे चारे से भर जाता है. यह किसानों और पशुपालकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

जानें कृषि वैज्ञानिक से

दरभंगा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विवेकानंद ठाकुर बताते हैं कि इस घास का नाम अजोला है, जो पानी की सतह पर होने वाला घास है. इस घास की ग्रोथ बहुत फास्ट होती है. यह 7 से 10 दिन में ही दुगना हो जाती है. यानी आज अगर आपके पास एक किलो है तो 10 दिन में दो किलो हो जाएगा. कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि इसके लिए कुछ खास जरूरतों का ध्यान रखना होता है. पानी का पीएच मान 7 से ज्यादा होना चाहिए और टेंपरेचर 25 से 30 डिग्री के बीच होना चाहिए. इतनी अनुकूल स्थिति में यह बहुत तेजी से बढ़ता है.

पशुपालकों को होगा बंपर मुनाफा

यह खेती में काफी फायदा करता है. जो किसान पशुपालन कर रहे हैं, उनके लिए यह सबसे ज्यादा फायदेमंद है. उसके बाद मछली पालन कर रहे किसानों के लिए भी यह बहुत लाभदायक है. खेती की बात करें तो जैसे धान की खेती में पानी लगा रहता है, उसमें इसको डाल देंगे तो यह पानी में बढ़ता रहेगा और धान की खेती में यह नाइट्रोजन की कमी को दूर करेगा. इससे धान की खेती में यूरिया डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यह बिना पैसे के खेतों में खाद का काम करता रहेगा.

कम लागत में किसान कमाएं बंपर मुनाफा

मुर्गी पालन और मत्स्य पालन की बात करें तो यह हरे चारे के तौर पर काम करता है. यदि इस घास का प्रोडक्शन ज्यादा हो रहा है तो इसे सुखाकर दूसरे चारे के साथ मिलाकर पशुओं को दिया जा सकता है. इसमें 20 से 25 प्रतिशत प्रोटीन होता है, जो पशुओं और मछलियों के लिए बहुत जरूरी है. इससे मछली का ग्रोथ बहुत ज्यादा बढ़ता है और मुर्गियों में अंडा देने की क्षमता भी बढ़ जाती है. कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने वाले किसानों के लिए अजोला एक बेहतरीन विकल्प है.



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