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वेस्टर्न रेलवे में काम करने वाले प्रशांत रबारी पर ईडी ने बड़ा एक्शन लिया है. एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग और करप्शन केस के तहत अहमदाबाद की स्पेशल कोर्ट में प्रोजेक्शन कंप्लेंट दर्ज की है. आरोप है कि जॉब के दौरान उसने वैध कमाई से कहीं ज्यादा लगभग 2.58 करोड़ रुपए की अवैध प्रॉपर्टी अर्जित की है.
ईडी ने पश्चिमी रेलवे के एक स्टाफ के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है. (एआई इमेज)
अहमदाबाद. वेस्टर्न रेलवे में काम करने वाले प्रशांत रबारी पर भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति जुटाने का आरोप लगा है. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने अब आरोपी के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. ईडी ने अहमदाबाद की स्पेशल कोर्ट में प्रशांत रबारी के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दर्ज की है. इसके साथ ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता भी खुल गया है.
इस पूरे मामले की शुरुआत केंद्रीय जांच ब्यूरो की एक एफआईआर से हुई थी. सीबीआई ने गांधीनगर में प्रशांत रबारी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया था. इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की. जांच के दौरान आरोपी की कमाई और उसके नाम पर जुटाई गई संपत्ति को लेकर कई अहम बातें सामने आईं.
चार साल में 2.58 करोड़ की चल-अचल संपत्ति
ईडी की जांच के मुताबिक, प्रशांत रबारी ने वेस्टर्न रेलवे में नौकरी के दौरान करीब चार साल में लगभग 2 करोड़ 58 लाख रुपये की चल और अचल संपत्ति जुटाई. एजेंसी का आरोप है कि इतनी बड़ी संपत्ति भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के जरिए बनाई गई थी. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने संपत्ति सिर्फ अपने नाम पर ही नहीं, बल्कि अपनी पत्नी के नाम पर भी खरीदी थी.
ईडी ने करोड़ों की संपत्ति की अटैच
जांच के दौरान अवैध कमाई से जुड़ी संपत्ति का पता चलने के बाद ईडी ने कार्रवाई की. एजेंसी ने करीब 2 करोड़ 44 हजार 981 रुपये की अचल संपत्ति को प्रोविजनली अटैच करने का आदेश जारी किया है. यानी फिलहाल इस प्रॉपर्टी को अस्थायी तौर पर कुर्क किया गया है. अब ईडी ने अहमदाबाद के भद्रा स्थित PMLA की स्पेशल कोर्ट में आरोपी के खिलाफ ऑफिशियल कंप्लेंट दाखिल की है. इस मामले में अब प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.