समंदर में पुराने जहाजों को डुबोने की बात सुनकर आपके मन में सवाल उठ सकता है कि आखिर कोई जानबूझकर इतनी बड़ी चीजों को पानी में क्यों डालेगा? अमेरिका में ऐसा ही हो रहा है. डेलावेयर के तट के पास 180 फीट लंबे एक पुराने मछली पकड़ने वाले जहाज को समुद्र में डुबो दिया गया. वहीं, मिसिसिपी के तट पर 31 टन के प्रोपेन गैस टैंक और फायर ब्रिगेड की ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले स्टील टावर को पानी के नीचे उतारा गया. पहली नजर में यह कबाड़ को समुद्र में फेंकने जैसा लग सकता है, लेकिन इसके पीछे समुद्री जीवों के लिए नया घर बनाने की योजना है. इन ढांचों को कृत्रिम चट्टान यानी आर्टिफिशियल रीफ बनाया जा रहा है, जहां मछलियां छिप सकें, भोजन पा सकें और प्रजनन कर सकें.
180 फीट का जहाज समंदर में क्यों डुबोया?
अमेरिका के डेलावेयर तट के पास 12 अगस्त 2026 को F/V Calcasieu Pass नाम के पुराने जहाज को जानबूझकर समुद्र में डुबोया गया. करीब 180 फीट लंबे इस जहाज को डेलावेयर रीफ साइट 13 पर उतारा गया, जो इंडियन रिवर इनलेट से लगभग 26 मील दूर है. यह जहाज पहले समुद्र में तेल के कुओं तक सामान पहुंचाने के काम आता था. बाद में इसे मछली पकड़ने वाले जहाज में बदल दिया गया. इसका इस्तेमाल मेनहैडेन नाम की छोटी मछलियां पकड़ने के लिए होता था. इन मछलियों से मछली का तेल, फिश मील और दूसरी चीजें बनाई जाती रही हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जब जहाज पुराना हो गया और काम के लायक नहीं रहा, तो इसे कबाड़ में बदलने के बजाय समुद्री जीवन के काम में लाने का फैसला किया गया. 2024 में Ocean Harvesters कंपनी ने इसे सिर्फ 1 डॉलर के सांकेतिक भुगतान पर समुद्री ठेकेदार Coleen Marine को सौंप दिया. इसके बाद जहाज को समुद्र में उतारने की तैयारी शुरू हुई. हालांकि, जहाज को सीधे समुद्र में नहीं डाल दिया गया. पहले इसमें से तेल, खतरनाक पदार्थ और ढीला कबाड़ हटाया गया, ताकि समुद्र को नुकसान पहुंचने का खतरा कम हो. इसके बाद इसे तय जगह पर सुरक्षित तरीके से डुबोया गया.
पानी के नीचे कैसे बनेगा मछलियों का नया घर?
समुद्र की हर जगह चट्टानें, गुफाएं या छिपने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती. कई इलाकों में समुद्र का तल काफी सपाट और कीचड़ वाला होता है. ऐसी जगहों पर मछलियों को छिपने, भोजन खोजने और प्रजनन के लिए सीमित जगह मिलती है. यहीं आर्टिफिशियल रीफ काम आती है. इसके लिए पुराने जहाज, स्टील के ढांचे और कंक्रीट जैसी मजबूत चीजों को समुद्र के तल पर रखा जाता है. धीरे-धीरे इनकी सतह पर शैवाल, बार्नेकल और मसल्स जैसे जीव उगने लगते हैं. ये छोटे जीव दूसरे समुद्री जीवों के लिए भोजन का आधार बन सकते हैं. इसके बाद छोटी मछलियां इन ढांचों के आसपास पहुंच सकती हैं. उन्हें खाने के लिए छोटी मछलियां मिलने लगें, तो बड़ी शिकारी मछलियां भी वहां आ सकती हैं. इस तरह समय के साथ एक नया समुद्री इलाका विकसित हो सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि किसी पुराने जहाज को पानी में डालते ही वहां मछलियों की संख्या बढ़ जाएगी. इसके लिए समय लगता है और वैज्ञानिकों को लगातार निगरानी करनी पड़ती है.
31 टन का गैस टैंक पानी में उतारा
डेलावेयर में पुराने जहाज को डुबोने की तरह मिसिसिपी के तट पर भी एक अनोखी पहल की गई. यहां 31 टन के प्रोपेन गैस टैंक और स्टील के एक टावर को समुद्र में उतारा गया. ये दोनों ढांचे पहले Forts Lake Volunteer Fire Department के पास थे और आग बुझाने से जुड़े अभ्यास में इस्तेमाल होते थे. जब इनकी जरूरत खत्म हो गई, तो इन्हें बेकार छोड़ने के बजाय समुद्री जीवों के लिए नया ठिकाना बनाने में इस्तेमाल करने का फैसला हुआ. दोनों ढांचों को मिसिसिपी तट पर पेटिट बोइस द्वीप से करीब 20 किमी दक्षिण में मैक्सिको की खाड़ी में उतारा गया. इसका मकसद उस समुद्री इलाके में मछलियों के लिए अतिरिक्त ठिकाने तैयार करना है, जहां प्राकृतिक चट्टानी आवास सीमित हैं.
पहले भी हुआ था ऐसा प्रयोग
मिसिसिपी में यह पहला ऐसा प्रयोग नहीं है. साल 2023 में Chevron ने अपनी रिफाइनरी के अतिरिक्त स्टील से एक आर्टिफिशियल रीफ तैयार करने में मदद की थी. कंपनी के मुताबिक, मिसिसिपी के समुद्री संसाधन विभाग के अनुमान में उस पुराने रीफ पर 530 से ज्यादा रेड स्नैपर मछलियां मौजूद थीं. इसके अलावा ट्रिगरफिश, स्पेडफिश, शीप्सहेड और ग्रूपर जैसी दूसरी मछलियां भी वहां पाई गईं. ध्यान देने वाली बात यह है कि ये आंकड़े 2023 में बनाए गए रीफ के हैं.