लगातार दूसरी डबल सेंचुरी जड़ बल्लेबाज ने खटखटाया टीम इंडिया का दरवाजा
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Ayush Badoni consecutive doubl hundred: आयुष बडोनी ने रणजी ट्रॉफी में झारखंड के खिलाफ लगातार दूसरी फर्स्ट क्लास पारी में नाबाद 210 रन बनाकर इतिहास रच दिया. इस महीने की शुरुआत में गुजरात के खिलाफ 217 रन बनाने वाले बडोनी ने सुमित माथुर (नाबाद 150) के साथ छठे विकेट के लिए 334 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जिससे दिल्ली ने 5/515 रन पर पारी घोषित की. लगातार दो दोहरे शतक जड़ने वाले वे 21वें भारतीय और विराट-गंभीर जैसे दिग्गजों के क्लब में शामिल हो गए हैं.
आयुष बडोनी ने लगातार दूसरा दोहरा शतक जड़ टीम इंडिया का दरवाजा खटखटाया. photo source: (@PKpanchal09)
नई दिल्ली. भारतीय घरेलू क्रिकेट में इन दिनों रनों का सैलाब आया हुआ है. इस सैलाब के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे हैं दिल्ली के युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज आयुष बडोनी. रणजी ट्रॉफी ग्रुप सी के एक रोमांचक मुकाबले में मंगलवार को बडोनी ने एक बार फिर अपने बल्ले का जौहर दिखाया और लगातार दूसरी फर्स्ट क्लास पारी में दोहरा शतक जड़कर इतिहास रच दिया. इस शानदार उपलब्धि के साथ ही उन्होंने टीम इंडिया के दरवाजे पर जोरदार दस्तक दे दी है और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. झारखंड के खिलाफ खेले जा रहे इस मुकाबले में उनकी इस ऐतिहासिक पारी के दम पर दिल्ली की स्थिति बेहद मजबूत हो गई है.
आयुष बडोनी (Ayush Badoni) का बल्ला इन दिनों विपक्षी गेंदबाजों के लिए किसी काल से कम नहीं है. इसी महीने की शुरुआत में गुजरात के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने 217 रनों की शानदार मैराथन पारी खेली थी. उस फॉर्म को बरकरार रखते हुए बडोनी ने झारखंड के खिलाफ मैदान पर उतरकर एक बार फिर गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं उन्होंने झारखंड के खिलाफ महज 228 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 210 रनों की विस्फोटक और जिम्मेदार पारी खेली. उनकी इस पारी में क्लास, संयम और आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला. बडोनी की इस शानदार बल्लेबाजी के बदौलत ही दिल्ली ने अपनी पहली पारी पांच विकेट पर 515 रन के विशाल स्कोर पर घोषित कर दी.
सुमित माथुर के साथ ऐतिहासिक साझेदारी
आयुष बडोनी अकेले ही नहीं खड़े रहे, बल्कि उन्हें दूसरे छोर से सुमित माथुर का ऐसा साथ मिला जिसने झारखंड के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाकर रख दीं. इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर छठे विकेट के लिए रिकॉर्ड 334 रनों की विशाल और अविजित साझेदारी निभाई. जब दिल्ली की पारी घोषित की गई, तब सुमित माथुर भी अपने करियर की एक यादगार पारी खेल चुके थे. माथुर ने 253 गेंदों पर नाबाद 150 रनों की शानदार पारी खेली. इन दोनों की अटूट साझेदारी ने विपक्षी टीम के हौसलों को पूरी तरह पस्त कर दिया और मैच पर दिल्ली का शिकंजा कस दिया.
झारखंड की संघर्षपूर्ण शुरुआत और संकट
दिल्ली के विशाल स्कोर 515 रनों के जवाब में अपनी पहली पारी खेलने उतरी झारखंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दिल्ली के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए झारखंड के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक झारखंड ने अपने चार विकेट खोकर 131 रन बना लिए थे. टीम अभी भी दिल्ली के स्कोर से काफी पीछे है और उस पर फॉलोऑन का खतरा भी मंडरा रहा है. हालांकि, उत्कर्ष सिंह ने सूझबूझ भरी बल्लेबाजी करते हुए 53 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं और तीसरे दिन टीम को संकट से निकालने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी.
विराट कोहली और गौतम गंभीर के विशिष्ट क्लब में एंट्री
यह दोहरा शतक सिर्फ एक स्कोर नहीं है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में बडोनी का नाम दर्ज कराने वाला एक मील का पत्थर है. लगातार दो प्रथम श्रेणी पारियों में दोहरा शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में अब आयुष बडोनी का नाम भी शामिल हो गया है. इस विशिष्ट लिस्ट में दिल्ली के ही दो महान दिग्गज, विराट कोहली और गौतम गंभीर जैसे नाम पहले से मौजूद हैं. बडोनी इस खास उपलब्धि को हासिल करने वाले देश के 21वें बल्लेबाज बन गए हैं. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके निरंतर प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका औसत 60 रन से अधिक का है, जो किसी भी बल्लेबाज के लिए शीर्ष स्तर की निरंतरता को दर्शाता है.