Kartik Snan 2026 Dates: हिंदी कैलेंडर का आठवां माह कार्तिक का शुभारंभ आज 27 अक्टूबर मंगलवार से हुआ है. आज कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है. यह तिथि 26 अक्टूबर सोमवार को सुबह 9:41 बजे से शुरू हुई थी और आज 27 अक्टूबर को सुबह 7:01 बजे तक थी. लेकिन उदयातिथि के अनुसार, पूरे दिन प्रतिपदा तिथि ही है. आज सिद्धि योग में कार्तिक माह का प्रारंभ हुआ है, वहीं दोपहर 03:39 पी एम से त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग है. कार्तिक माह में स्नान और दान का विशेष महत्व है. इससे आपको भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. उनके आशीर्वाद से व्यक्ति को मोक्ष भी मिल जाता है. वैसे तो हम प्रतिदिन स्नान करते हैं, लेकिन कार्तिक माह में प्रतिदिन किसी पवित्र नदी या तीर्थ में स्नान करना चाहिए. यदि प्रतिदिन ऐसा स्नान संभव नहीं है तो किसी एक दिन पवित्र नदी या तीर्थ स्थान पर स्नान जरूर करना चाहिए. आइए जानते हैं कार्तिक माह के प्रमुख स्नान और दान की वस्तुएं.
कार्तिक माह के प्रमुख स्नान 2026
वैसे तो शास्त्रों में कार्तिक माह के प्रत्येक दिन नदी, तालाब, कुंआ आदि के जल से स्नान का विधान है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए ऐसा करना संभव नहीं है. ऐसे में आप कार्तिक माह के कुछ प्रमुख स्नानों पर आप ऐसा स्नान कर सकते हैं. कार्तिक माह में आप रमा एकादशी, रूप चतुर्दशी पर अभ्यंग स्नान, कार्तिक अमावस्या, देवउठनी एकादशी और कार्तिक पूर्णिमा पर आप स्नान कर सकते हैं.
- रमा एकादशी स्नान: 5 नवंबर, गुरुवार को रमा एकादशी का स्नान होगा. कार्तिक कृष्ण एकादशी तिथि 4 नवंबर को 11:03 ए एम से शुरू होकर 5 नवंबर को सुबह 10:35 ए एम तक रहेगी.
- रूप चतुर्दशी स्नान: 7 नवंबर, शनिवार को रूप चतुर्दशी या रूप चौदस का स्नान होगा, जिसे अभ्यंग स्नान कहते हैं. इसमें तिल के तेल, उबटन आदि शरीर में लगाते हैं, उसके बाद स्नान करके पवित्र होते हैं. रुप चौदस कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को होता है. कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को 10:47 ए एम से लेकर 8 नवंबर को 11:27 ए एम तक है.
- कार्तिक अमावस्या स्नान: 9 नवंबर, सोमवार को कार्तिक अमावस्या का स्नान होगा, उस दिन सोमवती अमावस्या भी है क्योंकि यह अमावस्या सोमवार के दिन पड़ रही है. कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर को 11:27 ए एम से प्रारंभ होगी और 9 नवंबर को दोपहर 12:31 पी एम तक मान्य रहेगी. वैसे भी किसी भी अमावस्या पर स्नान और दान करने से पाप मिटते हैं, पुण्य की प्राप्ति होती है.
- देवउठनी एकादशी स्नान: 20 नवंबर, शुक्रवार को देवउठनी एकादशी का स्नान होगा. एकादशी तिथि 20 नवंबर को 7:15 ए एम से प्रारंभ होकर 21 नवंबर को सुबह 06:31 ए एम पर खत्म होगी. इस दिन चातुर्मास का समापन होगा और भगवान विष्णु योग निद्रा से बाहर आएंगे.
- कार्तिक पूर्णिमा स्नान: 24 नवंबर, मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा का स्नान होगा. कार्तिक पूर्णिमा की तिथि 23 नवंबर को 11:42 पी एम से शुरू होगी और 24 नवंबर को 08:23 पी एम तक रहेगी. इस दिन पुष्कर स्नान भी होगा. इस तो काशी में देवता भी स्नान करते हैं और देव दीपावली मनाते हैं.
कार्तिक स्नान के बाद क्या दान करें?
कार्तिक स्नान करने वाले व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार, गर्म कपड़े, कंबल, शॉल, नए वस्त्र, तिल, गुड़, चावल, गेहूं, जौ, बाजरा, आंवला, शुद्ध देसी घी, दूध, दही, तुलसी का पौधा, जल से भरा तांबे का बर्तन आदि दान करना चाहिए.
दान से पूर्व करें संकल्प
जब आप स्नान कर लें तो उसके बाद हाथ में अक्षत्, फूल और जल लेकर दान का संकल्प करें. उसके बाद जो भी वस्तुएं दान करनी हैं, उसे किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दें.