मंदिरों में कितना सोना, कहां होगा इस्तेमाल? कर्नाटक सरकार का बड़ा प्लान
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मंदिरों में रखे सोने और गहनों को लेकर कर्नाटक सरकार नई योजना ला सकती है. मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने सौंदत्ती येल्लम्मा मंदिर में रखे 42 किलो सोने के इस्तेमाल को लेकर निर्देश दिए हैं. जानिए क्या है सरकार की योजना.
मंदिरों के सोने पर कर्नाटक सरकार का प्लान
बेलगावी: मंदिरों में रखा सोना अब तिजोरियों तक सीमित नहीं रहेगा! कर्नाटक सरकार इसे लेकर एक नई योजना बनाने पर विचार कर रही है. इसके तहत मंदिरों में रखे सोने और गहनों का पूरा हिसाब रखा जाएगा. साथ ही, इनका इस्तेमाल देवी-देवताओं के श्रृंगार के लिए किया जाएगा. मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने इसकी जानकारी दी. आखिर क्या है सरकार की योजना? आइए जानते हैं…
मंदिरों के सोने का रखा जाएगा पूरा हिसाब
मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार बेलगावी जिले के सौंदत्ती स्थित रेणुका येल्लम्मा मंदिर पहुंचे थे. यहां उन्होंने कई विकास कार्यों का शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने मंदिरों में रखे सोने और आभूषणों के इस्तेमाल को लेकर अपनी बात रखी.
शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने मुजराई मंत्री के. एस. बसवंतप्पा को सौंदत्ती येल्लम्मा मंदिर में रखे करीब 42 किलोग्राम सोने का इस्तेमाल देवी-देवताओं के श्रृंगार के लिए करने का निर्देश दिया है. सरकार चाहती है कि श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन के दौरान बेहतर अनुभव मिले.
सुरक्षा के साथ सही इस्तेमाल पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी मंदिरों में रखे सोने का सही लेखा-जोखा होना चाहिए. इससे सोने की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही, इस बात की आशंका भी नहीं रहेगी कि मंदिरों में रखा सोना गायब हो जाए. उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के लिए रखे गए गहनों का इस्तेमाल उनके उचित श्रृंगार में होना चाहिए. सरकार इस काम के लिए एक विशेष योजना शुरू करने की दिशा में कदम उठा रही है.