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उज्जैन नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर थाईलैंड में मगरमच्छ का मांस चखने का वीडियो वायरल होने के बाद चर्चा में हैं. वीडियो में वह अपनी पत्नी के साथ नजर आ रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद राठौर के खिलाफ जांच बैठा दी गई है। राठौर ने 19 से 23 अक्टूबर तक छुट्टी ली थी, लेकिन आवेदन करते वक्त एक छोटी सी चूक कर बैठे, जिसके चलते उनपर अब आफत आ गई है.
मामले की जांच की जा रही है.
उज्जैन के सरकारी बाबू थाईलैंड घूमने गए थे, लेकिन वहां का एक वीडियो अब उनकी मुश्किलें बढ़ा रहा है. छुट्टियों के दौरान मगरमच्छ का मांस चखने का वीडियो वायरल हुआ, तो नगर निगम तक मामला पहुंच गया. वीडियो में अधिकारी राजकुमार राठौर अपनी पत्नी के साथ नजर आ रहे हैं. दावा है कि दोनों ने थाईलैंड में पहली बार मगरमच्छ का मांस चखा. वीडियो में मृत मगरमच्छों की तस्वीरें भी दिखाई देती हैं. लेकिन असली ट्विस्ट खाने की थाली में नहीं, सरकारी नियमों में फंस गया है. उज्जैन नगर निगम ने अब उनके विदेश दौरे की अनुमति को लेकर सवाल उठाए हैं. नगर आयुक्त अभिलाष मिश्रा के मुताबिक, राठौर ने 19 से 23 अक्टूबर तक छुट्टी ली थी. हालांकि, उनके आवेदन में विदेश जाने का जिक्र नहीं था. अब जांच होगी कि उन्होंने विदेश यात्रा के लिए जरूरी मंजूरी ली थी या नहीं. नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई, तो विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है. यानी थाईलैंड की छुट्टियों का यह वीडियो अब सरकारी बाबू के लिए नई मुसीबत बन गया है.
छुट्टी मंजूर, विदेश जाने की जानकारी गायब
उज्जैन नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर जोन 1, 2 और 3 की जिम्मेदारी संभालते हैं. उन्होंने 19 से 23 अक्टूबर तक छुट्टी ली थी. नगर आयुक्त अभिलाष मिश्रा के मुताबिक, छुट्टी के आवेदन में विदेश यात्रा का जिक्र नहीं था. अब निगम यह पता लगा रहा है कि राठौर ने थाईलैंड जाने से पहले जरूरी सरकारी अनुमति ली थी या नहीं.
पत्नी के साथ मगरमच्छ का मांस खाते दिखे
पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो से चर्चा में आया. यह वीडियो कथित तौर पर राठौर की पत्नी के सोशल मीडिया खाते पर साझा किया गया था. इसमें दंपती एक रेस्तरां के पास स्टॉल पर नजर आ रहे हैं. यहां उन्हें मगरमच्छ का मांस परोसे जाने का दावा किया गया है. वीडियो पर अंग्रेजी में लिखा है, “थाईलैंड में पहली बार मगरमच्छ का मांस चख रहे हैं.” क्लिप में मृत मगरमच्छों की तस्वीरें भी दिखाई देती हैं. वीडियो सामने आने के बाद अधिकारी की विदेश यात्रा पर सवाल उठने लगे.
विदेश जाने के लिए लेनी होती है मंजूरी
सरकारी सेवा नियमों के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को विदेश यात्रा से पहले सक्षम प्राधिकारी की अनुमति लेनी होती है. ऐसे में निगम अब यह जांच रहा है कि राठौर ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया था या नहीं. फिलहाल, नियमों के उल्लंघन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि अधिकारी ने बिना अनुमति विदेश यात्रा की थी.
जांच में नियम टूटे तो होगी कार्रवाई
नगर आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने कहा है कि निगम पूरे मामले की जांच करेगा. अगर जांच में नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो विभागीय कार्रवाई पर विचार किया जाएगा. फिलहाल, मामले का मुख्य सवाल मगरमच्छ का मांस खाना नहीं, बल्कि विदेश यात्रा के लिए जरूरी अनुमति लेना है. जांच के बाद ही साफ होगा कि अधिकारी ने नियमों का पालन किया था या नहीं.