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Real Leather Purse: बाजार से चमड़े का पर्स खरीदते समय असली और नकली लेदर में फर्क करना कई बार मुश्किल हो जाता है. ऐसे में लोग ज्यादा पैसे खर्च करने के बाद भी सिंथेटिक लेदर का पर्स खरीद लेते हैं. लेदर उत्पादों की विशेषज्ञ प्रेरणा वर्मा के मुताबिक, पर्स की बनावट, छूने पर उसका एहसास, महक, किनारों और लेबल पर ध्यान देकर असली चमड़े की पहचान करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, सिर्फ एक तरीके पर भरोसा करना सही नहीं है. जानिए, पर्स खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखकर असली और नकली लेदर में अंतर समझ सकते हैं.
Real Leather Purse: बाजार में पर्स खरीदते समय कई बार लोगों को पता ही नहीं चलता कि वे असली चमड़ा खरीद रहे हैं या नकली. कुछ दुकानदार सिंथेटिक लेदर से बने पर्स को भी असली चमड़े का बताकर बेच देते हैं. ऐसे में ग्राहक ज्यादा पैसे खर्च करने के बाद भी धोखा खा जाते हैं. हालांकि, पर्स खरीदते समय कुछ बातों पर ध्यान देकर असली और नकली लेदर के बीच फर्क समझने में मदद मिल सकती है. इसके लिए पर्स की बनावट, उसकी महक, छूने पर होने वाला एहसास, किनारों और लेबल को ध्यान से देखना चाहिए. आइए जानते हैं कि असली और नकली लेदर की पहचान कैसे कर सकते हैं.
- पर्स की बनावट देखकर करें पहचान- असली चमड़े की सतह पर प्राकृतिक निशान और छोटे-छोटे छिद्र दिखाई दे सकते हैं. ये निशान हर जगह एक जैसे नहीं होते. वहीं, सिंथेटिक लेदर की सतह अक्सर एक जैसी और व्यवस्थित दिखाई देती है. हालांकि, आजकल नकली लेदर पर भी असली चमड़े जैसी बनावट बनाई जाती है. इसलिए सिर्फ देखकर पर्स को असली नहीं मानना चाहिए.
- छूकर और मोड़कर समझें फर्क- असली चमड़ा आमतौर पर मुलायम और थोड़ा लचीला होता है. इसे हल्का दबाने पर सतह पर प्राकृतिक सिलवटें बन सकती हैं. वहीं, कुछ सिंथेटिक लेदर के पर्स छूने पर प्लास्टिक जैसे महसूस होते हैं. हालांकि, अच्छी गुणवत्ता वाले नकली लेदर में भी मुलायमपन और लचीलापन हो सकता है. इसलिए इस तरीके से जांच करते समय दूसरी बातों पर भी ध्यान दें.
- महक से भी मिल सकता है संकेत- असली चमड़े की अपनी एक खास महक होती है, जिसे कई लोग प्राकृतिक या सौंधी गंध के रूप में पहचानते हैं. वहीं, सिंथेटिक लेदर से प्लास्टिक या केमिकल जैसी गंध आ सकती है. हालांकि, चमड़े पर इस्तेमाल होने वाले रंग, पॉलिश और दूसरे रसायनों से उसकी महक बदल सकती है. ऐसे में सिर्फ गंध के आधार पर पर्स खरीदने का फैसला न करें.
- माचिस जलाकर जांचने की गलती न करें- कुछ लोग असली और नकली लेदर की पहचान करने के लिए माचिस की लौ का इस्तेमाल करते हैं. आमतौर पर माना जाता है कि असली चमड़ा आग के संपर्क में आने पर सिंथेटिक लेदर की तरह आसानी से नहीं पिघलता, जबकि प्लास्टिक से बने नकली लेदर के पिघलने या सिकुड़ने की आशंका रहती है. हालांकि, यह तरीका पूरी तरह भरोसेमंद नहीं है. चमड़े पर की गई कोटिंग और सिंथेटिक लेदर की बनावट के कारण परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं. इसके अलावा, आग से पर्स खराब हो सकता है और आग लगने का खतरा भी रहता है. इसलिए पर्स पर माचिस की लौ लगाकर जांच करने से बचें.
- लेबल और कीमत पर भी दें ध्यान- पर्स खरीदते समय उसकी कीमत और लेबल जरूर देखें. दुकानदार से साफ पूछें कि पर्स असली चमड़े का है या सिंथेटिक मटीरियल से बना है. अगर उत्पाद पर Genuine Leather, Synthetic Leather या PU Leather लिखा है, तो उसे ध्यान से पढ़ें. जरूरत पड़ने पर पर्स में इस्तेमाल की गई सामग्री की जानकारी भी मांग सकते हैं. अगर कोई दुकानदार बहुत कम कीमत में असली लेदर देने का दावा कर रहा है, तो सावधानी बरतें. पर्स के किनारों, सिलाई और अंदरूनी हिस्से को भी ध्यान से देखें. खरीदारी के बाद बिल जरूर लें, ताकि जरूरत पड़ने पर शिकायत की जा सके.
विशेषज्ञ ने बताया, इन बातों का रखें ध्यान
लेदर उत्पादों की विशेषज्ञ प्रेरणा वर्मा के अनुसार, असली और नकली लेदर की पहचान के लिए किसी एक तरीके पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. पर्स की बनावट, गुणवत्ता, लेबल और विक्रेता से मिली जानकारी को एक साथ देखकर फैसला करना बेहतर है. उन्होंने बताया कि ग्राहक खरीदारी के समय बिल जरूर लें और उसमें उत्पाद की सही जानकारी दर्ज कराएं. पर्स की जांच के लिए उसे जलाने या किसी केमिकल का इस्तेमाल करने जैसे तरीके नहीं अपनाने चाहिए. इससे पर्स खराब हो सकता है और नुकसान भी हो सकता है. थोड़ी सी सावधानी बरतकर ग्राहक अपने पैसे बचाने के साथ बेहतर गुणवत्ता वाला पर्स खरीद सकते हैं.