New IPO : कोका-कोला IPO लाने की तैयारी में, 9000 करोड़ जुटाने का प्‍लान, जानें लेटेस्‍ट अपडेट

New IPO : कोका-कोला IPO लाने की तैयारी में, 9000 करोड़ जुटाने का प्‍लान, जानें लेटेस्‍ट अपडेट


हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स (HCCH) करीब 1 अरब डॉलर यानी लगभग 9000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की तैयारी में है. मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इसी हफ्ते बाजार नियामक सेबी के पास आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर यानी डीआरएचपी दाखिल कर सकती है. हालांकि, आईपीओ की रकम और वैल्यूएशन को लेकर अभी अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस आईपीओ का आकार करीब 1 अरब डॉलर हो सकता है और कंपनी लगभग 10 अरब डॉलर के वैल्यूएशन का लक्ष्य रख सकती है. भारतीय रुपये में यह वैल्यूएशन करीब 90,000 करोड़ रुपये बैठता है. आईपीओ में मुख्य रूप से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचे जाने की संभावना है.

इसका मतलब है कि आईपीओ से मिलने वाला पूरा पैसा कंपनी के खाते में नहीं जाएगा. अगर मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेचते हैं, तो उस बिक्री से मिलने वाला पैसा उन्हें मिलेगा. कंपनी के शेयरों की बाजार में लिस्टिंग 2027 में होने की संभावना जताई गई है. इस इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज जैसे निवेश बैंक जुड़े बताए जा रहे हैं. वहीं, कंपनी ने लिस्टिंग की सलाह देने के लिए रोथ्सचाइल्ड एंड कंपनी को नियुक्त किया है.

कोका-कोला की कंपनी में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

  1. जुलाई 2025 में कोका-कोला कंपनी ने हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स में 40 फीसदी हिस्सेदारी जुबिलेंट भार्तिया ग्रुप को बेचने का सौदा पूरा किया था. इसके बाद कोका-कोला कंपनी के पास 60 फीसदी हिस्सेदारी बनी रही.
  2. अब प्रस्तावित आईपीओ को कंपनी के कारोबार को अगले चरण में ले जाने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है. इससे निवेशकों को कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का मौका मिल सकता है और मौजूदा शेयरधारकों को अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने का अवसर मिल सकता है.
  3. कोका-कोला कंपनी के भारत और दक्षिण-पश्चिम एशिया कारोबार के अध्यक्ष संकेत रे ने कहा कि जुबिलेंट भार्तिया ग्रुप के नेतृत्व में संभावित लिस्टिंग कंपनी को भारतीय बाजार में विकास के अवसरों का फायदा उठाने की बेहतर स्थिति में रखेगी.

14 प्लांट, 2000 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर

अब समझिए कि निवेशकों की नजर इस कंपनी पर क्यों हो सकती है. हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज की स्थापना 1997 में हुई थी. कंपनी देश के 10 राज्यों में 14 बॉटलिंग प्लांट चलाती है. इन प्लांटों में कोका-कोला, थम्स अप, स्प्राइट और फैंटा जैसे पेय पदार्थों को बोतलों में भरने, वितरित करने और बेचने का काम होता है.

कंपनी का वितरण नेटवर्क 2,000 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटरों तक फैला है और इसके उत्पाद 17 लाख से अधिक ग्राहकों तक पहुंचते हैं. कंपनी में करीब 5,000 कर्मचारी काम करते हैं.

निवेशकों के लिए क्या है अहम?

जुबिलेंट भार्तिया ग्रुप के चेयरमैन और को-चेयरमैन श्याम भार्तिया और हरि भार्तिया ने कहा है कि सार्वजनिक लिस्टिंग कंपनी के सफर में एक महत्वपूर्ण कदम होगी और इससे सभी शेयरधारकों के लिए मूल्य बनाने का अवसर मिल सकता है. हालांकि, निवेशकों को अभी आईपीओ के अंतिम आकार, कीमत, कंपनी के वित्तीय नतीजों और सेबी के पास दाखिल होने वाले दस्तावेजों का इंतजार करना चाहिए. फिलहाल डीआरएचपी दाखिल होने की संभावना है, आईपीओ खुलने की तारीख तय नहीं है.



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