karwa chauth nirjala vrat rules 2026 ye 6 mahilaye na rakhe karwa chauth ka vrat | इन 6 महिलाओं को नहीं रखना चाहिए करवा चौथ का व्रत

karwa chauth nirjala vrat rules 2026 ye 6 mahilaye na rakhe karwa chauth ka vrat | इन 6 महिलाओं को नहीं रखना चाहिए करवा चौथ का व्रत


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इन 6 महिलाओं को नहीं रखना चाहिए करवा चौथ का व्रत, सेहत को हो सकता है नुकसान

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Karwa Chauth Vrat Rules 2026: करवा चौथ का पावन पर्व नजदीक है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह व्रत हर किसी के लिए उचित नहीं है? स्वास्थ्य कारणों से कुछ महिलाओं को निर्जला उपवास रखने से बचना चाहिए. यदि आप भी करवा चौथ का व्रत रखने की सोच रही हैं, तो पहले यह जान लें कि किन 6 महिलाओं को भूलकर भी यह उपवास नहीं रखना चाहिए, ताकि सेहत से जुड़ी किसी भी गंभीर समस्या से बचा जा सके.

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Karwa Chauth Vrat Rules 2026: 29 अक्टूबर दिन गुरुवार को करवा चौथ का व्रत किया जाएगा, हर वर्ष कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर यह पावन पर्व मनाया जाता है. इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं. इस व्रत की शुरुआत सरगी खाने से होती है और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद समापन होता है. हालांकि, पूरे दिन बिना भोजन और पानी के रहना हर महिला के स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं होता, कुछ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की वजह से लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से परेशानी बढ़ सकती है. शास्त्रों में भी इन महिलाओं का ध्यान रखा गया है और व्रत ना करने की सलाह दी गई है. आइए जानते हैं किन 6 परिस्थितियों में महिलाओं को करवा चौथ का निर्जला व्रत रखने से बचना चाहिए…
गर्भवती महिलाएं – गर्भावस्था के दौरान मां और गर्भ में पल रहे शिशु की पोषण संबंधी जरूरतें बढ़ जाती हैं. लंबे समय तक भोजन और पानी ना लेने से डिहाइड्रेशन, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए गर्भवती महिलाओं को निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए. जोखिम होने पर व्रत से बचना बेहतर है.
स्तनपान कराने वाली महिलाएं – नवजात बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिलाओं के शरीर को पर्याप्त तरल पदार्थ और पोषण की जरूरत होती है. लंबे समय तक पानी ना पीने से मां को डिहाइड्रेशन और थकान हो सकती है. ऐसी महिलाओं को अपनी और बच्चे की सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए.
डायबिटीज से पीड़ित महिलाएं – डायबिटीज में लंबे समय तक खाली पेट रहने से ब्लड शुगर का स्तर कम या ज्यादा हो सकता है. खासकर इंसुलिन या कुछ दवाएं लेने वाली महिलाओं में जोखिम बढ़ सकता है. डॉक्टर की सलाह के बिना निर्जला व्रत रखना नुकसानदायक हो सकता है.
हार्ट डिजीज से पीड़ित महिलाएं – हार्ट डिजीज से जूझ रही महिलाओं को खानपान और पानी के सेवन को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होती है. ऐसे में करवा चौथ के निर्जला व्रत के दौरान डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की समस्या हो सकती है. लंबे समय से उपवास रखने से दिल पर दवाब पड़ता है, जिससे दिल की समस्या बढ़ सकती है.
स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान महिलाएं – जिन महिलाओं को एनीमिया, बार-बार चक्कर आने, पेट में समस्या, लो ब्लड प्रेशर, किडनी संबंधी समस्या या किसी अन्य गंभीर बीमारी की परेशानी है, उन्हें लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से बचना चाहिए. करवा चौथ के निर्जला व्रत के कारण कमजोरी बढ़ सकती है और रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो सकता है.
पीरियड के दौरान महिलाएं – पीरियड के दौरान हर महिला की शारीरिक स्थिति अलग होती है. इस समय कुछ महिलाओं को पेट दर्द, थकान, कमजोरी या अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है. ऐसी स्थिति में करवा चौथ के निर्जला व्रत परेशानी बढ़ा सकता है. कुछ परिस्थितियों में महिलाएं करवा चौथ का व्रत तो रखती हैं लेकिन पूजा-पाठ पति या किसी अन्य सदस्य से करवाती हैं, ऐसे में आपके घर पर जो मान्यता है, उसी के हिसाब से चलें.



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