1 नवंबर को तेलंगाना से 15 हजार लोग दिल्ली क्यों आ रहे, क्या सच में कांग्रेस ‘अराजकता’ फैलाने की कर रही तैयारी?

1 नवंबर को तेलंगाना से 15 हजार लोग दिल्ली क्यों आ रहे, क्या सच में कांग्रेस ‘अराजकता’ फैलाने की कर रही तैयारी?


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1 नवंबर को तेलंगाना से 15 हजार लोग दिल्ली क्यों आ रहे, क्या है सच्चाई?

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कांग्रेस की 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली को लेकर घमासान मचा हुआ है. जिसपर बीजेपी जमकर सवाल उठा रही हैै. अब इस मामले में तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस आयोजन के जरिए अराजकता फैलाना चाहती है. उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के 15 हजार लोगों के साथ रैली में शामिल होने की बात पर भी निशाना साधा है. जानें पूरी बात.

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1 नवंबर को दिल्ली में जुटेंगे 15 हजार लोग? कांग्रेस की रैली पर बीजेपी के आरोपों के पीछे क्या है पूरा मामला?

कांग्रेस की 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष रामचंद्र राव ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि इस रैली का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि और सरकार के कामकाज से लोगों का ध्यान हटाना है. राव ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक पदों, सरकार और भारत के खिलाफ नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है. रामचंद्र राव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि रैली एक तरह से देश में अराजकता फैलाने की कोशिश है.

15 हजार लोगों के साथ दिल्ली जाएंगे रेवंत रेड्डी?

मीडिया से बातचीत में तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को भी निशाने पर लिया है. राव ने दावा किया कि मुख्यमंत्री 15 हजार लोगों के साथ दिल्ली में कांग्रेस की रैली में शामिल होंगे. उन्होंने सवाल उठाया कि जब तेलंगाना में किसान और आम लोग बिजली-पानी की कमी से परेशान हैं, तब मुख्यमंत्री दिल्ली क्यों जा रहे हैं. राव के मुताबिक, राज्य में किसानों की फसलें सूख रही हैं और लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे समय में मुख्यमंत्री का इतनी बड़ी संख्या में लोगों के साथ दिल्ली जाना उन्हें उचित नहीं लगता. उन्होंने इस स्थिति की तुलना रोम में आग लगने के दौरान नीरो के बंसी बजाने वाली कहावत से की.

कांग्रेस पर देश के खिलाफ नैरेटिव बनाने का आरोप

रामचंद्र राव ने कहा कि कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए जनता की समस्याओं को सुलझाने की जिम्मेदारी नहीं निभा रही है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस अपने कथित झूठे नैरेटिव के जरिए सरकार के कामों को नकारना चाहती है. बीजेपी नेता ने यह भी आरोप लगाया कि रैली उन लोगों और संगठनों से प्रेरित है. जो भारत के विरोधी देशों से जुड़े हैं. उनके मुताबिक, इस तरह का आयोजन लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है.

1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी रैली, क्या है मकसद?

कांग्रेस 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली करने की तैयारी कर रही है. इस आयोजन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध है. कांग्रेस इसे मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बता रही है. रैली के जरिए पार्टी अपनी मांगों को केंद्र सरकार और चुनाव आयोग तक पहुंचाना चाहती है.

तेलंगाना से 15 हजार लोग दिल्ली क्यों आ रहे?

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य से करीब 15 हजार कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली की रैली में शामिल कराने का लक्ष्य रखा है. इनमें पार्टी के पदाधिकारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि और स्थानीय स्तर के कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं. इस जुटान को कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है.



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