जयपुर. राजस्थान के शहरों में सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदलने की तैयारी तेज हो गई है. आने वाले दिनों में जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर सहित प्रदेश के नौ शहरों की सड़कों पर बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी. इससे लोगों को शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचने के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी. साथ ही डीजल बसों पर निर्भरता कम करने और शहरों में प्रदूषण घटाने में भी मदद मिल सकती है. केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत राजस्थान के नौ शहरों के लिए कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं.
जयपुर को 550, जोधपुर को 125 और कोटा-अजमेर को 100-100 बसें
जयपुर में 58 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू
राजधानी जयपुर में जेसीटीएसएल को अब तक 103 इलेक्ट्रिक बसें मिल चुकी हैं. इनमें से 58 बसों का संचालन बगराना डिपो से किया जा रहा है. बाकी बसों को टोडी डिपो से जल्द संचालित करने की तैयारी है. इसके अलावा बजट घोषणा 2025-26 के तहत जयपुर के लिए 450 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें और 50 डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है.
जयपुर में तीन नए स्थानों पर बनेंगे बस डिपो
चार्जिंग और डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर पर 113 करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन और बिजली से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने के लिए 60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है. वहीं, डिपो के सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 53 करोड़ रुपये से अधिक मंजूर किए गए हैं. इस राशि से बसों की चार्जिंग, पार्किंग और संचालन से जुड़ी सुविधाएं मजबूत की जाएंगी. इससे इलेक्ट्रिक बसों को नियमित रूप से चलाने में मदद मिलेगी.
CCTV और पैनिक बटन से सुरक्षित होगा सफर
नई इलेक्ट्रिक बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं. इससे महिला यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. साथ ही वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और दिव्यांगजनों के लिए भी आरामदायक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है. राज्य सरकार का लक्ष्य इलेक्ट्रिक बसों के साथ मजबूत परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना है, ताकि आने वाले वर्षों में शहरों के लोगों को सुरक्षित, सुलभ और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा की सुविधा मिल सके.