Last Updated:
जम्मू रेलवे स्टेशन के सामने शिवा मार्केट में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई. इस हादसे में करीब 35 से 40 दुकानों के जलने का अनुमान है. आग की चपेट में सूखे मेवे और कंबल बेचने वाली दुकानों के साथ ढाबे भी आए. दुकानदारों का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी का बड़ा सहारा राख हो गया और कोई विधायक उनका हाल पूछने नहीं आया. बीजेपी विधायक विक्रम रंधावा ने शुरुआती तौर पर एक दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और मुआवजे पर चर्चा बाद में की जाएगी.
जम्मू रेलवे स्टेशन के सामने सोमवार तड़के ऐसा आग का कहर टूटा कि शिवा मार्केट में कारोबार करने वाले कई दुकानदारों की जिंदगी भर की कमाई देखते ही देखते राख हो गई. भीषण आग में करीब 35 से 40 दुकानें जलकर खाक होने का अनुमान है. कहीं सूखे मेवे बिकते थे तो कहीं कंबल और खाने-पीने का सामान मिलता था. अब दुकानों में बचा है तो बस जला हुआ सामान और नुकसान की कहानी. अपनी आंखों के सामने सब कुछ बर्बाद होते देख दुकानदार रो पड़े. उनकी नाराजगी आग से हुए नुकसान तक सीमित नहीं रही. दुकानदारों का आरोप है कि उनकी सुध लेने और उनका हाल पूछने के लिए कोई विधायक नहीं आया.
आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर बचाव और राहत की कोशिशें शुरू हुईं. हालांकि आग कितनी तेजी से फैली इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देखते ही देखते आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं. न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार बीजेपी विधायक विक्रम रंधावा ने शुरुआती जानकारी के आधार पर आशंका जताई कि आग एक दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी होगी. लेकिन आग लगने की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. प्रशासन के मुताबिक नुकसान का सही आकलन आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही हो सकेगा. फिलहाल प्रभावित कारोबारियों के सामने दुकानें दोबारा शुरू करने की बड़ी चुनौती है.
देखते ही देखते आग ने पूरी मार्केट को चपेट में लिया
शिवा मार्केट जम्मू रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित है. यहां सूखे मेवे और कंबल बेचने वाली दुकानों के साथ ढाबे और खाने-पीने के प्रतिष्ठान भी हैं. सोमवार तड़के लगी आग तेजी से आसपास की दुकानों तक फैल गई. विधायक विक्रम रंधावा के मुताबिक शुरुआत में एक दुकान में शॉर्ट सर्किट की बात सामने आई थी. उन्होंने कहा कि आग ने आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया. उनके अनुमान के अनुसार 35 से 40 दुकानें पूरी तरह जल गई हैं. हालांकि अंतिम आंकड़ा जांच और नुकसान के आकलन के बाद ही सामने आएगा.
दुकानदारों की आंखों के सामने राख हो गया सामान
इस आग ने उन कारोबारियों को बड़ा झटका दिया है जिनकी रोजी-रोटी इन्हीं दुकानों पर निर्भर थी. दुकानों में रखा सामान जलने से उनके सामने रोजमर्रा का खर्च चलाने और कारोबार फिर से खड़ा करने की चिंता खड़ी हो गई है. मौके पर मौजूद दुकानदारों ने अपना नुकसान बयां करते हुए नाराजगी जताई. उनका आरोप था कि कोई विधायक उनका हाल पूछने नहीं आया. दूसरी ओर विधायक ने मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिक समाज के सदस्यों की मौजूदगी की बात कही. ऐसे में दुकानदारों की शिकायत और मौके पर मौजूद अधिकारियों के दावे के बीच प्रभावित लोगों की मदद बड़ा सवाल बन गई है.
मौके पर प्रशासनिक अधिकारी मौजूद
विक्रम रंधावा ने बताया कि घटनास्थल पर जिलाधिकारी यानी डिप्टी कमिश्नर के साथ एसपी साउथ और डीएसपी तथा थाना प्रभारी भी मौजूद थे. उनके मुताबिक प्रशासन आग से प्रभावित दुकानदारों के साथ मिलकर स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा था. नागरिक समाज के कुछ सदस्य भी मदद के लिए मौके पर पहुंचे. हालांकि अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद दुकानदारों को हुए नुकसान का पूरा ब्योरा अभी सामने नहीं आया है. आग से प्रभावित कारोबारियों को कितनी सहायता मिलेगी यह भी स्पष्ट नहीं है.
मुआवजे पर बाद में होगी प्रशासन से चर्चा
विधायक रंधावा ने कहा कि आग से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और मुआवजे को लेकर प्रशासन से बाद में चर्चा की जाएगी. फिलहाल नुकसान का आकलन होना बाकी है. आग लगने का आधिकारिक कारण भी अभी सामने नहीं आया है. यदि शुरुआती आशंका के मुताबिक मामला शॉर्ट सर्किट का है तो जांच में इसकी पुष्टि जरूरी होगी. प्रभावित दुकानदारों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें नुकसान से उबरने में किस तरह की मदद मिलेगी और वे अपना कारोबार दोबारा कब शुरू कर पाएंगे.