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New Kathgodam Bypass: कैंची धाम और बाबा नीम करोली के दर्शन के लिए जाने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी खबर है. कुमाऊं के प्रवेश द्वार काठगोदाम में गौलापार से भीमताल रोड पर अमृतपुर तक लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत से 3.5 किलोमीटर लंबे नए बाईपास का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो गया है. इस वैकल्पिक मार्ग के बन जाने से हल्द्वानी, गुलाबघाटी और काठगोदाम के भीषण ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी.
हल्द्वानी बाईपास से नीम करौली जाने वालों को जाम से मिलेगी राहत. (फोटो सभार आईएएनएस वीडियो)
हल्द्वानी/नैनीताल: अगर आप भी वीकेंड या छुट्टियों में देश की राजधानी दिल्ली या अन्य शहरों से बाबा नीम करोली जाते हैं, फिर जाम में परेशान होकर पसीने पोछते रहते हैं? अब ऐसा नहीं होगा. क्योंकि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही परेशानी को दूर करने के लिए कुमाऊं के प्रवेश द्वार काठगोदाम में एक नए बाईपास का निर्माण शुरू हो गया है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही पहाड़ों की यात्रा अब और अधिक सुगम, आरामदायक और बिना रुकावट के हो जाएगी.
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के अंतर्गत हल्द्वानी, काठगोदाम, रानीबाग और भीमताल की ओर जाने वाले यातायात के लिए यह सड़क परियोजना एक ‘लाइफलाइन’ साबित होने जा रही है. गौलापार से भीमताल रोड पर अमृतपुर तक बनाए जा रहे इस काठगोदाम बाईपास का मुख्य उद्देश्य गुलाबघाटी, काठगोदाम और रानीबाग के संकरे रास्तों पर लगने वाले महाजाम से निजात दिलाना है.
अपर जिलाधिकारी (ADM) विवेक राय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में तीन अलग-अलग स्थानों पर आधुनिक जेसीबी मशीनों से पहाड़ी कटान और सड़क निर्माण का काम तेजी से चल रहा है. केवल दो दिनों के भीतर ही डेढ़ किलोमीटर का हिस्सा काट दिया गया है और प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट को अगले एक साल के भीतर पूरा करने का सख्त लक्ष्य रखा है.
3.5 किलोमीटर लंबा मार्ग और गौला नदी पर बनेगा पुल
प्राप्त विवरण के अनुसार, इस बाईपास की कुल लंबाई लगभग साढ़े तीन किलोमीटर है और इस पर कुल 21 करोड़ रुपये की लागत आएगी. इस मार्ग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें गौला नदी के ऊपर एक नए पुल का निर्माण भी किया जाएगा, जो सीधे पर्वतीय क्षेत्रों के लिए एक मजबूत वैकल्पिक मार्ग तैयार करेगा. इस बाईपास के बनने से काठगोदाम से रानीबाग के बीच लगने वाला ट्रैफिक जाम पूरी तरह खत्म हो जाएगा.
दिल्ली और उत्तर प्रदेश के यात्रियों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
अब तक स्थिति यह थी कि दिल्ली, एनसीआर और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से कैंची धाम या नैनीताल जाने वाले पर्यटकों को हल्द्वानी शहर के भीतर से गुजरना पड़ता था, जिससे कई बार घंटों जाम में फंसना पड़ता था. लेकिन इस बाईपास के शुरू होने से हर दिन लगभग 10 से 12 हजार वाहन हल्द्वानी शहर के अंदर आने से बच जाएंगे. कैंची धाम से आने वाले या उधर जाने वाले पर्यटक बिना हल्द्वानी शहर में प्रवेश किए सीधे बाईपास के जरिए अपने गंतव्य की ओर निकल सकेंगे. इससे न केवल यात्रियों के कीमती समय की भारी बचत होगी, बल्कि उनका सफर भी पूरी तरह तनावमुक्त और यादगार बन जाएगा.