क्या कुंवारी लड़कियां भी रख सकती हैं करवा चौथ का व्रत? आप न करना गलती
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Karwa Chauth Rules : करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती आई हैं. आजकल कुंवारी लड़कियां भी इसे रखने लगी हैं. ऐसा वे मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए करती हैं, लेकिन क्या ये सही है. अगर सही है तो इसके क्या नियम हैं. क्या सुहागिन महिलाओं और कुंवारी लड़कियों के लिए करवा चौथ का व्रत रखने का नियम एक जैसा है. लोकल 18 ने इस बारे में ऋषिकेश के ज्योतिषी पंडित अखिलेश पांडेय से बात की. वे बताते हैं कि कुंवारी लड़कियां अगर करवा चौथ का व्रत रखती हैं, तो सरगी को लेकर उनके लिए कोई एक तय नियम नहीं है.
ऋषिकेश (Karwa Chauth Rules). करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखती हैं. इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चांद देखने के बाद व्रत खोलती हैं, लेकिन क्या यह व्रत सिर्फ शादीशुदा महिलाएं ही रख सकती हैं या कुंवारी लड़कियां भी इसे रख सकती हैं. कई अविवाहित लड़कियां भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से करवा चौथ का व्रत रखती हैं. ऐसे में उनके लिए व्रत के क्या नियम हैं और पूजा किस तरह करनी चाहिए, यह बहुत जरूरी है. लोकल 18 से ऋषिकेश के ज्योतिषी पंडित अखिलेश पांडेय बताते हैं कि करवा चौथ का व्रत रखने के लिए महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाती हैं. इसके बाद पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए व्रत रखा जाता है. शाम को महिलाएं सोलह श्रृंगार करके भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा करती हैं. इस दौरान करवा चौथ की कथा सुनी जाती है और पूजा की थाली सजाई जाती है. रात में चांद निकलने के बाद महिलाएं छलनी से चंद्रमा को देखती हैं, अर्घ्य देती हैं और फिर अपने पति का चेहरा देखकर व्रत खोलती हैं. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
ज्योतिषी पंडित अखिलेश पांडेय बताते हैं कि कई कुंवारी कन्याएं भी करवा चौथ का व्रत रखती हैं. वैसे तो यह व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखती हैं. अविवाहित लड़कियों के लिए इसे रखना जरूरी नहीं. कुछ लड़कियां मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से यह व्रत रखती हैं. ऐसे में अगर कोई कुंवारी कन्या व्रत रखना चाहती है, तो वह यह रख सकती है.
ऐसे खोलें बिना पति के व्रत
ज्योतिषी पंडित अखिलेश पांडेय के मुताबिक, कुंवारी लड़कियां अगर करवा चौथ का व्रत रखती हैं, तो सरगी को लेकर उनके लिए कोई एक तय नियम नहीं है. आमतौर पर सरगी सास अपनी बहू को देती हैं, लेकिन कुंवारी लड़कियां चाहें तो अपनी मां या घर की किसी बड़ी महिला के हाथों सरगी लेकर सुबह व्रत शुरू कर सकती हैं. व्रत खोलने के लिए पति का होना जरूरी नहीं है. वे चंद्रमा को अर्घ्य देकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सकती हैं और फिर अपने घर के बड़ों का आशीर्वाद लेकर व्रत खोल सकती हैं.