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पूरी नींद लेने के बाद भी दिनभर थकान और सुस्ती महसूस होती है, तो इसकी वजह सिर्फ नींद की कमी नहीं है. खानपान में गड़बड़ी, पोषक तत्वों की कमी और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं. जानिए किन संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है.
सुबह बिस्तर से उठते ही थकान महसूस होना, दिनभर काम करने का मन न करना या छोटी-सी मेहनत के बाद ऊर्जा खत्म हो जाना, ये अनुभव कई लोगों को होते हैं. अक्सर हम सोचते हैं कि शायद नींद पूरी नहीं हुई या काम ज्यादा हो गया है. लेकिन अगर आराम करने के बाद भी शरीर में चुस्ती नहीं लौटती, तो इसकी वजह रोजमर्रा की कुछ आदतें या सेहत से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं. ऐसे में जरूरी है कि थकान को केवल आलस मानकर नजरअंदाज न किया जाए.
दिनभर की भागदौड़ में नाश्ता छोड़ देना, लंबे समय तक भूखे रहना या बार-बार सिर्फ चाय-बिस्कुट पर निर्भर रहना शरीर की ऊर्जा पर असर डाल सकता है. शरीर को ठीक से काम करने के लिए पर्याप्त कैलोरी और अलग-अलग पोषक तत्व चाहिए. अगर खाने में प्रोटीन, आयरन और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्व कम हैं, तो कमजोरी महसूस हो सकती है. इसलिए भोजन में दाल, फलियां, हरी सब्जियां, फल और दूसरे पौष्टिक विकल्प शामिल करें. केवल पेट भरना ही नहीं, संतुलित आहार लेना भी जरूरी है.
कई लोग काम में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि उन्हें पानी पीना याद ही नहीं रहता. शरीर में पानी की कमी होने पर सिरदर्द, चक्कर और थकान जैसी परेशानियां हो सकती हैं. गर्मी में बाहर रहने, व्यायाम करने या ज्यादा पसीना आने पर इसकी जरूरत बढ़ सकती है.
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दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें और अपनी प्यास पर ध्यान दें. हालांकि, जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी जरूरी नहीं है; मात्रा व्यक्ति की जरूरत के अनुसार होनी चाहिए.
शरीर भले ही आराम कर रहा हो, लेकिन अगर दिमाग लगातार काम, परिवार या दूसरी चिंताओं में उलझा है, तो ताजगी महसूस करना मुश्किल हो सकता है. लंबे समय तक तनाव रहने से नींद, एकाग्रता और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. दिन में छोटे ब्रेक लेना, थोड़ी देर टहलना और अपनी पसंद की गतिविधियों के लिए समय निकालना मददगार हो सकता है. अगर चिंता लगातार बनी रहे, तो विशेषज्ञ से बात करना बेहतर है.
लगातार थकान कभी-कभी शरीर में आयरन की कमी यानी एनीमिया का संकेत हो सकती है. इसमें कमजोरी के साथ चक्कर आना, सांस फूलना या दिल की धड़कन तेज महसूस होना जैसे लक्षण भी हो सकते हैं. विटामिन बी12 की कमी भी ऊर्जा और नसों के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकती है. केवल लक्षणों के आधार पर कमी का पता नहीं लगाया जा सकता, इसलिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से जांच कराएं.
अगर थकान के साथ वजन बढ़ रहा है, ठंड ज्यादा लगती है या कब्ज की परेशानी है, तो थायरॉइड की कम सक्रियता भी एक वजह हो सकती है. डायबिटीज, कुछ संक्रमण और नींद के दौरान सांस लेने में रुकावट जैसी समस्याएं भी दिनभर सुस्ती पैदा कर सकती हैं.
अगर पर्याप्त आराम के बावजूद थकान कई हफ्तों तक बनी रहे या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो डॉक्टर से सलाह लें. बिना जांच के आयरन या विटामिन सप्लीमेंट शुरू न करें. सीने में दर्द, गंभीर सांस की परेशानी या बेहोशी के साथ थकान होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें.