हिटलर का ‘ईगल्स नेस्ट’ क्या है, जिसे आग ने किया तबाह? जानिए इस ऐतिहासिक इमारत की पूरी कहानी


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हिटलर का ‘ईगल्स नेस्ट’ क्या है, जिसे आग ने किया तबाह? जानिए इमारत की कहानी

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जर्मनी में जिस ईगल्स नेस्ट इमारत आग में तबाह हो गई है, उससे हिटलर का पुराना नाता है. कहा तो ये भी जाता है कि इस इमारत को हिटलर को गिफ्ट देने के लिए ही बनवाया गया था. हालांकि दावा ये भी किया जाता है कि ये हिटलर के मेहमानों के लिए गेस्ट हाउस था.

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जर्मनी की ईगल्स नेस्ट इमारत जलने के पहले और बाद में. (फोटो-AP)

साउथ जर्मनी की जो ऐतिहासिक इमारत द ईगल्ट नेस्ट जली है, वह कभी हिटलर का टी हाउस हुआ करता था. यहां लगी आग इतनी भीषण थी कि 200 से ज्यादा दमकलकर्मियों को लगाया गया था. हालांकि आग कैसे लगी इसकी जांच की जा रही है. फिलहाल इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है. अभी तक यह साबित नहीं हो पाया कि इस आग के पीछे उसकी का हाथ था. जर्मन अखबार बिल्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक आग ने इमारत को बुरी तरह तबाह कर दिया है.

जर्मनी के बवेरियन आल्प्स में पहाड़ की चोटी पर बनी इस इमारत में 23 अक्टूबर को आग लगी थी. यह तकरीबन 1834 मीटर ऊंचाई पर स्थित है, जिसे 1938 में नाजी अधिकारियों और उनके मेहमानों के लिए बनाया गया था. ऐसा कहा जाता है कि ये इमारत हिटलर को उसके 50वें जन्मदिन पर तोहफे में देने के लिए बनवाई गई थी, हालांकि इसके प्रमाणिक साक्ष्य नहीं हैं. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इस इमारत को नष्ट करने की योजना बनी थी, हालांकि बाद में इसे ऐतिहासिक स्थल के तौर पर संरक्षित किया गया और 1952 से लगातार यहां रेस्तरां संचालित हो रहा है.

ईगल्स नेस्ट क्यों बनाया गया था?

ईगल्स नेस्ट का आधिकारिक जर्मन नाम केल्श्टाइनहाउस है. यह बवेरिया राज्य में बेर्चटेसगाडेन के पास केल्श्टाइन पहाड़ पर है. इसका निर्माण 1937 में शुरू हुआ था जो 1938 में पूरा हुआ. इस भवन को बनाने का मकसद सिर्फ मेहमाननवाजी नहीं था. बल्कि उस समय यह नाजी शासन की ताकत, तकनीकी क्षमता का प्रतीक बन गई थी.

मेमोरियल म्यूजियम की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह जर्मनी की उन शुरुआती इमारतों में से एक थी जहां पहुंचने के लिए सड़क, सुरंग और पहाड़ के भीतर बनी लिफ्ट का इंतजाम किया गया था. आज भी इसकी स्थिति इसे खास बनाती है. हिटलर यहां आता था, मगर यह आधिकारिक आवास नहीं था. असल में हिटलर ओबर्साल्जबर्ग स्थित बर्गहॉफ में रहता था.

26 जुलाई, 2007 की यह तस्वीर केहलस्टीनहॉस, या ‘ईगल्स नेस्ट’ को दिखाती है, जिसे 1938 में जर्मनी के बेर्चटेसगाडेन के पास एडोल्फ हिटलर के लिए बनवाया गया था. (AP Photo/Geir Moulson)

हिटलर से कैसे जुड़ा ईगल्स नेस्ट?

1930 में जब जर्मनी का नाजी शासन अपनी शक्ति और छवि मजबूत कर रहा था. उस दौर में बवेरिया का ओबर्साल्जबर्ग का बर्गहॉफ शक्ति का केंद्र माना जाता था, जहां हिटलर रहता था. ऐसे में ईगल्स्ट नेट को एक गेस्ट हाउस के तौर पर बनाया गया था, जहां हिटलर के मेहमान रहते थे. चूंकि हिटलकर 1939 में 50 साल का हुआ था, ऐसे में इस इमारत को हिटलर के जन्मदिन से भी जोड़ा गया. हालांकि इसके साक्ष्य कहीं नहीं मिले. ईगल्स नेस्ट का नाम हिटलर से इतना जुड़ गया कि इसे अक्सर उसका पसंदीदा पहाड़ी घर बताया जाता है.

ईगल्स नेस्ट कैसे बचा?

ईगल्स नेट की सबसे खास बात इसका निर्माण थी जो उस समय समुद्र तल से 1834 मीटर ऊचाई पर बनाया गया था. इमारत तक पहुंचने के लिए चट्टानों को काटकर सड़क बनाई गई थी. यहां पांच सुरंगें भी थीं जो सुरक्षा के लिहाज से बनाई गईं थी. पहाड़ के अंदर एक लिफ्ट भी बनाई गई थी. द्वितीय विश्व युद्ध के समय बमबारी के बावजूद ये इमारत बच गई थी. मई 1945 में अमेरिकी सेना ने इस क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया. युद्ध के बाद कई नाजी इमारतों को गिरा दिया गया, हिटलर के बर्गहॉफ वाले घर को भी नहीं छोड़ा गया . मगर ईगल्स नेस्ट को बचाए रखा गया. बाद में इसकी जिम्मेारी एक ट्रस्ट को दे दी गई, ताकि इससे होने वाली आय का इस्तेमाल अच्छे कामों में किया जाए.

बेर्चटेसगाडेन के पास ओबरसाल्ज़बर्ग में स्थित केहलस्टीनहॉस, जो शनिवार (24 अक्टूबर 2026) को आग लगने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. (Jason Tschepljakow/dpa via AP)

बनाया गया रेस्तरां

1952 में ईगल्स नेस्ट को रेस्तरां और पर्यटन स्थल के तौर पर संचालित किया जा रहा है. यहां 23 अक्टूबर की रात आग लगी. जब दमकलकर्मी पहुंचे तो पूरी इमारत आग की चपेट में आ चुकी थी. 200 से ज्यादा दमकलकर्मी आग को बुझाने के लिए पहुंचे. हालांकि पहाड़ की चोटी होने की वजह से आग बुझाने में मुश्किल आई. AP की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में 33 साल के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है.



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