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Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में अलग ही सुगबुगाहट चल रही है. डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार की अगुआई में एनसीपी का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिला है. एनसीपी ने सीएम फडणवीस से बड़ी मांग की है.
सुनेत्रा पवार ने सीएम फडणवीस से मुलाकात की है.
मुंबई. महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने वित्त मंत्रालय अपने पास रखने की मांग तेज कर दी है. उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर वित्त विभाग एनसीपी को सौंपने का आग्रह किया. पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य के मंत्री छगन भुजबल ने यह जानकारी दी. उन्होंने हालांकि राज्य में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई है.
प्रतिनिधिमंडल में सुनेत्रा पवार के अलावा एनसीपी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल शामिल थे. मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में भुजबल ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस उनकी पार्टी की मांग को लेकर सकारात्मक हैं, लेकिन यह बताना संभव नहीं है कि वित्त विभाग कब तक एनसीपी को सौंपा जाएगा. वित्त विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री फडणवीस के पास है. इससे पहले यह विभाग एनसीपी के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार संभालते थे. इस साल जनवरी में एक विमान दुर्घटना में अजित पवार की मृत्यु हो गई थी. उनके निधन के बाद राज्य सरकार में वित्त विभाग मुख्यमंत्री के पास है.
हम केवल वित्त विभाग चाहते हैं…
यह पूछे जाने पर कि क्या एनसीपी वित्त विभाग के बजाय किसी अन्य व्यवस्था को स्वीकार कर सकती है, भुजबल ने स्पष्ट कहा कि हम केवल वित्त विभाग चाहते हैं. महाराष्ट्र में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए भुजबल ने कहा कि मंत्रियों को बदलने के बारे में बिल्कुल कोई चर्चा नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल करना पूरी तरह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. एनसीपी के दोनों धड़ों के विलय को लेकर चल रही अटकलों पर भी भुजबल ने विराम लगाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अब बंद अध्याय है. उन्होंने कहा कि आप ही इस विषय पर बहस शुरू करते हैं और फिर हमें जवाब देना पड़ता है. शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी का हिस्सा है. इस गठबंधन में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस भी शामिल हैं. शरद पवार ने पिछले महीने कहा था कि उनकी पार्टी सत्ता हासिल करने के लिए किसी अन्य दल में विलय नहीं करेगी. उन्होंने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही थी.
सूखा प्रभावित किसानों के लिए बड़ी राशि की जरूरत
भुजबल ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को राहत देने के लिए सरकार को बड़ी धनराशि की व्यवस्था करनी होगी. उन्होंने कहा कि किसानों की कर्जमाफी की योजना पहले से चल रही है. इसके बाद सूखा राहत की पहली अग्रिम किस्त और फिर दूसरी किस्त वितरित की जाएगी. उन्होंने कहा कि सूखा प्रभावित किसानों तक सहायता पहुंचाने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराना जरूरी होगा. मुख्यमंत्री फडणवीस ने हाल में घोषणा की थी कि दिवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में शुरुआती राहत के तौर पर 5,000 रुपये सीधे जमा किए जाएंगे. राज्य सरकार ने महाराष्ट्र की कुल 358 तहसीलों में से 305 में सूखा घोषित किया है. यह राज्य की कुल तहसीलों का करीब 85 प्रतिशत है. ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.
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