85 साल की दादी का अनोखा स्कूल, न ब्लैकबोर्ड न किताबें, रेत पर बच्चों को पढ़ाने का अंदाज जीत रहा दिल

85 साल की दादी का अनोखा स्कूल, न ब्लैकबोर्ड न किताबें, रेत पर बच्चों को पढ़ाने का अंदाज जीत रहा दिल


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85 साल की इंदिरा अम्मा आज भी बच्चों को पढ़ाने के अपने अनोखे अंदाज से लोगों का दिल जीत रही हैं. वह रेत पर लकड़ी की छड़ी से अक्षर और गणित सिखाती हैं. उनके पढ़ाने का पारंपरिक तरीका सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं.

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Viral Video: आज के दौर में बच्चों की पढ़ाई स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड और आधुनिक तकनीक के इर्द-गिर्द घूमती है. लेकिन क्या आपने कभी ऐसी क्लास देखी है, जहां न ब्लैकबोर्ड हो, न कॉपी-किताब और न ही कोई महंगा उपकरण? यहां बच्चों की पढ़ाई का सहारा है सिर्फ रेत, लकड़ी की एक छोटी सी छड़ी और एक बुजुर्ग शिक्षिका का अटूट जज्बा. सोशल मीडिया पर इन दिनों 85 साल की एक दादी का वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग उनकी मेहनत और बच्चों के प्रति प्यार को सलाम कर रहे हैं.

रेत पर अक्षर बनाकर बच्चों को पढ़ाती हैं इंदिरा अम्मा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @iAkankshaP नाम के अकाउंट से शेयर किए गए इस वीडियो में केरल की 85 वर्षीय इंदिरा अम्मा नजर आ रही हैं. उन्हें लोग प्यार से आशाट्टी अम्मुम्मा भी कहते हैं. वीडियो में वह छोटे-छोटे बच्चों के बीच बैठकर उन्हें पढ़ाती दिखाई देती हैं.

उनकी क्लास में जमीन पर रेत बिछी हुई है. अम्मा लकड़ी की एक छड़ी उठाती हैं और रेत पर अक्षर व अंक बनाकर बच्चों को समझाती हैं. बच्चे भी उनके बताए तरीके को देखकर उसी रेत पर लिखने की कोशिश करते हैं. अगर किसी बच्चे से गलती हो जाती है, तो वह उसे प्यार से दोबारा समझाती हैं. उनका धैर्य, चेहरे की मुस्कान और बच्चों के साथ अपनापन देखकर ऐसा लगता है कि यहां पढ़ाई किसी दबाव में नहीं, बल्कि खुशी के साथ होती है. खास बात यह है कि बच्चे मलयालम, हिंदी, अंग्रेजी और गणित जैसी चीजें भी इसी अनोखे तरीके से सीखते हैं.



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