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कानपुर में इन दिनों तीन आईएएस अफसरों की खूब चर्चा हो रही है, जिसमें जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे जैन का नाम शामिल है. ये तीनों आईएएस अफसर दिन में दफ्तर में रहते हैं और रात को शहर में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए सड़क पर नजर आते हैं.
कानपुर के तीन आईएएस अफसरों की हो रही चर्चा.
कानपुरः उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में विकास कार्यों को रफ्तार देने और सरकारी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए तीन IAS अधिकारियों की सक्रियता चर्चा में हैं. जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन की तिकड़ी शहर में चल रहे विकास कार्यों, सड़क निर्माण और साफ-सफाई व्यवस्था की निगरानी कर रही है. खास बात यह है कि यह निगरानी केवल दफ्तरों में बैठकर बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिकारी रात में भी अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी हकीकत परख रहे हैं.
संबंधित विभागों में मचा है हड़कंप
तीनों अधिकारियों की इस सक्रियता से विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. सड़क निर्माण में गुणवत्ता, काम की रफ्तार और स्वच्छता व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सीधे मौके पर पहुंचकर निर्देश दिए जा रहे हैं. अचानक होने वाले निरीक्षणों के चलते संबंधित विभागों को अपने कामकाज को लेकर अधिक सतर्क रहना पड़ रहा है.
रात में सड़कों पर उतरकर परख रहे विकास कार्य
कानपुर में सड़क सुधार और निर्माण कार्यों को लेकर प्रशासन ने निगरानी तेज की है. जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय और सीडीओ अभिनव जे. जैन रात्रिकालीन निरीक्षण के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में चल रहे कार्यों का जायजा ले चुके हैं. इन निरीक्षणों में सड़क निर्माण, सीएम ग्रिड परियोजना, कूड़ा उठान और स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति देखी गई है. संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तय मानकों का पालन करने और सफाई व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन की इस कार्यशैली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास योजनाएं केवल कागजों पर आगे न बढ़ें, बल्कि उनका असर जमीन पर भी दिखाई दे. निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता और परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
रावतपुर से कंपनीबाग तक सड़क पर भी नजर
इसी कड़ी में रावतपुर मेट्रो स्टेशन से कंपनीबाग चौराहे तक करीब 1800 मीटर लंबी सड़क का निर्माण महत्वपूर्ण है. लोक निर्माण विभाग की ओर से कराए जा रहे इस कार्य का जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने गुरुवार रात निरीक्षण किया. अधिकारियों ने निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, सामग्री की जांच कराने और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए. डीएम ने लोक निर्माण विभाग, जल निगम नगरीय और मेट्रो के अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा, ताकि विभागों के बीच तालमेल की कमी से निर्माण प्रभावित न हो. प्रशासन की ओर से इस सड़क का काम निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है.
तीन अधिकारियों की अलग-अलग जिम्मेदारी, लक्ष्य एक
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर जिले के प्रशासनिक कामकाज और विकास योजनाओं की निगरानी कर रहे हैं। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की जिम्मेदारी नगर निगम से जुड़ी व्यवस्थाओं, शहरी सुविधाओं और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की है. वहीं, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ग्रामीण विकास और संबंधित योजनाओं की प्रगति की निगरानी करते हैं. तीनों अधिकारियों के समन्वय से शहर की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जा रहा है. इन अधिकारियों के रात्रिकालीन निरीक्षणों से विभागीय स्तर पर यह संदेश जा रहा है कि निर्माण और जनसुविधाओं से जुड़े कामों में गुणवत्ता तथा समयसीमा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। हालांकि, इन प्रयासों की वास्तविक सफलता का आकलन सड़क निर्माण की गुणवत्ता, परियोजनाओं के समय पर पूरा होने और आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार से होगा.