गर्मियों और उमस भरे मौसम में हरा नारियल शरीर को ताजगी और जरूरी पोषक तत्व देने का अच्छा स्रोत माना जाता है. वैसे तो नारियल पानी सभी मौसम में ही शरीर के लिये फायदेमंद ही होता है. नारियल पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स, पोटैशियम और कई खनिज तत्व पाए जाते हैं, इसलिए लोग इसे स्वास्थ्यवर्धक पेय के रूप में भी पसंद करते हैं. लेकिन बाजार में कभी-कभी पुराने, खराब या कृत्रिम रूप से हरा दिखाए गए नारियल भी बिक जाते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि असली और ताजा हरे नारियल की पहचान कैसे की जाए. कुछ आसान संकेतों की मदद से आप सही नारियल चुन सकते हैं.
रंग पर दें ध्यान
ताजा हरे नारियल का रंग प्राकृतिक हरा होता है. यदि नारियल का रंग बहुत ज्यादा चमकीला या एक समान गहरा हरा दिखाई दे, तो संभव है कि उसे बाहर से रंगकर नया दिखाने की कोशिश की गई हो. प्राकृतिक नारियल पर हल्के पीले, भूरे या सफेद निशान भी दिखाई दे सकते हैं, जो सामान्य हैं।
वजन से करें पहचान
नारियल खरीदते समय उसे हाथ में उठाकर देखें. ताजा और अच्छे नारियल का वजन उसके आकार के अनुसार अधिक महसूस होता है क्योंकि उसके अंदर पर्याप्त मात्रा में पानी होता है. यदि नारियल हल्का लगे, तो संभव है कि उसका पानी सूख चुका हो या वह पुराना हो.
हिलाकर सुनें आवाज
नारियल को कान के पास ले जाकर हल्के से हिलाएं. यदि अंदर पानी की आवाज सुनाई देती है, तो यह सामान्य बात है. लेकिन बहुत कम या बिल्कुल आवाज न आना इस बात का संकेत हो सकता है कि नारियल पुराना है या उसमें पानी कम बचा है.
बाहरी सतह को जांचें
नारियल की सतह पर दरारें, कट या रिसाव के निशान नहीं होने चाहिए. यदि किसी जगह से पानी निकल रहा हो, तो ऐसे नारियल को खरीदने से बचें. इसके अलावा फफूंदी या काले धब्बे भी खराब गुणवत्ता का संकेत हो सकते हैं.
तीन आंखों वाले हिस्से को देखें
नारियल के एक सिरे पर तीन छोटे गोल निशान होते हैं, जिन्हें सामान्य भाषा में “आंखें” कहा जाता है. यह हिस्सा सूखा और साफ होना चाहिए. यदि यहां नमी, फफूंदी या सड़न के संकेत दिखें, तो नारियल खराब हो सकता है.
विक्रेता की विश्वसनीयता भी जरूरी
हमेशा भरोसेमंद दुकानदार या विक्रेता से ही नारियल खरीदें. सड़क किनारे लंबे समय से रखे हुए नारियल जल्दी खराब हो सकते हैं. ताजा माल बेचने वाले विक्रेता से खरीदने पर बेहतर गुणवत्ता मिलने की संभावना रहती है.