यूरोप में मुस्लिम प्रवासियों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. पोलैंड के यूरोपीय संसद सदस्य डोमिनिक तारचिंस्की ने ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर पीयर्स मॉर्गन के साथ एक बातचीत में कहा कि अगर उन्हें सत्ता में आने का मौका मिला, तो वह पोलैंड में सभी मुस्लिमों की एंट्री बैन कर देंगे. उन्होंने यूरोप में नई मस्जिदों के निर्माण पर रोक लगाने की भी वकालत की.
पीयर्स मॉर्गन से बातचीत के दौरान तारचिंस्की ने यह भी कहा कि इस्लाम पश्चिमी मूल्यों के अनुकूल नहीं है और वह पोलैंड में मुस्लिम प्रवासियों को नहीं देखना चाहते. जब मॉर्गन ने उनसे दूसरे यूरोपीय देशों, खासकर फ्रांस में मुस्लिम प्रवासियों को प्रवेश देने के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘नहीं, बिल्कुल नहीं.’
‘फ्रांस में बिगड़ चुके हैं हालात’
तारचिंस्की ने फ्रांस के हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां हालात बिगड़ चुके हैं और अब बहुत देर हो चुकी है. उन्होंने इंग्लैंड को लेकर भी इसी तरह की राय जाहिर की. उनके बयानों से साफ है कि वह यूरोप में मुस्लिम प्रवासन के खिलाफ बेहद सख्त नीति के समर्थक हैं.
‘कतर में चर्च नहीं तो यूरोप में मस्जिदें क्यों?’
इंटरव्यू में तारचिंस्की ने यूरोप में नई मस्जिदों के निर्माण पर रोक लगाने की मांग भी उठाई. उन्होंने कतर में ईसाई धार्मिक स्थलों के निर्माण और पूजा की स्वतंत्रता पर कथित पाबंदियों का हवाला देते हुए कहा कि जब तक कतर में ईसाइयों को चर्च और कैथेड्रल बनाने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक यूरोप में भी मस्जिदें नहीं बननी चाहिए.
पीयर्स मॉर्गन ने उनकी सोच को ‘कट्टरपंथी’ करार दिया. इस पर तारचिंस्की ने पलटकर कहा कि कतर के लोगों और जिहादियों के सामने झुकने वाला व्यक्ति बनने से बेहतर है कि उन्हें कट्टरपंथी कहा जाए. इस तीखी बहस ने इंटरव्यू को और विवादास्पद बना दिया.
‘मैंने टैक्स दिया, कोई चर्च नहीं जलाया’
इस बातचीत के दौरान मॉर्गन ने तारचिंस्की को याद दिलाया कि वह खुद भी एक देश से दूसरे देश में गए हैं. इस सवाल के जवाब में पोलिश सांसद ने तंजिया लहजे में कहा कि उन्होंने टैक्स चुकाया है और कोई चर्च नहीं जलाया.
तारचिंस्की का यह जवाब प्रवासियों को लेकर उनके सख्त नजरिये को दर्शाता है. वह अपने और उन लोगों के बीच अंतर करते नजर आए, जिन्हें वह यूरोप की संस्कृति और सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं. हालांकि, प्रवासियों के किसी पूरे धार्मिक समुदाय को एक ही नजरिये से देखना अपने आप में विवाद का विषय है.
तारचिंस्की ने ब्रिटेन में प्रवेश से जुड़े एक पुराने मामले का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, वह लंदन में दक्षिणपंथी कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन की ओर से आयोजित रैली में शामिल होने और भाषण देने वाले थे. लेकिन इस साल मई में ब्रिटेन के गृह कार्यालय ने उनकी इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) अनुमति रद्द कर दी थी.
तारचिंस्की ने सोशल मीडिया पर गृह कार्यालय के मैसेज का स्क्रीनशॉट शेयर किया था. ईटीए ऐसी इलेक्ट्रॉनिक अनुमति है, जिसकी मदद से पात्र यात्री बिना वीजा ब्रिटेन की यात्रा कर सकते हैं. हालांकि, अनुमति रद्द किए जाने के पीछे के पूरे आधिकारिक कारणों की जानकारी इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है.
ट्रंप के MAGA मूवमेंट से जुड़ाव
डोमिनिक तारचिंस्की यूरोप में मुस्लिम प्रवासन के मुखर विरोधी के रूप में पहचाने जाते हैं. वर्ष 2018 में ब्रिटेन के चैनल 4 न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने गर्व के साथ कहा था कि पोलैंड ने ‘शून्य अवैध मुस्लिम प्रवासियों’ को स्वीकार किया है.
उनका जुड़ाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के MAGA आंदोलन और ब्रिटेन के दक्षिणपंथी कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन से भी बताया जाता है. रॉबिन्सन का असल नाम स्टीफन यैक्सली-लेनन है. वह ब्रिटेन में अपनी मुस्लिम-विरोधी और प्रवासन-विरोधी सक्रियता के लिए जाने जाते हैं.
पिछले साल तारचिंस्की ने लंदन में आयोजित ‘यूनाइट द किंगडम’ रैली में रॉबिन्सन के साथ मार्च किया था. रिपोर्ट के मुताबिक, इस रैली में एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे. तारचिंस्की ने मंच से भाषण देते हुए प्रवासियों को वापस भेजने के समर्थन में नारे भी लगवाए थे. उन्होंने इस दौरान यूरोप में प्रवासन को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाने की अपील की थी. उनका कहना था कि अपने परिवार, बच्चों और देश की रक्षा के लिए लोगों को कड़ा रुख अपनाना होगा. उन्होंने यूरोप की ईसाई पहचान, संस्कृति और विरासत को वापस हासिल करने की बात भी कही थी.