बिहार में आफत का मौसम! 28 से बारिश-तेज हवाओं का कहर, किसान भाइयों के लिए अलर्ट जारी

बिहार में आफत का मौसम! 28 से बारिश-तेज हवाओं का कहर, किसान भाइयों के लिए अलर्ट जारी


Bihar Weather Update: बिहार में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है. अभी जहां सुबह शाम गुलाबी ठंड और दोपहर में धूप दिखाई दे रही है लेकिन आने वाले दिनों में तूफान की संभावना है. पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश, वज्रपात, मेघगर्जन और तेज हवाएं चलने की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की है. आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर ने लोकल 18 को बताया कि इस अवधि में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की आशंका है. इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं.

बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव का क्षेत्र
उन्होंने बताया कि दक्षिण-पूर्वी तथा उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान द्वीपसमूह के ऊपर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव बना हुआ है. इसके कारण 23 अक्टूबर की सुबह एक निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है, जो समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है. इस मौसमी सिस्टम के 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब (Deep Depression) में बदलने की आशंका जताई गई है. 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर इसके चक्रवाती तूफान में तीव्र होने की संभावना भी व्यक्त की गई है. इसके बाद मौसम सिस्टम के और तीव्र होकर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने तथा उत्तर आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों की ओर जाने की संभावना है. इस मौसमी गतिविधि का असर बिहार के मौसम पर भी पड़ सकता है.

28 अक्टूबर से बिहार में बढ़ेगी बारिश और तेज हवा की संभावना
डॉ. आनंद शंकर ने बताया कि 28 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 के दौरान बिहार के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. इस दौरान कुछ इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार सतही हवाएं चल सकती हैं. किसानों और आम लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने तथा खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

किन जिलों में दिख सकता है ज्यादा असर?
28 अक्टूबर को पटना, गया, कैमूर, बक्सर, जमुई, भागलपुर, मुंगेर सहित दक्षिण बिहार के सभी 19 जिलों में मध्यम बारिश के साथ गरज चमक एवं व्रजपात होने की प्रबल संभावना है. इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. 29 अक्टूबर को कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जी में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है. साथ गरज चमक के साथ व्रजपात की भी पूरी संभावना है. ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा, पूर्वी बिहार को छोड़कर पटना, मधुबनी, पश्चिम चम्पारण, बक्सर, मुजफ्फरपुर सहित शेष सभी जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है. येलो अलर्ट जारी किया गया है.

30 अक्टूबर को पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और भभुआ में भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, पटना, बेगूसराय, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, गया और नवादा में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है. ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. बाकी जिलों में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है.

किसानों की बढ़ सकती है परेशानी, फसलों को सुरक्षित रखने की सलाह
बदलते मौसम का असर खेतों में तैयार और कटाई के लिए रखी गई फसलों पर पड़ सकता है. बारिश और तेज हवाओं से फसल भीगने, खेतों में जलभराव होने तथा कटाई के बाद खुले स्थानों पर रखे अनाज को नुकसान पहुंचने की आशंका है. इसीलिए मौसम वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर ने किसानों को सलाह देते हुए बताया कि जिन खरीफ फसलों की कटाई हो चुकी है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें. खेतों में कटी हुई और खुले स्थानों पर सुखाई जा रही फसलों को बारिश से बचाने की उचित व्यवस्था करें. यदि आवश्यक न हो, तो मौसम की स्थिति सामान्य होने तक फसलों की कटाई स्थगित रखें. सब्जियों की फसलों में फिलहाल सिंचाई रोकें और मौसम के अनुसार कृषि कार्य करें. वज्रपात से बचने के लिए खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, जलाशयों और बिजली के खंभों से दूर रहें. मेघगर्जन के दौरान सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें और बिजली चमकने के समय मोबाइल सहित विद्युत उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करें.



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