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Shiva Sharma Murder Case : लखनऊ के कारोबारी शिवा मर्डर केस की आरोपी श्रद्धा दुबे को आखिरकार महाराष्ट्र के नागपुर से उत्तर प्रदेश पुलिस ने दबोच लिया है. यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में आरोपी श्रद्धा दुबे, दूसरी आरोपी श्रद्धा की छोटी बहन रश्मि दुबे और तीसरे आरोपी दानिश को गिरफ्तार किया गया है. इन तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेजा गया. जेल में दोनों बहनें करवटें बदलती रहीं. मलमल के गद्दे पर सोने वाली श्रद्धा को फर्श पर पड़ी दरी पर लेटना पड़ा. वहीं, मच्छरों के काटने के कारण भी नींद नहीं आई.
9 अक्टूबर को हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर शिवा शर्मा की मौत हो गई थी. शिवा पिछले 4 महीने से श्रद्धा के साथ लिव-इन में रह रहा था. घटना के बाद उसकी बॉडी पर सिर्फ अंडरवियर था. चेहरे पर लिपस्टिक लगी हुई थी. शरीर पर कई जगह सिगरेट से जलाने के निशान भी मिले थे.
शिवा की मां रंजना शर्मा ने उसकी मौत के मामले में श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि, ड्राइवर आदिल समेत 5 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है. आरोप है कि श्रद्धा ने ही शिवा को चौथी मंजिल से धक्का दिया था. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
लक्जरी कारों में घूमने और पांच सितारा होटल में खाने वाली कारोबारी शिवा की हत्यारोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर का ठिकाना अब गोसाईगंज स्थित जिला कारागार बन चुका है. गुरुवार को जेल भेजे जाने और एक दिन क्वारंटाइन में बिताने के बाद शुक्रवार को दोनों बहनों को 45 महिला कैदियों वाली सामान्य बैरक में शिफ्ट कर दिया गया.
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लग्जरी लाइफस्टाइल की आदी हो चुकी श्रद्धा और रश्मि के लिए जेल की सलाखों के पीछे का यह नया माहौल बेहद भारी पड़ रहा है, जहां उन्हें अब आम कैदियों की तरह ही जेल प्रशासन के सख्त नियमों और दिनचर्या के हिसाब से रहना पड़ रहा है.
लखनऊ जेल में बंद श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश की ओर से सीजेएम की कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी. CJM के शुक्रवार को मौजूद न रहने पर प्रभारी सीजेएम आलोक वर्मा ने सुनवाई के बाद तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि जमानत का कोई आधार नहीं है और अपराध काफी गंभीर है. अब तीनों को ऊपरी अदालत में अपील करनी पड़ेगी.
जेल सूत्रों की मानें तो श्रद्धा के जेल के भीतर तेवर नहीं बदले. बातचीत के दौरान बैरक में दूसरे बंदियों व सुरक्षाकर्मियों को वह खुद को बेकसूर बताती रही. शुक्रवार को जेल में दी गई चाय पी और खाना भी खाया. चालक तनवीर अली उर्फ दानिश काफी परेशान दिखा. श्रद्धा से शुक्रवार को जेल में मिलने कोई नहीं पहुंचा.
जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने बताया कि श्रद्धा सामान्य बंदियों की तरह रह रही है. शुक्रवार सुबह नाश्ते में चाय पी और दलिया खायी. दोपहर और शाम के भोजन में दाल, सब्जी और रोटी व चावल खाया. जेल में अब श्रद्धा, उसकी बहन एवं चालक को दूसरे बंदियों की तरह तय नियमों के अनुसार रहना होगा. तीनों को कड़ी निगरानी में रखा गया है. जेल मैनुअल के मुताबिक सुविधाएं दी जा रही हैं.
गिरफ्तार होने से पहले शेयर किए गए वीडियो में श्रद्धा दुबे ने कहा था, मैं श्रद्धा दुबे, कहीं भागी नहीं हूं. मैं खुद सारी बातें आकर बताना चाहती हूं. कोई मर्डर नहीं था. वो एक सुसाइड था और ये सब जानते हैं. ये पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी आ जाएगा और मैं खुद प्रशासन से मिलकर सरेंडर करना चाहती हूं. मैं खुद सरेंडर करना चाह रही हूं तो ये मैं भागी नहीं हूं. मेरी हालत ऐसी नहीं थी कि मैं किसी को फेस कर सकूं. मैं खुद ज्यादा फिजिकली डिस्टर्ब थी. मेरी तबीयत बिल्कुल ठीक नहीं थी कुछ दिनों से. क्योंकि किसी के घर से कोई कूदकर सुसाइड कर लेगा तो किसी की क्या हालत होगी, ये आप समझ सकते हैं.