करवा चौथ पर पत्नी को गिफ्ट करें ये ज्वेलरी, दिखने में सोने-चांदी से कम नहीं, कीमत मात्र ₹300 से शुरू

करवा चौथ पर पत्नी को गिफ्ट करें ये ज्वेलरी, दिखने में सोने-चांदी से कम नहीं, कीमत मात्र ₹300 से शुरू


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करवा चौथ पर पत्नी को देने के लिए उड़ीसा की हस्तनिर्मित ज्वेलरी एक बेहतरीन विकल्प है. पीतल, तांबे और जर्मन सिल्वर से बनी यह ज्वेलरी असली सोने-चांदी जैसी दिखती है. इसकी कीमत 300 से 1000 रुपये के बीच है. दिल्ली के नेचर बाजार में 3 नवंबर तक इसकी खरीदारी की जा सकती है.

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नई दिल्लीः करवा चौथ अब नजदीक है. करवा चौथ पर दिनभर महिलाएं जब अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं तो पतियों का भी यह फर्ज बनता है कि वो भी अपनी पत्नी को शाम को ऐसा गिफ्ट दें जिसे देखकर उनकी पत्नी खुश हो जाए. दिनभर की थकावट भूल जाए. अगर आप भी कोई ऐसे अनोखे गिफ्ट को खोज रहे हैं तो चले जाएं दिल्ली के छतरपुर के नेचर बाजार में जहां पर उड़ीसा की बेहद खूबसूरत और हाथों की बनी हुई ज्वेलरी लेकर प्रदीप साहू आए हुए हैं. सबसे खास बात यह है कि सोना चांदी बहुत महंगा चल रहा है.

सोना चांदी अब खरीद पाना आम जनता की पॉकेट के बाहर हो चुका है. ऐसे में अगर आप सोने और चांदी से भी ज्यादा खूबसूरत कोई ज्वेलरी अपनी पत्नी को गिफ्ट करना चाहते हैं तो यह ज्वेलरी आप अपनी पत्नी को गिफ्ट कर सकते हैं. यह देखने में एकदम असली सोने जैसी लगती है. इसकी शाइनिंग देखकर कोई भी अंदाजा नहीं लग पाएगा कि यह असली सोना है या नकली इसीलिए इस ज्वेलरी की डिमांड पूरे भारत भर में रहती है. जब से सोना चांदी महंगा हुआ है तब से इसकी डिमांड चार गुना बढ़ गई है.

इन तीन धातुओं की बनी है खूबसूरत ज्वेलरी
प्रदीप साहू ने बताया कि उनके पास गले के हार से लेकर कानों के झुमके, ब्रेसलेट से लेकर पायल तक मौजूद है. इसे रंग-बिरंगे खूबसूरत धागों से बनाया जाता है. मुख्य रूप से यह पीतल और तांबे की ज्वेलरी होती है. इसे पीट-पीटकर बनाया जाता है, जिस वजह से इसकी शाइनिंग बढ़ जाती है. देखने में यह असली सोने जैसा लगता है. यही वजह है कि लोग इसे खूब खरीदते हैं. उन्होंने बताया कि इसकी डिमांड पूरे भारत भर में रहती है. सोने चांदी से ज्यादा यह ज्वेलरी अब बिक रही है. उड़ीसा में वह बीते 35 सालों से यही काम कर रहे हैं. उनकी टीम में 25 महिलाएं और 10 पुरुष हैं. उन्होंने बताया कि पीतल और तांबे के अलावा जर्मन सिल्वर का इस्तेमाल करके इस ज्वेलरी को बनाया जाता है. इसमें डबल लाइन से लेकर ट्रिपल लाइन की ज्वेलरी तक मौजूद है.

35 लाख रुपए का है टर्नओवर
प्रदीप साहू ने बताया कि पिछले साल उनका टर्नओवर 35 लाख रुपए का रहा है, क्योंकि इस ज्वेलरी की बहुत ज्यादा डिमांड है. इसीलिए इसमें काम करने वाले कारीगर भी ज्यादा है. एक कारीगर एक दिन में कभी-कभी 500 रुपए से लेकर 1500 रुपए तक कमा लेते हैं. यह कमाई प्रतिदिन की हो जाती है, क्योंकि यह ज्वेलरी उड़ीसा के साथ ही पूरे भारत भर में जाती है. कीमत 300 रुपए से लेकर हजार रुपए तक है. फिलहाल नेचर बाजार में सी-7 नारायणी हैंडीक्राफ्ट के नाम से वह अपना स्टॉल लगाए हुए हैं. 3 नवंबर तक आप यहां पर जाकर खरीदारी कर सकते हैं.



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