जॉर्डन के ऐतिहासिक चर्च में कत्लेआम: गाड़ी से उतरे और तान दी एके-47, गोलीबारी में 7 की मौत और दर्जनों घायल


Agency:एजेंसियां

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Jordan Church Attack: जॉर्डन के कराक प्रांत में एक चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए. दो अज्ञात हमलावरों ने एके-47 और पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. राजधानी अम्मान से 145 किलोमीटर दूर हमूद कस्बे के ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में यह हमला हुआ. सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है.

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गाड़ी से उतरे और तान दी एके-47, जॉर्डन के ऐतिहासिक चर्च में कत्लेआम; 7 की मौतZoom

जॉर्डन के कराक में चर्च पर हमला, 7 लोगों की मौत. (File Photo : Reuters)

अम्मान: जॉर्डन के दक्षिणी प्रांत कराक में शुक्रवार (23 अक्टूबर) को दशहत फैल गई जब एक चर्च में चल रहे अंतिम संस्कार के दौरान अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं. इस दिल दहला देने वाले हमले में कम से कम 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. यह खूनी वारदात राजधानी अम्मान से लगभग 145 किलोमीटर दूर हमूद कस्बे के ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में हुई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रार्थना सभा में शांति से खड़े लोगों पर हमलावरों ने कई मिनट तक गोलियां चलाईं. अचानक हुई इस फायरिंग से वहां भगदड़ मच गई और पूरा परिसर खून से लथपथ हो गया. सूचना मिलते ही जॉर्डन के सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है.

अंतिम संस्कार के दौरान चर्च में आखिर कैसे घुसे हथियारबंद हमलावर?

चर्च में मौजूद लोगों के अनुसार यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था. एक गाड़ी से दो संदिग्ध हमलावर अचानक नीचे उतरे और उन्होंने बिना कुछ कहे भीड़ पर फायरिंग शुरू कर दी. प्रत्यक्षदर्शी खालिद बुरकान ने बताया कि अंतिम संस्कार में दर्जनों लोग शामिल थे. एक हमलावर के हाथ में एके-47 कलाश्निकोव राइफल थी जबकि दूसरे के पास पिस्टल थी.

दोनों हमलावरों ने कई मिनट तक लगातार गोलियां चलाईं जिससे किसी को संभलने का मौका नहीं मिला. चारों तरफ गोलियों की आवाजें और लोगों की चीखें गूंजने लगीं. हमला करने के बाद दोनों शूटर तेजी से मौके से फरार हो गए. घायल लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है.

इस वारदात के तुरंत बाद जॉर्डन सरकार के प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने एक्स पर एक बयान जारी किया. मोमानी ने कहा, ‘सुरक्षा एजेंसियां कराक में हुई इस हिंसक गोलीबारी की घटना की गहन जांच कर रही हैं.’ फिलहाल किसी भी आतंकी या विद्रोही संगठन ने इस हमले की सीधी जिम्मेदारी नहीं ली है.

पुलिस और सेना के जवान हमलावरों का सुराग लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं. अधिकारियों ने कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. स्थानीय प्रशासन ने चर्च और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे.

पश्चिम एशिया के अशांत माहौल के बीच जॉर्डन को एक सुरक्षित और स्थिर देश माना जाता रहा है. यही वजह है कि यहां इस तरह के संगठित हमले बेहद दुर्लभ होते हैं. जॉर्डन में ईसाई समुदाय अल्पसंख्यक है लेकिन यहां कई ऐतिहासिक और पवित्र बाइबिल स्थल मौजूद हैं. इन धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए दुनिया भर से बड़ी संख्या में ईसाई श्रद्धालु हर साल यहां पहुंचते हैं.

हालांकि हाल के महीनों में मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण पूरे इलाके की सुरक्षा पर असर पड़ा है.



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